• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

रिटायरमेंट से एक दिन पहले न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला ने दिया इस्तीफा

Writer D by Writer D
11/02/2022
in राष्ट्रीय, महाराष्ट्र
0
Justice Pushpa Ganediwala

Justice Pushpa Ganediwala

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नागपु। मुंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) के नागपुर बेंच की अतिरिक्त न्यायमूर्ति पुष्पा गनेडीवाला () ने त्यागपत्र दे दिया है। शुक्रवार 11 फरवरी न्यायमूर्ति गनेडीवाला के कार्यकाल का आखरी दिन है। शनिवार 12 फरवरी को वो रिटायर होनेवाली थीं।

कथित विवादित फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस गनेडीवाला के नाम की स्थायी जज के रूप में सिफारिश नहीं करने का फैसला किया था। बहरहाल, इस इस्तीफे के बाद वे हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट में अपनी प्रैक्टिस कर सकेंगी।

बॉम्बे हाईकोर्ट के वकील नितिन माने ने कंगना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, मानहानि का किया दावा

न्यायमूर्ति गनेडीवाला ने 19 जनवरी 2020 को पारित अपने फैसले में 12 साल की लड़की के साथ यौन अपराध केस में आरोपित को बरी किया था। इस फैसले में न्यायमूर्ति गनेडीवाला ने कहा था कि स्किन-टू-स्किन संपर्क में आए बिना किसी को छूना पोक्सो एक्ट के तहत यौन हमला नहीं माना जाएगा। यही नहीं, 5 साल की बच्ची का हाथ पकड़ने और पेंट खोलने को भी जस्टिस गनेडीवाला ने यौन उत्पीड़न नहीं माना था।

वहीं, एक अन्य फैसले में उन्होंने पत्नी से पैसे की मांग करने को उत्पीड़न करार नहीं दिया था। साथ ही आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी को रिहा कर दिया। इसके बाद उनका प्रमोशन रोक दिया गया था। जस्टिस गनेडीवाला के फैसलों पर अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि उनके आदेश खतरनाक मिसाल कायम करेंगे।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक्ट्रेस कंगना रनौत की तत्काल सुनवाई करने से किया इंकार

इसके पहले भी, केंद्र सरकार ने अतिरिक्त जज के रूप में उन्हें दो साल का विस्तार देने के कॉलेजियम के फैसले को लेकर असहमति जताई थी। यौन शोषण का सामना करने वाले बच्चों के प्रति उनकी असंवेदनशीलता के आधार पर केवल एक साल का विस्तार दिया था। बीते 18 नवंबर 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न प्रावधानों की जानकारी देते हुए जनवरी 2020 में पारित जस्टिस गनेडीवाला के दो फैसलों को रद्द कर दिया था।

Tags: Bombay high courtJustice Pushpa GanediwalaMaharashtra NewsMumbai Newsnagpur newsPune News
Previous Post

शेयर मार्केट में भूचाल, 1000 अंक नीचे लुढ़का सेंसेक्स

Next Post

घर से लापता अधेड़ की नदी में मिली लाश

Writer D

Writer D

Related Posts

Anand Bardhan
राजनीति

प्रदेश में उन्नत बागवानी की अपार संभावनाएं: मुख्य सचिव

25/05/2026
CM Dhami
राजनीति

CM धामी ने किया पंचायत जनप्रतिनिधियों से किया जन संवाद

25/05/2026
Anand Bardhan
राजनीति

भीषण गर्मी के बीच निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश, मुख्य सचिव ने ऊर्जा उपलब्धता की समीक्षा

25/05/2026
CM Dhami
राजनीति

हल्द्वानी में 6.75 करोड़ से बनेगा अत्याधुनिक कुमाऊँ मीडिया सेंटर, CM धामी ने किया शिलान्यास

25/05/2026
CM Dhami
राजनीति

खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने 89 लाख रुपये की विकास योजनाओं का लोकार्पण किया

25/05/2026
Next Post
Dead Bodies

घर से लापता अधेड़ की नदी में मिली लाश

यह भी पढ़ें

AK Sharma

सौ दिनों तक सभी नगरीय निकायों में चलेगा कूड़ा निस्तारण अभियान

07/01/2023
Supreme Court

ED किसी को बुलाती है तो उसको हाजिर होना ही होगा: सुप्रीम कोर्ट

28/02/2024
Suicide

प्रेमी युगल ने की आत्महत्या

05/06/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version