• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नाबालिग के अपहरण और बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास

Writer D by Writer D
03/11/2023
in उत्तर प्रदेश, क्राइम, मथुरा
0
Life Imprisonment

life imprisonment

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

मथुरा। उत्तर प्रदेश में मथुरा की एक अदालत ने नाबालिग बालिका के अपहरण और बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास (Life Imprisonment) के साथ 55 हजार का जुर्माना अदा करने का आदेश गुरूवार को दिया।

अभियोजन पक्ष के अनुसार पीड़िता के पिता ने 9 जून 2020 को थाना कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसकी 15 वर्र्षीय पुत्री (पीड़िता) को शाम 4-5 बजे मोहन भगा ले गया तथा रात करीब एक बजे उसके के घर पर फोन आया था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर थाना कोतवाली मथुरा, जिला मथुरा पर अभियुक्त मोहन के विरूद्ध मुकदमा धारा 363/ 366 आईपीसी के अन्तर्गत 11 जून 2020 को पंजीकृत किया गया था।

विवेचक द्वारा उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर प्रथम दृष्टया साक्ष्य पाते हुए अभियुक्त मोहन के विरूद्ध धारा 363, 366, 376 भारतीय दण्ड संहिता व 3/4 पोक्सो एक्ट में आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था। स्पेशल डीजीसी पाॅक्सो ऐक्ट अलका उपमन्यु ने बताया कि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अभियुक्त के गरीब होने और परिवार की जिम्मेदारी होने के कारण कम सजा देने की प्रार्थना की थी । स्पेशल डीजीसी के अनुसार उन्होंने इसे जघन्य अपराध मानते हुए अधिकतम दण्ड देने का अनुरोध अदालत से किया था।

अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पाॅक्सो ऐक्ट रामकिशोर यादव ने आज अभियुक्त मोहन को पोक्सो अधिनियम 2012 की धारा – 4 मे को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास (Life Imprisonment) एवम 50. हजार अर्थ दण्ड और अर्थ दंड न देने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास , धारा 366 भारतीय दंड संहिता के अपराध में 7 वर्ष का कठोर कारावास तथा रू. 3000 अर्थ दंड तथा अर्थ दंड न देने पर 20 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास , धारा 363 आईपीसी में 5 वर्ष का कठोर कारावास तथा रू. 2000 अर्थ दंड , अर्थ दंड न देने पर 20 दिन का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतने का आदेश दिया है। अभियुक्त द्वारा जेल में बितायी गयी अवधि इस सजा में समायोजित की जाएगी तथा सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी।

Tags: crime newsmathura newsup news
Previous Post

गांजा तस्कर बांदा में गिरफ्तार

Next Post

बेटे ने फावड़ा मारकर की माता-पिता की हत्या

Writer D

Writer D

Related Posts

Biogas plant
उत्तर प्रदेश

गो संरक्षण विशेष: उत्तर प्रदेश में गांवों के एक लाख घरों में लगेंगे मिनी बायोगैस प्लांट

13/06/2026
panchayati raj
उत्तर प्रदेश

पंचायती राज विभाग ने पांच वर्षों में रचा विकास का नया इतिहास

13/06/2026
Keshav Maurya
उत्तर प्रदेश

मोदी सरकार के 12 वर्ष: युवा शक्ति की सामर्थ्य को नई दिशा देने वाले वर्ष : केशव प्रसाद मौर्य

13/06/2026
Gorakhpur International Cricket Stadium
उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में तेजी से आकार ले रहा गोरखपुर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम, पूर्वांचल को मिलेगी नई पहचान

13/06/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी ने बीएचयू में निर्माणाधीन ‘नेशनल सेंटर फॉर एजिंग’ का किया निरीक्षण

13/06/2026
Next Post
Murder

बेटे ने फावड़ा मारकर की माता-पिता की हत्या

यह भी पढ़ें

CM Vishnudev Sai

वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अर्पित की श्रद्धांजलि

26/02/2026
Collision

तेज रफ्तार डंपर ने मारी ऑटो को टक्कर, 5 यात्री घायल

06/10/2022
vacciantion

यूपी में कोरोना वैक्सीन ड्राई रन का आखरी दिन, सीएम योगी खुद करेंगे निगरानी

11/01/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version