• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

यूपी में अब इन 31 मामलों में सीधे दर्ज नहीं होगी FIR, DGP का सर्कुलर जारी

Writer D by Writer D
30/03/2026
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, राजनीति, लखनऊ
0
UP Police

UP Police

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

उत्तर प्रदेश पुलिस अब 31 गंभीर अपराधों में सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं कर सकेगी। इनमें दहेज उत्पीड़न, चेक बाउंस, घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या, पशुओं से अत्याचार, पर्यावरण प्रदूषण, बाल श्रम, उपभोक्ता धोखाधड़ी और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में पीड़ित को पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट में परिवाद शिकायत दायर करनी होगी। इलाहाबाद हाईकोर्ट की एक टिप्पणी के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह आदेश जारी किया है।

डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को सर्कुलर जारी कर सख्त निर्देश दिए हैं कि जहां कानून में सिर्फ कोर्ट में परिवाद दायर करने का प्रावधान है, वहां पुलिस द्वारा सीधे एफआईआर दर्ज करना पूरी तरह गलत और अवैध है। थाना प्रभारी और विवेचक (जांच अधिकारी) को एफआईआर दर्ज करने से पहले यह पक्का करना होगा कि संबंधित केस में पुलिस रिपोर्ट पर कोर्ट संज्ञान ले सकती है या नहीं।

डीजीपी के सर्कुलर में अभियोजन विभाग की ओर से भेजी गई उन 31 मामलों की पूरी सूची भी संलग्न है, जिनमें अब सीधे पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकेगी।

इनमें प्रमुख रूप से…

– महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा
– दहेज उत्पीड़न
– चेक बाउंस (नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट)
– भ्रूण हत्या
– जानवरों से अत्याचार
– पर्यावरण और वायु/जल प्रदूषण से जुड़े मामले
– उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट (उपभोक्ता फोरम या FSSAI के पास जाना होगा)
– बाल श्रम
– ट्रेडमार्क उल्लंघन
– मानव अंग तस्करी
– कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न
– केबल टेलीविजन नेटवर्क
– विदेशी मुद्रा प्रबंधन
– कीटनाशक
– दवाओं का नियंत्रण और आयात-निर्यात से जुड़े मामले शामिल हैं।

डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई पुलिसकर्मी इन निर्देशों का उल्लंघन करेगा तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों और विवेचकों को निर्देश दिया है कि वे कानून के हर पहलू का गंभीरता से अध्ययन करें और एफआईआर दर्ज करने से पहले पूरी तरह सुनिश्चित करें कि मामला परिवाद वाली श्रेणी का तो नहीं है।

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद डीजीपी का एक्शन

यह आदेश इलाहाबाद हाईकोर्ट की हालिया टिप्पणी के बाद जारी किया गया है। कोर्ट ने कहा था कि कई बार पुलिस नियमों के विपरीत एफआईआर दर्ज कर लेती है, जिससे आरोपी को कोर्ट में फायदा मिल जाता है, जांच प्रक्रिया प्रभावित होती है और पीड़ित को न्याय नहीं मिल पाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस पर गहरी नाराजगी जताई थी।

दहेज से जुड़े कानूनों का प्रावधान

डीजीपी के सर्कुलर में दहेज निषेध अधिनियम, 1961 का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि दहेज लेने, देने या लेन-देन में सहयोग करने वालों को 5 साल तक की सजा और 15,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

दहेज के लिए मारपीट या कीमती चीजों की मांग करने पर बीएनएस की धारा 498A के तहत 3 साल की जेल और जुर्माने का प्रावधान है। यदि पति या ससुराल पक्ष स्त्रीधन लौटाने से इनकार करता है, तो भी 3 साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह आदेश झूठी या बेबुनियाद शिकायतों पर एफआईआर दर्ज होने की प्रवृत्ति को रोकने और अदालती प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए लिया गया है। अब पीड़ितों को सीधे मजिस्ट्रेट के पास जाना होगा, जहां प्रारंभिक जांच के बाद ही मामला आगे बढ़ेगा। हालांकि, पुलिस का कहना है कि संज्ञेय अपराधों में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी। यह फैसला यूपी पुलिस में सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

Tags: up police
Previous Post

इस साल आंगनवाड़ी में 5 हजार कार्यकत्रियों व 60 हजार सहायिकाओं की भर्ती का लक्ष्य: सीएम योगी

Next Post

यूपी में पुलिस का ‘मेगा’ फेरबदल: 13 जिलों के कप्तान समेत 27 IPS बदले, देखें पूरी लिस्ट

Writer D

Writer D

Related Posts

EV Charging
उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में पब्लिक ईवी चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में यूपी देश में तीसरे स्थान पर

26/08/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

जालसाजी कर 944 हेक्टेयर जमीन बैंकों में गिरवी रख ऋण लेने वाली दो कंपनियों पर योगी सरकार का शिकंजा, आवंटन रद्द कर वापस ली सारी भूमि

26/08/2026
CM Dhami
Main Slider

नेपाल बाढ़ : मुख्यमंत्री ने जताया दुख, उत्तराखंड के नागरिकों के लिए हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
UPTET 2026
Main Slider

UPESSC ने घोषित किया UPTET 2026 का परिणाम, 13 लाख से अधिक अभ्यर्थी सफल

26/08/2026
1070 helpline issued to help citizens of Uttar Pradesh stranded in Nepal
Main Slider

नेपाल में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों की मदद के लिए 1070 हेल्पलाइन जारी

26/08/2026
Next Post
Transfer

यूपी में पुलिस का 'मेगा' फेरबदल: 13 जिलों के कप्तान समेत 27 IPS बदले, देखें पूरी लिस्ट

यह भी पढ़ें

अखिलेश यादव Akhilesh Yadav

प्रदेश में कानून स्थापित करने में भाजपा सरकार फेल रही : अखिलेश

02/03/2021
CM Dhami

राज्य में नकल माफियाओं को जड़ से समाप्त किए बिना चैन से नहीं बैठेगी सरकार: मुख्यमंत्री धामी

24/09/2025
Hemant Soren

गिरफ्तार हो सकते है यहां के मुख्यमंत्री, ED के समन को रहे थे नजरंदाज

29/01/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version