ईरान में विरोध-प्रदर्शन के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई (Khamenei) ने अमेरिका और इजराइल को सख्त चेतावनी दी है। खामनेई ने कहा कि हम अपनी सीमा कभी नहीं भूलते हैं, लेकिन अगर कोई हम पर हमला करने की कोशिश करेगा, तो उसे उसकी कीमत चुकानी होगी। खामेनेई का यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जरूरत पड़ने पर एंट्री की कोशिश की बात कही है।
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद आवाम को संबोधित करते हुए खामेनेई (Khamenei) ने कहा- इजराइल और अमेरिका बड़ी साजिश में लगा है, लेकिन उसकी साजिश कामयाब नहीं हो पाएगी। यहां के लोग इस साजिश को भली-भांति समझते हैं। हम अमेरिका के आगे नहीं झुकने वाले हैं।
अयातुल्लाह अली ने आगे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप को अपने देश पर ध्यान देना चाहिए। उनके दबाव में ईरान पीछे नहीं हटने वाला है। ईरान एक संप्रभु राष्ट्र है। अगर किसी को यह गफलत है तो हम पर हमला करके देख लें।
ईरान में खामेनेई (Khamenei) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन
ईरान में 27 दिसंबर को अली खामेनेई (Khamenei) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की शुरुआत हुई। विरोध प्रदर्शन का झंडा सबसे पहले व्यापारियों ने उठाया। महंगाई के खिलाफ व्यापारियों ने पूरे देश में विरोध किया। इसके बाद ईरान में विरोध प्रदर्शन को छात्र और महिलाओं का भी समर्थन मिला।
वर्तमान में ईरान के 46 शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहा है। ईरान के राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत करने का ऑफर दिया है। ईरान सरकार ने प्रदर्शन को खत्म करने के लिए हर नागरिक को 7 डॉलर रुपए प्रतिमाह देने की भी घोषणा की है। हालांकि, अब तक प्रदर्शन पर इसका असर नहीं देखने को मिला है।









