• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जीवित्पुत्रिका व्रत में इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, इन मंत्रों का करें जाप

Writer D by Writer D
04/10/2023
in धर्म, फैशन/शैली
0
Jitiya Vrat

Jivitputrika vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत (Jivitputrika Vrat)मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक, 6 अक्टूबर को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाएगा। देश में कुछ स्थानों पर इस व्रत को जितिया (Jitiya Vrat) भी कहा जाता है।

पौराणिक मान्यता है कि इस व्रत को विधि-विधान के साथ रखने से विवाहित महिलाओं को पुण्य प्रताप की प्राप्ति होती है और संतान दीर्घायु होती है। इस व्रत के फलस्वरूप संतान तेजस्वी, ओजस्वी और मेधावी होती है। धार्मिक मान्यता है कि जो महिलाएं इस व्रत को रखती है, उनकी संतानों की रक्षा खुद भगवान श्रीकृष्ण करते हैं। यहां पंडित चंद्रशेखर मलतारे से जानें जीवित्पुत्रिका व्रत (Jivitputrika Vrat)का धार्मिक महत्व, शुभ मुहूर्त और मंत्र।

जीवित्पुत्रिका व्रत (Jivitputrika Vrat)का पौराणिक महत्व

पौराणिक मान्यता के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रही संतान को आशीर्वाद देकर जीवित कर दिया था। यही कारण है कि अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के पुत्र को जीवित्पुत्रिका (Jivitputrika Vrat) कहा गया था। इसी के फलस्वरूप हर वर्ष आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाता है।

इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा

हिंदू पंचांग के मुताबिक, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 6 अक्टूबर को प्रातः काल 06.34 मिनट से शुरू होगी और 7 अक्टूबर को सुबह 08.08 मिनट पर खत्म होगी। हिंदू पंचांग के मुताबिक, उदया तिथि के अनुसार 6 अक्टूबर को जितिया व्रत रखा जाना उचित होगा। जितिया व्रत के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.46 मिनट से दोपहर 12.33 मिनट तक है। 6 अक्टूबर को ही राहुकाल सुबह 10.41 मिनट से लेकर दोपहर 12.29 मिनट तक है।

इस मंत्र का करें जाप

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।

सदावसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि।।

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते,

देहि में तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः

Tags: Jivitputrika Vrat importancejivitputrika vrat kathaJivitputrika Vrat newsJivitputrika Vrat pujaJivitputrika Vrat shubh muhurtSignificance Of Jivitputrika Vrat
Previous Post

पितृ पक्ष में इन तिथियों पर जरूर करें श्राद्ध कर्म, नहीं होगी धन-धान्य की कमी

Next Post

करवा चौथ पर चांद से भी ज्यादा खूबसूरत दिखेंगी आप, आजमाए ये मेकअप ट्रिक्‍स

Writer D

Writer D

Related Posts

Amarnath Yatra
जम्मू कश्मीर

बाबा बर्फानी के जयकारों से गूंजा जम्मू! 3 जुलाई से शुरू होगी अमरनाथ यात्रा

01/07/2026
Dahi Paratha
Main Slider

ब्रेकफास्ट को बनाना है टेस्टी और हेल्दी, ट्राई करें ये लजीज डिश

01/07/2026
Upper Lip Hair
Main Slider

इन घरेलू नुस्खों से पाएं चेहरे के अनचाहे बालो से छुटकारा

01/07/2026
Mosquitoes
फैशन/शैली

मच्छरों की भिनभिनाहट से है परेशान, छुटकारा दिलाएगी ये चीजें

01/07/2026
धर्म

घर में तुलसी का पौधा लगाने से पहले जान लें ये बातें

01/07/2026
Next Post
Karwa Chauth

करवा चौथ पर चांद से भी ज्यादा खूबसूरत दिखेंगी आप, आजमाए ये मेकअप ट्रिक्‍स

यह भी पढ़ें

Akshaya Navami

अक्षय नवमी के दिन करें ये उपाय, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा

26/10/2025
CM Sai

सीएम साय ने किया गिरी गोवर्धन पर्वत-तामामुंडा में सांस्कृतिक मंडप का शुभारंभ

02/03/2024

कुशल प्रशासनिक व्यवस्था के कारण ही प्रदेश निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर : खन्ना

30/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version