28 फरवरी 2026 की तारीख ईरान के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों (US-Israeli Attack) ने ईरान के मिनाब शहर में एक प्राइमरी स्कूल को निशाना बनाया, जिसमें 160 से ज्यादा मासूम स्कूली बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। मंगलवार (3 मार्च) को जब इन नन्हीं बच्चियों के छोटे-छोटे ताबूत एक कतार में रखे गए, तो पूरा शहर फफक-फफक कर रो पड़ा। जिन माता-पिता ने सुबह अपनी बेटियों को स्कूल की ड्रेस पहनाकर विदा किया था, उन्हें क्या पता था कि शाम को उन्हें अपनी लाडलियों को कफन में देखना पड़ेगा।
मिनाब शहर में आयोजित इस सामूहिक जनाजे में हजारों की तादाद में लोग उमड़ पड़े। मंजर इतना दर्दनाक था कि पत्थर दिल इंसान की आँखों में भी आंसू आ जाएं। जनाजे की नमाज के बाद जब एक साथ इन मासूमों की अंतिम यात्रा निकली, तो सड़कों पर केवल सिसकियां और अपनों को खोने का चीख-पुकार सुनाई दे रही थी।
इस दौरान कई लोग ईरान का झंडा और दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीरें हाथों में लिए नजर आए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कैसे पूरा शहर इन ‘नन्हीं कलियों’ को आखिरी विदाई देने के लिए सड़कों पर उतर आया है।
Funeral procession for the 165 school girls killed by the US and Israeli Joint Forces attack on Minab Elementary School in Iran is currently underway in Iran.
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) March 3, 2026
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस त्रासदी की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें साझा की हैं, जिनमें बच्चियों को दफनाने के लिए एक साथ दर्जनों कब्रें खोदी जा रही हैं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए इस हमले को ‘कोल्ड-ब्लडेड मर्डर’ (बेरहमी से की गई हत्या) करार दिया। अराघची ने कहा, “मिस्टर ट्रंप जिस ‘बचाव’ का वादा कर रहे थे, वह असल में मासूमों के शरीर के टुकड़े करने जैसा दिख रहा है।” उन्होंने चेतावनी दी कि दिनदहाड़े एक प्राइमरी स्कूल पर की गई इस बमबारी और ईरानी लोगों के खिलाफ किए गए इन अपराधों का कड़ा जवाब दिया जाएगा।









