• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जाने कब से शुरू हो रहे हैं पितृपक्ष, जानें तर्पण का महत्व

Writer D by Writer D
13/09/2023
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
pitru paksha

pitru paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha) का विशेष धार्मिक महत्व है। पंडित प्रभु दयाल दीक्षित के मुताबिक, पितृपक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल Pitru Paksha की शुरुआत भादो माह की पूर्णिमा तिथि से होती है और अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर इसका समापन होता है।

जानें कब से पितृपक्ष (Pitru Paksha) की होगी शुरुआत

हिंदू पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष (Pitru Paksha) की शुरुआत 29 सितंबर 2023 से हो रही है और इसका समापन 14 अक्टूबर को होगा। पंडित प्रभु दयाल दीक्षित के मुताबिक, इस साल अधिक मास होने के कारण सावन माह 59 दिनों का है। इस कारण से सभी व्रत-त्योहार 12 से 15 दिन देरी से आएंगे। हर साल पितृपक्ष सितंबर माह में समाप्त हो जाते हैं, लेकिन अधिक मास के कारण इस साल अक्टूबर के मध्य तक चलेंगे।

श्राद्ध की तिथियां

29 सितंबर – पूर्णिमा श्राद्ध

30 सितंबर – प्रतिपदा श्राद्ध , द्वितीया श्राद्ध

01 अक्टूबर – तृतीया श्राद्ध

02 अक्टूबर – चतुर्थी श्राद्ध

03 अक्टूबर – पंचमी श्राद्ध

04 अक्टूबर – षष्ठी श्राद्ध

05 अक्टूबर – सप्तमी श्राद्ध

06 अक्टूबर – अष्टमी श्राद्ध

07 अक्टूबर – नवमी श्राद्ध

08 अक्टूबर – दशमी श्राद्ध

09 अक्टूबर – एकादशी श्राद्ध

11 अक्टूबर – द्वादशी श्राद्ध

12 अक्टूबर – त्रयोदशी श्राद्ध

13 अक्टूबर – चतुर्दशी श्राद्ध

14 अक्टूबर – सर्व पितृ अमावस्या

जानें क्या है पितृ पक्ष (Pitru Paksha) में श्राद्ध का महत्व

– पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करके श्राद्ध कर्म किया जाता है।

– पितृपक्ष में पितरों को तर्पण देने का विशेष महत्व है।

– श्राद्ध कर्म करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

– श्राद्ध का अर्थ श्रद्धापूर्वक पितरों को प्रसन्न करने से है।

– पितृपक्ष (Pitru Paksha) में हर साल पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण और हवन आदि किया जाता है। जो लोग पितृपक्ष (Pitru Paksha) में पितरों का तर्पण नहीं करते, उन्हें पितृदोष लगता है।

पितृपक्ष (Pitru Paksha) में न करें ये काम

ज्योतिष के मुताबिक, पितृपक्ष में ब्राह्मणों को भोज कराया जाता है। इसके अलावा गृह प्रवेश, कान छेदन, मुंडन, शादी, विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं कराए जाते हैं। इस दौरान कोई भी नए कपड़े नहीं खरीदे जाते हैं।

Tags: pitru pakshaPitru Paksha 2023Pitru Paksha datePitru Paksha importance
Previous Post

इस करवा चौथ पर करें ये खास उपाय, घर में होगी धन की बरसात

Next Post

जीवन में इन लोगों से न करें दोस्ती, हो जाएंगे बर्बाद

Writer D

Writer D

Related Posts

Marriage
धर्म

दूर होगी विवाह में आ रही बाधा, बस करें ये आसान उपाय

14/12/2025
Pizza Pocket
खाना-खजाना

घर में बनाएं पिज्जा पॉकेट, बच्चे खुशी से उछल पड़ेंगे

14/12/2025
Rain
धर्म

ये पानी दूर करेगा आपकी परेशानी, जानें इस्तेमाल का तरीका

14/12/2025
broken cups
Main Slider

बेकार सामान से बनाएं घर की सजावट के लिए सामान

14/12/2025
अब भाषा नहीं बनेगी दीवार, आपका हेडफोन ही बन जाएगा LIVE ट्रांसलेटर, Google ने किया कमाल
Main Slider

आपका हेडफोन ही बनेगा LIVE ट्रांसलेटर, Google ने किया कमाल

14/12/2025
Next Post
Friendship

जीवन में इन लोगों से न करें दोस्ती, हो जाएंगे बर्बाद

यह भी पढ़ें

कोविड-19

नकली नोट मामले में पकड़े गए दंपति कोरोना पॉजिटिव, सरकारी अस्पताल में क्वारंटाइन

03/08/2020

‘ये हैं मोहब्बतें’ के एक्टर अभिषेक मलिक ने गर्लफ्रेंड संग रचाई शादी

20/10/2021

नए साल में पैदा हुईं लाडलियों को बांटे सोने-चांदी के लॉकेट

02/01/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version