• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

लखीमपुर हिंसा: SIT में शामिल हुए 3 IPS, हाईकोर्ट के पूर्व जज करेंगे जांच की निगरानी

Writer D by Writer D
17/11/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय, लखीमपुर खीरी
0
Lakhimpur Kheri violence

Lakhimpur violence case

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को लखीमपुर हिंसा केस में सुनवाई हुई। इस दौरान कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस राकेश कुमार जैन को मामले की जांच की निगरानी के लिए नियुक्त किया है। कोर्ट ने कहा, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी है।

इसके अलावा तीन IPS अधिकारियों को भी यूपी एसआईटी टीम में शामिल किया गया है। ये अफसर एस बी शिरोडकर, दीपिंदर सिंह और पद्मजा चौहान हैं। कोर्ट इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने और जस्टिस राकेश जैन की रिपोर्ट के बाद सुनवाई करेगा।

लखीमपुर हिंसा केस में पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं है। ऐसे में जांच की निगरानी के लिए एक हाईकोर्ट के जज की नियुक्ति की जरूरत है। साथ ही कोर्ट ने कहा था कि हमें यह कहते हुए दुख हो रहा है कि प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि एक विशेष आरोपी को 2 एफआईआर में ओवरलैप करके लाभ दिया जा रहा है। उसके बचाव में सबूत जुटाए जा रहे हैं।

मंगेतर ने शादी से पहले संबंध बनाए से लिए इंकार, तो युवक ने तोड़ दिया रिश्ता

चीफ जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की थी। बेंच ने कहा था, SIT जो इस मामले की जांच कर रही है वो दोनों FIR के बीच अंतर नही कर पा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों FIR की अलग-अलग जांच होनी चाहिए। अलग-अलग ही चार्जशीट दाखिल होनी चाहिए। किसी तरह का घालमेल ना हो।

Tags: ashish mishralakhimpur violenceLakhimpur violence caseSupreme Courtup news
Previous Post

मंगेतर ने शादी से पहले संबंध बनाए से लिए इंकार, तो युवक ने तोड़ दिया रिश्ता

Next Post

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सपा सरकार की देन, विकास आधा अधूरा : अखिलेश

Writer D

Writer D

Related Posts

marriage
Main Slider

शादी की पार्टी में शामिल होने के दौरान न करें ये गलतियां

07/02/2026
CM Vishnudev
राजनीति

स्थानीय जरूरतों और जन आकांक्षा के अनुरूप स्वीकृत होंगे विकास कार्य: सीएम

06/02/2026
PM Modi
Main Slider

‘बस्तर ओलिंपिक’ बना बस्तर की नई पहचान: पीएम मोदी

06/02/2026
Dr. R. Rajesh Kumar
राजनीति

डॉ. आर. राजेश कुमार ने किया निर्माणाधीन मल्टी लेवल पार्किंग का स्थलीय निरीक्षण

06/02/2026
India won the Under-19 World Cup for the sixth time.
Main Slider

वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा इंग्लैंड का सपना… भारत छठी बार बना चैंपियन

06/02/2026
Next Post

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे सपा सरकार की देन, विकास आधा अधूरा : अखिलेश

यह भी पढ़ें

राम मंदिर का शिलान्यास

संजय के परिवार को है राम मंदिर भूमि पूजन में निमंत्रण का इंतजार, बेटी बोली – पापा ने दी थी जान

24/07/2020
cm dhami

सीएम धामी ने उप्र एवं उत्तराखण्ड के मध्य अवशेष आस्तियों एवं दायित्वों के मामलों की समीक्षा की

02/07/2025
JEE Main

RO-ARO प्री-2023 की परीक्षा की डेट की घोषणा, इतने घंटे का होगा एग्जाम

20/03/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version