• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

उच्च न्यायालय का अहम फैसला, बच्चा गोद लेने के लिए विरक्त पत्नी की पूर्व सहमति जरूरी

Writer D by Writer D
10/12/2020
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज, राजनीति
0
इलाहाबाद हाई कोर्ट Allahabad High Court

इलाहाबाद हाई कोर्ट

15
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि भले ही एक शादीशुदा हिंदू व्यक्ति ने अपनी पत्नी को छोड़ रखा है और वह उससे अलग जीवनयापन कर रहा है, लेकिन उसे तलाक नहीं दिया है, तो भी हिंदू दत्तक ग्रहण एवं गुजारा कानून के तहत एक बच्चे को गोद लेने के लिए उसे अपनी विरक्त पत्नी की पूर्व सहमति प्राप्त करना आवश्यक है।

न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने मऊ के भानु प्रताप सिंह द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश पारित किया। सिंह ने अपने चाचा राजेंद्र सिंह की मृत्यु के बाद प्रदेश के वन विभाग में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का अनुरोध किया था। याचिकाकर्ता के मुताबिक, राजेंद्र सिंह ने 2001 में उसे गोद लिया था। राजेंद्र सिंह ने अपनी पत्नी फूलमती को छोड़ दिया था और इस दंपति की कोई संतान नहीं थी।

राज्य के सभी निवासी देश के नागरिक हैं और इसे कोई बदल नहीं सकता : ममता बनर्जी

याचिका के मुताबिक, ऐसे में वह अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए पात्र था क्योंकि वह राजेंद्र सिंह का अकेला वारिस था और उन पर निर्भर था। राजेंद्र सिंह मृत्यु के समय वन विभाग के कर्मचारी थे।

वन विभाग ने 17 दिसंबर, 2016 को अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति की याचिकाकर्ता की अर्जी खारिज कर दी जिसे इलाहाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।

अदालत ने गत 25 नवंबर को वन विभाग द्वारा पारित आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और कहा कि गोद लेने की व्यवस्था कानून के मुताबिक नहीं थी।

किसानों के साथ वार्ता प्रगति पर है, आखिरी दौर में होने की उम्मीद : जावेडकर

अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा,  एक हिंदू पुरुष के लिए यह आवश्यक है कि बच्चा गोद लेने के लिए वह अपनी पत्नी की पूर्व अनुमति ले। इसमें कोई संदेह नहीं कि श्रीमती फूलमती राजेंद्र सिंह की मृत्यु होने तक उसकी पत्नी थी और दोनों के बीच कभी तलाक नही हुआ था, भले ही वे अलग अलग रह रहे थे।

Tags: allahabad highcourtlatest UP newsPrayagraj Newsup news
Previous Post

राज्य के सभी निवासी देश के नागरिक हैं और इसे कोई बदल नहीं सकता : ममता बनर्जी

Next Post

पांच साल की मासूम के साथ सामूहिक बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार

Writer D

Writer D

Related Posts

Yamuna swells at Syanachatti
Main Slider

उत्तराखंड में बारिश का कहर! यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, स्यानाचट्टी में होटलों तक पहुंची यमुना

31/07/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मंडियों का पुनरोद्धार हो, आधुनिक सुविधाओं से लैस हों सभी मंडियां: मुख्यमंत्री

31/07/2026
Mayawati
उत्तर प्रदेश

नाम बदलने की सियासत में मायावती की एंट्री, सरकार से की ये अपील

31/07/2026
shehzad poonawalla
Main Slider

भाजपा में सब ठीक नहीं? शहजाद पूनावाला के बायो ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

31/07/2026
Lucknow Nagar Nigam
Main Slider

भाजपा ने घोषित की नगर निगम की नई टीम, मुन्ना मिश्रा को मिली उपनेता की जिम्मेदारी

31/07/2026
Next Post
Rape

पांच साल की मासूम के साथ सामूहिक बलात्कार, आरोपी गिरफ्तार

यह भी पढ़ें

Explosion on railway track in Fatehgarh Sahib

सीरियल बम विस्फोट से मचा हड़कंप, बच्चे समेत कई लोग झुलसे

25/02/2022
mandir

घर पर बने मंदिर में जरूर रखें इन बातों का ध्यान

18/11/2021
Nora Fatehi ,Guru Randhawa and Salman Khan

Nora Fatehi और Guru Randhawa को नाचता देख Salman Khan भी लगे थिरकने

31/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version