महाकुम्भ नगर। महाकुम्भ 2025 (Maha Kumbh) के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि (Mahashivratri) पर 26 फरवरी 2025 को करोड़ों श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के जयघोष के साथ संगम व अन्य स्नान घाटों पर पवित्र डुबकी लगाई। श्रद्धालु स्नान के बाद मनकामेश्वर मंदिर, सोमेश्वर नाथ मंदिर, वेणी माधव मंदिर एवं नागवासुकी मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन-पूजन, जलाभिषेक एवं दान-अनुष्ठान कर पुण्य अर्जित करते दिखे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन, सुरक्षित स्नान और दर्शन-पूजन के लिए व्यापक पुलिस प्रबंधन किया गया। सुरक्षा की दृष्टि से नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी, घुड़सवार पुलिस एवं अर्धसैनिक बल के जवानों को तैनात किया गया। संगम क्षेत्र में जल पुलिस, मोटर बोट और गोताखोरों की तैनाती कर स्नान घाटों पर लगातार सतर्क निगरानी रखी गई।
सीसीटीवी व पब्लिक एड्रेस सिस्टम से कड़ी निगरानी
मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से हर गतिविधि पर नजर रखी गई। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए श्रद्धालुओं को सावधानीपूर्वक स्नान और दर्शन-पूजन करने की अपील की गई, ताकि वे सुरक्षित अपने गंतव्य तक लौट सकें।
श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात प्रबंधन
श्रद्धालुओं को किसी असुविधा से बचाने के लिए मेला क्षेत्र में शिवालयों के निकट ही पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे उन्हें न्यूनतम पैदल चलना पड़े।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान
पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण (IPS) एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी (IPS) मेला क्षेत्र में मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते रहे। उन्होंने शिवालयों का भ्रमण कर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की कुशलक्षेम पूछी और उनका उत्साहवर्धन किया।
भक्तिभाव और आस्था का अद्भुत नजारा
महाशिवरात्रि (Mahashivratri) स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं में असीम उत्साह देखने को मिला। करोड़ों भक्तों ने संगम व अन्य घाटों पर आस्था की डुबकी लगाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।