लखनऊ। समाजवादी पार्टी(सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) शासन में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गयी है, कोरोना पीडि़त होने पर चिकित्सकों और विधायकों तक को अस्पतालों में बेड नही मिले रहे है।
श्री यादव ने शनिवार को लखनऊ स्थित ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम भाइयों को ईदुज्जुहा की बधाई दी। ईदगाह के तैयब हाल में उन्होंने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि मौलानाओं तथा अन्य प्रतिष्ठित लोगों से मुलाकात की। मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली ने उनका इस्तकबाल किया।
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उन्होंने कहा कि कोरोना की महामारी से बचाव के लिए हमें सावधानी बरतनी चाहिए। मास्क लगाकर और आपस में दूरी बनाकर हमें अपनी सुरक्षा करनी होगी। पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों ने कोरोना संकट में प्रशंसनीय कार्य किया है जबकि उनके स्वास्थ्य के लिए भी चुनौती कम नहीं हैं। डाॅक्टरों, विधायकों को कोरोना पीड़ित होने पर भी बेड नहीं मिल रहा है। क्या यही भाजपा सरकार की कोरोना से निपटने की तैयारी है।
श्री यादव ने कहा कि साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में भाजपा सरकार ने कोई काम नहीं किया। आपसी सद्भाव बिगड़ा है। विकास कार्य रूक गए हैं। प्रदेश में लाॅकडाउन के दौरान श्रमिकों का विस्थापन बड़े पैमाने पर हुआ है। लोगों की रोजी-रोटी छूटी है। बेकारी बढ़ी है। अर्थव्यवस्था नीचे चली गई है। स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हुई हैं। समाजवादी सरकार द्वारा लखनऊ में निर्मित कैंसर इंस्टीट्यूट को अभी शुरू नहीं किया गया।
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उन्होंने कहा कि गोरखपुर में समाजवादी सरकार में 500 बेड का अस्पताल बना था। वह भी भाजपा सरकार चालू नहीं कर सकी। गोरखपुर में ही एम्स अस्पताल के लिए समाजवादी सरकार ने कीमती जमीन दी थी, उसके निर्माण में भी भाजपा सरकार की लापरवाही सामने आ चुकी है। इसके अलावा प्रदेश में मरीजों के लिए 108 एम्बूलेंस तथा महिला प्रसूताओं के लिए 102 एम्बूलेंस सेवाएं भी भाजपा राज में बर्बाद होकर रह गई हैं। प्रदेश में गम्भीर रोगों दिल, लीवर, कैंसर, किडनी के इलाज की समाजवादी सरकार में मुफ्त व्यवस्था की गई थी। एक रूपए के पर्चे पर सभी जांचे निःशुल्क थीं। समाजवादी सरकार ने जो जनहित की योजनाएं लागू की थी उन्हें बर्बाद कर दिया गया है।
श्री यादव ने कहा कि फिरंगीमहल लखनऊ का वह ऐतिहासिक स्थल है जहां 1921 एवं 1926 ई. में महात्मा गांधी जी आकर ठहरे थे। अब्दुल मजीद फिरंगीमहली और मौलाना अब्दुल बारी फिरंगी महली दो शख्सियतें थीं जिन्होंने गांधी जी की मेहमान नवाजी की। स्थानीय ईदगाह 300 वर्ष से वजूद में है।
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इस मौके पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगीमहली सहित मौलाना नईउर रहमान, एजाज अहमद, रशीद मिनाई, तारिक खान, मो0 यामीन खान, शराफत, सूफियान मौलाना, नईम अहमद, अदनान खान, सऊद रईस, सैफसलमान तथा रिजवान मौजूद थे।