• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

हज हाउस फिर से सजाएंगे शादी में शामियाने, बजेगी शहनाई

Writer D by Writer D
29/07/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, राजनीति, लखनऊ
0
Haj house

Haj house

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हज हाउस में अब शादियों के शामियाने सजाए जाएंगे और शहनाई की धुन भी गूंजेगी। प्रदेश सरकार राजधानी और गाजियाबाद के हज हाउस को कमाई का जरिया बनाने जा रही है। इसके लिये राज्य हज कमेटी दोनों हज हाउस को पीपीपी मॉडल पर देने के लिये प्रस्ताव तैयार करवा रही है।

प्रदेश के हज यात्रियों को ठहराने के लिये लखनऊ के सरोजनीनगर में सरकार ने 2006 में मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस बनवाया था। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हज यात्रियों को रवानगी के लिए तत्कालीन सपा सरकार ने 2016 में गाजियाबाद में भी हज हाउस का निर्माण कराया था। हज हाउस का उपयोग साल में एक बार हज से पहले सिर्फ तीन महीने के लिये होता है।

इसके रखरखाव पर राज्य हज कमेटी को काफी पैसा खर्च करना पड़ता है। राज्य हज कमेटी के सचिव राहुल गुप्ता ने बताया कि सरकार ने दोनों हज हाउस के व्यवसायिक इस्तेमाल के लिये पीपीपी मॉडल पर देने के लिये मंजूरी दी है। प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद इसके इस्तेमाल के लिए कंपनी से एक निश्चित रकम तय की जाएगी।

अमेठी में बनेगा स्मृति ईरानी का आशियाना, बेटे ने रखी आधार शिला

राज्य हज कमेटी की बीते चार सालों में आमदनी काफी हद तक घट गई है। हज कमेटी की कमाई हज के लिये होने वाले आवेदनों से होती है। आवेदकों से लिये जाने वाला 300 रुपये के शुल्क का आधा हिस्सा हज कमेटी ऑफ इंडिया और आधा हिस्सा राज्य हज कमेटी को हासिल होता है। ऐसे में जितने ज्यादा आवेदन उतनी ही हज कमेटी की कमाई होती है। हज यात्रा महंगा होने की वजह से प्रदेश से आवेदनों की संख्या में कमी आई तो हज कमेटी की कमाई भी घट गई। कोरोना काल में तो बीते दो साल से हज यात्रा ही निरस्त है। ऐसे में हज कमेटी की कमाई का जरिया भी ठप है। ऐसे में हज हाउस के रखरखाव पर होने वाला खर्च के लिए भी हज कमेटी को मुश्किल आ रही है।

बसपा सरकार में हज हाउस के रखरखाव में होने वाले खर्च को पूरा करने के लिये हज कमेटी ने साल 2007 में अपने स्तर पर लखनऊ के हज हाउस को शादियों के लिये बुक करना शुरू किया था। हालांकि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद यह व्यवस्था बंद कर दी गई। उस समय हज कमेटी को हज हाउस से सालाना करीब 10 से 12 लाख रुपये आमदनी आसानी से हो जाती थी।

Tags: exclusivehaj house ghaziabadhaj house lucknowLatest Lucknow News in HindiLucknow Hindi SamacharLucknow NewsLucknow News in Hindippp modelUP governmentलखनऊ समाचार
Previous Post

अमेठी में बनेगा स्मृति ईरानी का आशियाना, बेटे ने रखी आधार शिला

Next Post

छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद की सजा

Writer D

Writer D

Related Posts

Pradosh Vrat
Main Slider

आज रखा जाएगा प्रदोष व्रत, इस समय पूजा करने से दूर होगी आर्थिक तंगी

30/01/2026
Milk
Main Slider

रसोई में बार-बार गिर रही हैं ये चीजें तो हो जाएं अलर्ट, घर से चली जाती है सुख-समृद्धि

30/01/2026
Safety Pin
फैशन/शैली

सेफ्टी पिन में फंसकर फट जाते हैं साड़ी या दुपट्टा, तो इन टिप्स को करें अप्लाई

30/01/2026
Tomato
फैशन/शैली

डेड स्किन को गायब कर देगा टमाटर का इस्तेमाल, मिलेगी निखरी स्किन

30/01/2026
skin care in Monsoon
Main Slider

फीकी पड़ गई है त्वचा की चमक, तो ऐसे बनाएं ग्लोइंग स्किन

30/01/2026
Next Post
Imprisonment

छह साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को उम्रकैद की सजा

यह भी पढ़ें

Summer Holidays

बच्चों के गर्मी की छुट्टियों को बनाएं स्पेशल, ऐसे करें इसकी प्लानिंग

09/05/2024

सीएम योगी ने पीएम आवास योजना के निर्माणाधीन भवनों किया निरीक्षण

27/08/2022

बिकरू कांड: कानपुर में तैनात रहे ADM समेत कई अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी

17/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version