• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन रखा जाएगा पापमोचनी एकादशी व्रत, भगवान विष्णु बनाएं रखेंगे सुख-समृद्धि

Writer D by Writer D
03/04/2024
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Devuthani Ekadashi

Devuthani Ekadashi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) व्रत 5 अप्रैल को रखा जाएगाहर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को एकादशी व्रत रखा जाता है। सनातन पंचांग के अनुसार, पापमोचनी एकादशी व्रत 5 अप्रैल को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत भी रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। आइए, जानते हैं पापमोचनी एकादशी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि क्या है।

पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) शुभ मुहूर्त

पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 4 अप्रैल को शाम 4.14 बजे शुरू होगी और 5 अप्रैल को दोपहर 1.28 बजे समाप्त होगी। ऐसे में पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) 5 अप्रैल को मनाई जाएगी।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) का व्रत करने से व्यक्ति को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही जीवन में खुशियां बनी रहती है। इसके साथ ही पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिलती है।

पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) पूजा विधि

पापमोचनी एकादशी (Papmochani Ekadashi) के दिन सुबह जल्दी उठकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत करने का संकल्प लें। स्नान-ध्यान से निवृत्त होकर, मंदिर में भगवान विष्णु की छोटी मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। अब भगवान विष्णु को चंदन का लेप, फल, दीपक और धूप अर्पित करें। साथ ही इस दिन विष्णु सहस्त्रनाम और नारायण स्तोत्र का पाठ करना बहुत शुभ होता है। एकादशी के अगले दिन यानी द्वादशी पर ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए और उन्हें दक्षिणा आदि देने के बाद ही खुद भोजन ग्रहण करना चाहिए।

Tags: Papmochani Ekadashi 2024papmochani ekadashi kab haipapmochani ekadashi kathaPapmochani Ekadashi muhuratPapmochani Ekadashi puja
Previous Post

इस दिन मनाई जाएगी अक्षय तृतीया, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त

Next Post

चैत्र नवरात्र में कब है महाष्टमी और नवमी? नोट करें शुभ मुहूर्त और तिथि

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

महाराज जी का जीवन आध्यात्मिक चेतना, समाजसेवा और लोककल्याण के प्रति समर्पण का प्रतीक: CM धामी

21/09/2026
CM Dhami
Main Slider

जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सीएम धामी का सख्त एक्शन, छह इंजीनियर निलंबित

21/09/2026
Main Slider

जनसमस्याओं का त्वरित और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करें: मुख्यमंत्री धामी

21/09/2026
Main Slider

यूपी को फिर बांटने की कोशिश कर रहे समाजवादी: नितिन नवीन

21/09/2026
Main Slider

एम-पैक्स मजबूत होंगे तो गांव मजबूत होंगे और समृद्ध बनेगा उत्तराखंड: सीएम धामी

21/09/2026
Next Post
Shardiya Navratri

चैत्र नवरात्र में कब है महाष्टमी और नवमी? नोट करें शुभ मुहूर्त और तिथि

यह भी पढ़ें

Horoscope

10 मार्च राशिफल: कैसा रहेगा आपका आज का दिन

10/03/2023
Joe Biden

राष्ट्रपति बनते ही बाइडेन ने ट्रंप द्वारा लागू की कोरोना संक्रमण की नीतियों को पलटा

26/01/2021
Bus

कैंटर से कुचल कर युवक की मौत, चालक फरार

08/11/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version