• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

नए शहरों की स्थापना-विकास के लिए बनाएं कार्ययोजना: सीएम योगी

Writer D by Writer D
09/08/2022
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
cm yogi

cm yogi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने मंगलवार को उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के समग्र विकास के लिए विविध कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, साथ ही आगामी दिसम्बर 2022 से दिसंबर 2023 की अवधि में भारत की अध्यक्षता में होने वाले -20 सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए उच्चाधिकारियों का मार्गदर्शन भी दिया। उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री  द्वारा दिये गए दिशा-निर्देश के प्रमुख बिंदु…

■ प्रधानमंत्री  के यशस्वी नेतृत्व में भारत को आगामी दिसंबर 2022 से दिसंबर 2023 तक विश्व के बड़े राष्ट्रों के समूह -20 की अध्यक्षता करने का सुअवसर मिलने जा रहा है। यह वैश्विक समारोह उत्तर प्रदेश के लिए अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। यह कार्यक्रम ब्रांड यूपी को दुनिया से परिचय कराने का शानदार मंच है। हमें इस वैश्विक समारोह का लाभ लेना चाहिए। ‘नए भारत के नए उत्तर प्रदेश’ के पोटेंशियल से पूरी दुनिया परिचित हो, इसके लिए हमें प्रदेश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विशेषताओं को सुव्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में एक बेहतर कार्ययोजना तैयार की जानी चाहिए।

■ भारत की अध्यक्षता वाले -20 के एक वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, लखनऊ आगरा और ग्रेटर नोएडा में अलग-अलग कार्यक्रम होने प्रस्तावित हैं। इन जनपदों में ‘अतिथि देवो भव’ की भारतीय भावना के अनुरूप आयोजन को भव्य बनाने की तैयारी की जाए।

■  प्रधानमंत्री  ने भारत को ‘मदर ऑफ डेमोक्रेसी’ की संज्ञा दी है। उत्तर प्रदेश के पास समृद्ध इतिहास की विरासत है। -20 के मंच पर प्रदेश की प्राचीन कला, संस्कृति, इतिहास, पुरातात्विक विशिष्टताओं का संकलन कर प्रस्तुत किया जाना चाहिए। इस कार्य के लिए आवश्यकतानुसार इतिहासकारों, पुरातत्व विशेषज्ञों, कला-संस्कृति के मर्मज्ञ जनों का समूह बनाकर आवश्यक शोध अध्ययन कराया जाए।

■ जनवरी 2023 में प्रवासी भारतीय दिवस के अवसर विभिन्न देशों में प्रवास करने वाले एकजुट होंगे। इस अवसर पर हमें प्रवासी भारतीयों को “उत्तर प्रदेश मातृभूमि योजना” से जोड़ने के प्रयास करने चाहिए। बहुत से प्रवासी भारतीयों ने इस योजना में रुचि दिखाई है। यह योजना आमजन को विकासकार्यों में प्रत्यक्ष भागीदार बनने का सहज माध्यम है।

■ प्रधानमंत्री  के ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की संकल्पना को आगे बढ़ाते हुए हमें विभिन्न राज्यों के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करना चाहिए। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विशेषताओं से अन्य राज्यों को परिचित कराने के लिए सांस्कृतिक टोलियां भे जानी चाहिए। इसी प्रकार अन्य राज्यों की टोलियों को अपने प्रदेश में आमंत्रित किया जाए।

■  प्रधानमंत्री के दूरदर्शी विचारों से प्रकाशित राष्ट्रीय शिक्षा नीति में ज्ञान के सैद्धांतिक और व्यावहारिक आयामों का बेहतर समावेश है। यह नवीन नीति समाज को स्वाबलंबन और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में सहायक सिद्ध होगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप स्कूल और उच्च शिक्षण संस्थानों में यथाशीघ्र पाठ्यक्रम को संशोधित किया जाए। 04 वर्षीय स्नातक की व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक बदलाव किया जाए।

