• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते समय इन बातों का रखें ध्यान

Writer D by Writer D
15/02/2026
in धर्म, Main Slider, फैशन/शैली
0
Shivling

shivling

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

महा शिवरात्रि (Mahashivratri) का दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा के लिए बेहद खास दिन होता है। इस दिन माता पार्वती का शिवजी के साथ विवाह संपन्न हुआ था। इसलिए महा शिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव-गौरी की विधिवत पूजा की जाती है। द्रिक पंचांग के अनुसार, इस साल 15 फरवरी 2026 को महा शिवरात्रि है। शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। लोग शिवालियों में जाकर शिवलिंग ( Shivling) का जलाभिषेक करते हैं और मंदिरों में शिव विवाह का भी आयोजन किया जाता है। शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पूजा बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन शिवजी को फल, फूल, भांग,धतूरा और बेलपत्र अर्पित किया जाता है, लेकिन शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का सही नियम…

शिवलिंग ( Shivling) पर बेलपत्र कैसे चढ़ाएं?

शिवलिंग ( Shivling) पर हमेशा तीन पत्तों वाला बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। शिवलिंग पूजन के तीन से कम पत्तों वाले बेलपत्र का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। शिवजी को हमेशा विषम संख्या में बेलपत्र अर्पित करें। आप शिवजी को 3,7,11 या 21 बेलपत्र चढ़ा सकते हैं।

शिवलिंग ( Shivling) पर बेलपत्र चढ़ाते समय इस बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र का चिकना हिस्सा नीचे की ओर हो और शिवलिंग को स्पर्श करता हो। साथ ही बेलपत्र चढ़ाते समय ‘ऊँ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।

शिवलिंग पर गंदा बेलपत्र नहीं चढ़ाना चाहिए। साथ ही कटा-फटा और दाग-धब्बेदार बेलपत्र भी नहीं चढ़ाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शिवजी नाराज हो सकते हैं। यह भी ध्यान रखें कि बेलपत्र सूखा और मुरझाया न हो। पूजा के लिए ताजे बेलपत्र का इस्तेमाल करें।

महा शिवरात्रि (Mahashivratri) के दिन भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बेलपत्र पर ऊँ लिखकर शिवलिंग पर चढ़ा सकते हैं।

अगर शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए बेलपत्र नहीं है, तो शिवलिंग पर पहले से अर्पित बेलपत्र को पानी से साफल कर लें और उसे शिवजी को अर्पित कर दें। एक बार अर्पित किए गए बेलपत्र को धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जूठा नहीं माना जाता है।

कई बार लोग पहले बेलपत्र अर्पित करते हैं और फिर जल चढ़ाते हैं, लेकिन शिवलिंग पर पहले जल अर्पित करना चाहिए और इसके बाद भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।

Tags: maha shivratriMaha Shivratri 2026mahashivratriMahashivratri 2026
Previous Post

महाशिवरात्रि के व्रत में बनाएं चटपटी चाट, रोज होगी बनाने की डिमांड

Next Post

महाशिवरात्रि के दिन करें शिवजी का जलाभिषेक, जानें शिवलिंग पर जल चढ़ाने के सही नियम

Writer D

Writer D

Related Posts

eyeliner
फैशन/शैली

जानें कौन सा आईलाइनर लगाना है बेस्ट

15/05/2026
vitamin-b12
Main Slider

गेहूं के आटे में मिलाएं ये एक चीज, दूर होगी Vitamin-B12 की कमी

15/05/2026
Drinking water
फैशन/शैली

खाली पेट ये काम करने से इन में मिलती है राहत

15/05/2026
Suresh Khanna
Main Slider

सीएम योगी की प्रेरणा से ईंधन बचत अभियान को मिली नई रफ्तार, साइकिल से विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री

14/05/2026
CM Yogi
Main Slider

फसल और पशुधन नुकसान पर किसानों के साथ खड़ी योगी सरकार

14/05/2026
Next Post
Mahashivratri

महाशिवरात्रि के दिन करें शिवजी का जलाभिषेक, जानें शिवलिंग पर जल चढ़ाने के सही नियम

यह भी पढ़ें

Terrorists

बडगाम में मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को किया ढेर, दूसरा गिरफ्तार

07/08/2021
Nitish Kumar

कल 8वीं बार CM बनेंगे नीतीश कुमार, तेजस्वी होंगे डिप्टी सीएम

09/08/2022
Nawazuddin Siddiqui

नवाजुद्दीन सिद्दीकी : मेरे लिए सबसे बिजी ईयर होगा 2022

22/02/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version