• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाकुम्भ में पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ कल्पवास की शुरुआत

Writer D by Writer D
13/01/2025
in Mahakumbh 2025, Main Slider, उत्तर प्रदेश, प्रयागराज
0
Kalpavas

Kalpavas

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

महाकुम्भ नगर। सनातन आस्था के महापर्व महाकुम्भ (Maha Kumbh) की शुरुआत, तीर्थराज प्रयागराज के संगम तट पर पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ शुरू हो गई है। भारत की सांस्कृतिक विविधता में आध्यात्मिक एकता का मनोरम दृश्य संगम तट पर देखने को मिल रहा है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आस्था की डोर में बंधे गंगा, यमुना, सरस्वती के पवित्र त्रिवेणी संगम में अमृत स्नान करने करोड़ों की संख्या में आ रहे हैं। इसके साथ ही महाकुम्भ (Maha Kumbh) की विशिष्ट परंपरा कल्पवास की भी शुरुआत हो गई है। पद्म पुराण और महाभारत के अनुसार संगम तट पर माघ मास में कल्पवास (Kalpavas) करने से सौ वर्षों तक तपस्या करने के समान पुण्य की प्राप्ति होती है। विधि-विधान के अनुसार लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम तट पर केला,तुलसी और जौं रोपकर एक महा व्रत और संयम का पालन करते हुए कल्पवास की शुरुआत की।

महाकुम्भ में पौष पूर्णिमा के स्नान के साथ कल्पवास (Kalpavas) की शुरुआत

तीर्थराज प्रयागराज में माघ मास में कल्पवास (Kalpavas) करने का विधान है, महाकुम्भ (Maha Kumbh) में कल्पवास करना विशेष फलदायी माना जाता है। इसलिये इस वर्ष अनुमान के मुताबिक 10 लाख से अधिक लोग संगम तट पर पूरे एक माह का कल्पवास करेंगे। कल्पवास के विधान और महात्म के बारे में तीर्थपुरोहित श्याम सुंदर पाण्डेय कहते हैं कि कल्पवास का शाब्दिक अर्थ है कि एक कल्प अर्थात एक निश्चित समयावधि में संगम तट पर निवास करना।

पौराणिक मान्यता के अनुसार माघ मास में पौष पूर्णिमा से माघ पूर्णिमा तक कल्पवास करने का विधान है। श्रद्धालु अपनी शारीरिक और मानसिक स्थित के अनुरूप तीन दिन, पांच दिन, ग्यारह दिन आदि का संकल्प लेकर भी कल्पवास करते हैं। पूरी तरह विधि-विधान से कल्पवास करने वाले साधक बारह वर्ष लगातार कल्पवास कर महाकुम्भ के अवसर पर इसका पारण करते हैं, जो कि शास्त्रों में विशेष फलदायी और मोक्षदायक माना गया है।

पद्म पुराण में है कल्पवास (Kalpavas) के नियम

कल्पवास को हमारे शास्त्रों और पुराणों में मानव की आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ मार्ग बताया गया है। वस्तुतः कल्पवास को सनातन परंपरा के अनुसार वानप्रस्थ आश्रम से संन्यास आश्रम में प्रवेश का द्वार माना गया है। एक माह संगम या गंगा तट पर विधिपूर्वक कल्पवास करने से मानव का आंतरिक एवं बाह्य कायाकल्प होता है।

पद्मपुराण में भगवान दत्तात्रेय ने कल्पवास (Kalpavas) के 21 नियमों का उल्लेख किया है, जिसका पालन कल्पवासी संयम के साथ करते हैं। जिनमें से तीनों काल गंगा स्नान करना, दिन में एक समय फलाहार या सादा भोजन ही करना, मद्य,मांस,मदिरा आदि किसी भी प्रकार के दुर्व्यसनों का पूर्णतः त्याग करना, झूठ नहीं बोलना,अहिंसा, इन्द्रियों पर नियंत्रण, दयाभाव और ब्रह्मचर्य का पालन करना, ब्रह्म मुहूर्त में जागना,स्नान, दान, जप, सत्संग, संकीर्तन, भूमि शयन और श्रद्धापूर्वक देव पूजन करना शामिल है।

नियम, व्रत और संयम का पालन करते हुए पूरा होगा कल्पवास (Kalpavas)

पौराणिक मान्यता और शास्त्रों के अनुसार पौष पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में संगम स्नान कर, भगवान शालिग्रमा और तुलसी की स्थापना कर, उनका पूजन किया। सभी कल्पवासियों को उनके तीर्थपुरोहितों ने पूजन करवा कर हाथ में गंगा जल और कुशा लेकर कल्पवास का संकल्प करवाया। इसके साथ ही कल्पवासियों ने अपने टेंट के पास विधिपूर्वक जौं और केला को भी रोंपा। सनातन परंपरा में केले को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है।

महाकुम्भ में नजर आ रहा कारोबार और परोपकार का संगम

कल्पवासी पूरे माघ मास केला और तुलसी का पूजन करेंगे। तीनों काल में सभी कल्पवासी नियम पूर्वक गंगा स्नान, जप, तप, ध्यान, सत्संग और पूजन करेंगे। कल्पवास के काल में साधु-संन्यसियों के सत्संग और भजन-कीर्तन करने का विधान है। कल्पवासी अपने मन को सांसरिक मोह से विरक्त कर आध्यात्मिक उन्नति के मार्ग की ओर ले जाता है।

Tags: maha kumbhMaha Kumbh 2025Maha Kumbh2025mahakumbh2025
Previous Post

एकता का महाकुम्भ: पिंकी की मम्मी एक नंबर ब्रिज पर पहुंचें…, लाउडस्पीकर पर नाम सुनकर अपनों से मिले अपने

Next Post

उमर अब्दुल्ला ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- आपने 4 महीने में वादा पूरा किया

Writer D

Writer D

Related Posts

MP Brijlal targets Akhilesh Yadav.
उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में सपा सरकार ने चौपट किया शिक्षा व्यवस्था : सांसद बृजलाल

15/08/2026
Sanjay Nishad's sarcasm on Akhilesh Yadav
उत्तर प्रदेश

एनडीए सरकार दे रही उजड़ी जातियों को अधिकार और सम्मान : संजय निषाद

15/08/2026
Kaushal Vikas Mission
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार की नई पहल : स्वतंत्रता दिवस पर कौशल विकास मिशन ने लॉन्च किया ‘कौशल संपर्क’ क्यूआर कोड

15/08/2026
CM Dhami
Main Slider

विकसित भारत के निर्माण में सभी की भागीदारी जरूरी: CM Dhami

15/08/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

सीतापुर में सीएम योगी का ऑपरेशन एक्शन, चौकी इंचार्ज निलंबित, एसएचओ खिलाफ जांच शुरू

15/08/2026
Next Post
Omar Abdullah

उमर अब्दुल्ला ने की PM मोदी की तारीफ, बोले- आपने 4 महीने में वादा पूरा किया

यह भी पढ़ें

Life Imprisonment

हत्या के पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 10-10 हजार के अर्थदण्ड की सजा

04/09/2022
expensive phones

महंगे फोन खरीदने में असमर्थ हैं तो सेकेंड हैंड के मार्केट से खरीदे अपना पसन्दीदा फोन

22/04/2021
ASP Akash Rao Giripunje

नक्सलियों के बिछाए जाल में फंसे अफसर , IED ब्लास्ट में शहीद हुए ASP

09/06/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version