■ प्राविधिक और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कोर्स के पाठ्यक्रम मातृभाषा में तैयार कराये जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि कंटेट गुणवत्तापरक हों। प्रदेश के सभी उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए अकादमिक गुणवत्ता का सत्यापन अनिवार्य किया जाना चाहिए। अकादमिक संस्थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा हो।

■ डिजिटल कनेक्टिविटी को और बेहतर करने के लिए हर गांव में टेलीकॉम टॉवर/ऑप्टिकल फाइबर के विस्तार की कार्ययोजना तैयार की जाए। भविष्य के लिहाज से यह प्रयास अत्यंत उपयोगी होगा। इस संबंध में भारत सरकार से भी आवश्यक सहयोग प्राप्त हो सकेगा।

■ प्राकृतिक खेती की महत्वाकांक्षी योजना से कृषि विश्वविद्यालयों को जोड़ा जाए। नेचुरल फॉर्मिंग की महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी बनाने के लिए यथाशीघ्र बोर्ड का गठन किया जाए।

■ प्रदेश के समग्र विकास के लिए शहरीकरण एक अहम आयाम है। विगत दिनों शासन स्तर पर विभिन्न नगरीय निकायों की सीमा विस्तार की कार्यवाही हुई है, साथ ही कई नए नगरीय निकाय भी गठित हुए हैं। भविष्य के दृष्टिगत हमें नए शहरों के स्थापना-विकास की दिशा में नियोजित प्रयास करना होगा। नगर विकास विभाग व आवास विभाग द्वारा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नवीन शहरों के स्थापना के लिए अध्ययन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इसके साथ ही शहरी विकास प्राधिकरणों की सीमा विस्तार की कार्यवाही भी की जाए।

■ सतत प्रयासों से प्रदेश ने अपने निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि की है। हमें आयात की निर्भरता कम करते हुए वोकल फ़ॉर लोकल की भावना को बढ़ाना होगा। गेहूं और धान के साथ-साथ सब् और फल आदि के उत्पादन और निर्यात में प्रदेश ने अभूतपूर्व प्रगति की है। ऐसे कृषि उत्पादों को हमें बढ़ावा देना होगा। आयात पर निर्भरता कम करने के लिए दलहन, तिलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए हमें प्रयास तेज करने होंगे। किसानों को कृषि विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित और प्रशिक्षित करना होगा। इस दिशा में कार्यवाही तेज की जाए।

■ वाराणसी के गोबरधन मॉडल ‘वेस्ट से वेल्थ’ का शानदार उदाहरण है। आज उत्तर प्रदेश की बीसी सखी योजना, ऑपरेशन कायाकल्प, मिशन प्रेरणा और ग्राम सचिवालय देश में एक मॉडल के रूप में सराहे जा रहे हैं। तकनीक की मदद से ऐसे अधिकाधिक नवाचारी कार्यक्रमों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

■ प्रदेश के समग्र विकास के लिए स्थानीय निकाय इंजन की भूमिका में हैं। हमारे गांवों में असीमित क्षमता है। लोग नवाचार को स्वीकार करने वाले हैं।आत्मनिर्भर गांव और आत्मनिर्भर नगर निकाय के लक्ष्य के साथ आज प्रदेश के स्थानीय निकाय मिशन मोड में काम करना होगा।

वन एवं पर्यावरण विभाग की समीक्षा के उपरांत मुख्यमंत्री  के दिशा-निर्देश

■ उत्तर प्रदेश में वायु प्रदूषण की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। विगत पांच वर्षों के वायु प्रदुषण अध्ययन के अनुसार करीब 17 नगरों का औसत PM10 और PM2.5 राष्ट्रीय औसत से अधिक है। लखनऊ, कानपुर, आगरा वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गाजियाबाद, मुरादाबाद, नोएडा, मेरठ, फिरोजाबाद, गोरखपुर जैसे शहरों में बढ़ती जनसंख्या और औद्योगिक गतिविधियों से वायु प्रदूषण की समस्या है। इस दिशा में नियोजित प्रयास करते हुए स्वच्छ वायु प्रबंधन परियोजना तैयार की जाए।

