• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

OMG! इस शख्स का बंद पड़ चुका दिल 3 साल बाद फिर धड़कने लगा

Writer D by Writer D
06/10/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, क्राइम, ख़ास खबर, नोएडा
0
Heart Beat

Heart Beat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नोएडा में रहने वाले एक व्‍यक्ति का दिल 3 साल पहले फेल हो गया था। मतलब उसके हृदय ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया था। ऐसे में डॉक्‍टरों ने उसकी जान बचाने के लिए आर्टिफिशियल दिल लगा दिया था, लेकिन अब 3 साल बाद अचानक उसका दिल फिर से धड़कना शुरू हो गया। इसके बाद डॉक्‍टरों ने उसकी छाती से आर्टिफिशियल दिल को निकाल लिया है.

डॉक्‍टरों का कहना है कि इस तरह का यह भारत में पहला मामला है। अभी तक दुनियाभर में करीब 2 या 3 ही ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मरीज का दिल फिर से अच्‍छे से काम करने लगा हो और उसे मशीन की जरूरत ना हो।

नोएडा के फोर्टिस हार्ट एंड वैस्‍कुलर इंस्‍टीट्यूट के चेयरमैन डॉ. अजय कौल ने मीडिया को जानकारी दी है कि यह व्‍यक्ति इराक का नागरिक है। उसका नाम हनी जवाद मोहम्‍मद है। वह 2018 में यहां आया था। वह चल फिर नहीं पाता था। वह बेड पर ही र‍हता था। हृदय ट्रांसप्‍लांट के लिए दिल मिलना आसान नहीं था। ऐसे में डॉक्‍टरों ने उसकी जान बचाने के लिए आर्टिफिशियल दिल यानी वेंट्रिकल असिस्‍ट डिवाइस उसके लगा दी।

अब तीन बाद एक तरह से चमत्‍कार जैसा हो गया। उसका दिल फिर से काम करने लगा है। अब उसे आर्टिफिशियल हार्ट की जरूरत नहीं है। उसे आर्टिफिशियल हार्ट लगाने के दो हफ्ते बाद अस्‍पताल से छुट्टी दी गई थी। बाद में वह इराक चले गए। हर छह महीने में उन्‍हें चेकअप के लिए यहां आना होता है।

नहीं रहे रामायण के ‘रावण’, सीता और लक्ष्मण ने जताया दुख

डॉक्‍टरों के मुताबिक आर्टिफिशियल हार्ट यानी एलएवीडी छाती के अंदर लगाई जाती है। इस मशीन का तार शरीर से बाहर रहता है। इसके लिए छाती में छेद किया जाता है। यह मशीन बैटरी से चलती है, जिसे चार्ज करना पड़ता है। ऐसे में रोजाना ड्रेसिंग भी की जाती है।

डॉक्‍टरों ने बताया कि जब वह भारत आए और हमने उनकी जांच की तो पता चला कि उनका दिल पूरी तरह से ठीक हो चुका है। इसके बाद मशीन की स्‍पीड को घटा दिया गया, लेकिन यह मशीन लगी रहने दी। डॉक्‍टरों ने दो साल तक निगरानी रखी और अंत में अब उनका आर्टिफिशियल हार्ट निकाल दिया गया है।

Tags: health newsheart newsNoida newsup news
Previous Post

आम जनता को लगा झटका, फिर महंगा हुआ गैस सिलेंडर

Next Post

लखीमपुर हिंसा: मृतक किसान का फिर से हुआ पोस्टमार्टम, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार

Writer D

Writer D

Related Posts

Mahashivratri
Main Slider

महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया, जानें कब किया जाएगा भोलेनाथ का जलाभिषेक?

11/02/2026
Holika Dahan
Main Slider

कब किया जाएगा होलिका दहन, जानें धार्मिक महत्व

11/02/2026
Masik Shivaratri
धर्म

महाशिवरात्रि पर शिवजी को लगाएं इन चीजों का भोग, बरसेगी कृपा

11/02/2026
Paush Amavasya
Main Slider

भगवान की आरती करने के दौरान जरूर करें इन नियमों का पालन

11/02/2026
Corn Paratha
खाना-खजाना

ब्रेकफास्ट में शामिल करें कॉर्न पराठा, स्वाद के साथ मिलेगी सेहत

11/02/2026
Next Post
Lakhimpur violence

लखीमपुर हिंसा: मृतक किसान का फिर से हुआ पोस्टमार्टम, परिजनों ने किया अंतिम संस्कार

यह भी पढ़ें

After so much hard work, India got a chance to play the WTC final

इतने कड़े परिश्रम के बाद भारत को मिला WTC फाइनल खेलने का मौका

15/06/2021
tesla company logo

2020 में जिसने भी इस कंपनी ने किया निवेश वह बन गया करोड़पती

03/01/2021
akhilesh yadav

समाजवादी सरकार बनने पर ही किसान सुखी होगा : अखिलेश

31/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version