• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जानें पहले किसे मिलेगा कोरोना का टीका, चल रहा मंथन

Desk by Desk
31/07/2020
in Main Slider, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय
0
कोरोना वैक्सीन

कोरोना वैक्सीन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। कोविड-19 का टीका विकसित होने के बाद सबसे पहले किसे दिया जाए, इस पर गहन मंथन चल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के ओएसडी राजेश भूषण ने इस महामारी के खिलाफ बन रहे टीके को लेकर विज्ञान एवं नैतिकता के पहलुओं पर चर्चा के लिए पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में यह बात कही। वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर हुई संगोष्ठी में उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर और बाहर हर जगह यह चर्चा का विषय है कि टीका पहले किसे उपलब्ध होना चाहिए। संगोष्ठी का आयोजन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) ने किया था।

भूषण ने कहा, ‘इस बात पर एक राय बन रही है कि फ्रंटलाइन वर्कर्स को सबसे पहले टीका लगना चाहिए। हालांकि इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाया है। सवाल यह भी है कि अगर फ्रंटलाइन वर्कर्स को सबसे पहले टीका लगाया गया तो उसके बाद किसका नंबर आएगा और टीका किस क्रम में उपलब्ध कराया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि विचार-विमर्श इस बात पर भी चल रहा है कि क्या बुजुर्ग लोगों को प्राथमिकता में रखना चाहिए, या फिर उन्हें प्राथमिकता में रखा जाए जिन्हें पहले से कई बीमारियां हैं या कमजोर सामाजिक-आर्थ‍िक स्थिति वालों को आगे रखा जाए, जिनकी प्रतिरक्षा शक्ति कमजोर है।

राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार के कांग्रेस विधायकों को जैसलमेर किया शिफ्ट

सरकार के भीतर नीति निर्माता इन सवालों का हल ढूंढ़ने में लगे हुए हैं। नीति आयोग के सदस्य और कोविड-19 राष्ट्रीय कार्यबल में शामिल वीके पॉल ने कहा कि इस बात पर सक्रियता से विमर्श हो रहा है कि टीका विकसित होने के बाद किन लोगों को प्राथमिकता में रखा जाए। इस संबंध में भारत वैज्ञानिक एवं नैतिक सिद्धांतों के आधार पर बढ़ेगा। हम ऐसी स्थिति नहीं बनने दे सकते कि अमीरों को टीका मिल जाए और गरीब बचे रह जाएं।

आयोजन में शामिल रहे अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भी इस विषय पर चर्चा की। अमेरिका के हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के मार्क लिपसिच ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीके का वितरण आबादी के आधार पर होना चाहिए। स्वास्थ्यकíमयों की संख्या के आधार पर देशों में टीके का वितरण सही तरीका नहीं होगा। विशेषज्ञों ने इस बात पर भी जोर दिया कि टीका विकसित करने की जल्दी में मानकों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कहा कि टीका बनने के बाद चार बड़ी चुनौतियां होंगी। पहली चुनौती होगी प्राथमिकता तय करना और जरूरतमंद तबके तक टीका पहुंचाना, दूसरी चुनौती होगी वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन एवं लॉजिस्टिक्स की व्यवस्था, तीसरी चुनौती होगी वैक्सीन को संभालकर रखने (स्टॉक बनाने) की और चौथी चुनौती होगी ऐसे लोगों को प्रशिक्षित करने की जो टीका लगाएंगे। इन चारों बिंदुओं पर भारत को अहम भूमिका निभानी होगी और मैं भरोसा दिलाता हूं कि भारत पूरी जिम्मेदारी के साथ भूमिका निभाएगा।

डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का दिया सुझाव

बंदरों पर कारगर ऑक्सफोर्ड का टीका

इस बीच, विज्ञान पत्रिका नेचर में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवíसटी द्वारा विकसित टीका बंदरों पर बहुत प्रभावी पाया गया है। यह बंदरों को कोविड-19 के कारण होने वाली गंभीर परेशानियों से बचाने में कारगर रहा। इससे बंदरों के फेफड़े को नुकसान नहीं पहुंचा और वायरस की वृद्धि भी कम हुई। फिलहाल यह टीका ह्यूमन ट्रायल के तीसरे चरण में है। अमेरिकी फर्म मॉडर्ना का टीका भी परीक्षण के अंतिम चरण में है। हालांकि अभी यह तय नहीं किया जा सकता है कि टीका बाजार में कब तक उपलब्ध हो पाएगा।

Tags: #novel coronavirus infectionBalram BhargavaCoronavirus national taskforceCoronavirus Patients treatmentsCOVID-19COVID-19 vaccinefrontline healthcare workersHPCommonManIssuesicmrICMR on ethics of vaccinesIndian Medical Research InstituteInternational Symposium on ethics of vaccinesMinistry of Health and Family WelfareNITI Aayog member VK PaulPolicymakers on Coronavirus VaccineRajesh BhushanVaccines against COVID-19who get vaccine firstआईसीएमआरकोरोना वैक्सीनकोरोना वैक्सीन की
Previous Post

डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव को स्थगित करने का दिया सुझाव

Next Post

देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के रिकॉर्ड 55 हजार से ज्यादा मामले, 779 लोगों की मौत

Desk

Desk

Related Posts

Main Slider

सीएम योगी का उपहार: लखनऊ में दस लाख लोगों को मिलेगा अपना घर

24/09/2026
Main Slider

उत्तराखण्ड की जनता स्थायित्व और विकास चाहती है : मुख्यमंत्री

24/09/2026
उत्तराखंड

खटीमा में मुख्यमंत्री धामी ने 7.23 करोड़ की गौशाला का किया लोकार्पण, 108\.84 करोड़ की 15 योजनाओं का शिलान्यास

24/09/2026
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने 306 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं को दी मंजूरी

23/09/2026
उत्तराखंड

बद्रीनाथ में बना आस्था का नया कीर्तिमान

23/09/2026
Next Post
बस्ती में 38 नये कोरोना पॉजिटिव मिले

देश में बीते 24 घंटों में कोरोना के रिकॉर्ड 55 हजार से ज्यादा मामले, 779 लोगों की मौत

यह भी पढ़ें

panchayat chunav

जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव का इंतजार हुआ ख़त्म, तारीखों का हुआ ऐलान

14/06/2021
Diabetes

ब्लड शुगर बढ़ने का संकेत करती हैं ये चीजें

17/02/2026

विश्व में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.75 करोड़ के पार, 13.71 लाख कालकवलित

21/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version