■ शहरों में परिवेशीय वायु गुणता निगरानी तंत्र का विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण किये जाने की कार्यवाही हो। वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपलब्ध मल्टी सेक्टर बजट व्यवस्था का कन्वर्जेंस भी किया जाना चाहिए।

■ ट्रांसपोर्ट सेक्टर में वायु गुणता सुधार के लिए ई-मोबिलिटी, फ्लीट उच्चीकरण और ट्रैफिक प्रबंधन की कार्यवाही आवश्यक है। वृक्षारोपण और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास किया जाना चाहिए। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिये प्रभावी प्रयास की जरूरत है।

■ उद्योगों में क्लीन एनर् और बायोमास की आपूर्ति के लिए विशेष ध्यान दिए जाएं। हमें अमोनिया और मीथेन के उत्सर्जन में कमी के लिए प्राकृतिक खेती और कम्प्रेस्ड बायोगैस को बढ़ावा देना होगा।

■ प्रदेश में फॉरेस्ट्री के क्षेत्र की अपार संभावनाओं और चुनौतियों  के समाधान के लिए एक उत्कृष्ट शोध एवं अनुसंधान संस्थान की स्थापना की आवश्यकता है। इस सम्बंध में विधिवत अध्ययन के उपरांत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।

■ प्रदेश के कृषि भू-दृश्य क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 190 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि के सापेक्ष 20 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में कृषि वानिकी के विस्तार की संभावना है। कृषि फसलों के साथ पौधारोपण से भूमि की उत्पादकता में बढ़ोतरी तो होती ही है किसानों के आविका रोजगार और आय में बढोतरी का माध्यम भी बनती है।

■ विगत 05 वर्षों में 100 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। इस कार्य में व्यापक जनसहयोग भी प्राप्त हुआ है। पौधे लगाने के साथ-साथ हमें इनके संरक्षण का भी पूरा ध्यान रखना होगा। वन विभाग द्वारा विगत 05 वर्षों में हुए कुल पौधरोपण के प्रयास और उससे बढ़े ग्रीन कवर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

■ कृषि वानिकी आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने की नीति के अच्छे परिणाम मिले हैं। कृषि वानिकी के अंतर्गत पॉपलर की खेती को बढ़ावा देना प्लाईवुड उद्योग के प्रोत्साहन के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। हमें योजनाबद्ध रीति से पॉपलर के पौधे लगाने के लिए किसानों को जागरूक करना चाहिए। यह किसानों की आय को बढ़ाने में सहायक तो होगा ही नवीन रोजगार सृजन में भी सहायक होगा।

Tags: cm yogiLucknow News
Previous Post

श्रीकांत त्यागी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, पकड़ने वाली पुलिस टीम को इतना इनाम

Next Post

एसएसबी ने ग्रामीणों में वितरित किया तिरंगा झण्डा

Writer D

Writer D

Related Posts

money plant
Main Slider

मनी प्लांट घर पर होने के बाद भी नहीं हो रहा लाभ, तो हो सकती है ये वजह

03/05/2026
Animals
Main Slider

इन जानवरों को खिलाने-पिलाने से दूर होती हैं जीवन की बाधाएं, मजबूत होते हैं ये ग्रह

03/05/2026
kalava
Main Slider

कितने दिन के बाद बदलना चाहिए कलावा, जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता

03/05/2026
dark chin
Main Slider

ठुड्डी का कालापन कर रहा है शर्मिंदा, निजात पाने के लिए आजमाए ये उपाय

03/05/2026
Toner
Main Slider

इस चीज से मिलेगा कोरियन जैसा निखार, जानें बनाने का तरीका

03/05/2026
Next Post

एसएसबी ने ग्रामीणों में वितरित किया तिरंगा झण्डा

यह भी पढ़ें

cm yogi

संवाद लोकतंत्र की ताकत है, हमें इस ताकत का इस्तेमाल करना होगा : योगी

16/06/2022
Firing

विवाद के दौरान ऑटो चालक को मारी गोली, हालत नाज़ुक

21/09/2021
Ramadan

इस दिन से शुरू हो रहा है रामदान का पवित्र महिना, इस बार 14 घंटे तक का होगा रोजा

16/03/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version