बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद धड़ल्ले से शराब का धंधा चलने के विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए आज कहा कि अवैध शराब कारोबारियों की लॉबी विधानसभा चुनाव में उन्हें हराने की साजिश कर रही है।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कुमार ने शनिवार को भागलपुर, सहरसा और खगड़िया जिले में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “वह केवल बिहार के लोगों की सेवा करने में रुचि रखते हैं। वर्ष 2016 में राज्य में शराबबंदी लागू की थी लेकिन प्रतिबंध के बावजूद अवैध शराब कारोबारियों की लॉबी जदयू को हराने के लिए काम कर रही है।” उन्होंने कहा कि जो लोग अवैध शराब के कारोबार में शामिल हैं उन लोगों को इस चुनाव में हराना है।
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मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सरकार में राज्य की कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर हमला बोला और कहा कि उस समय की सरकार में अपहरण एक उद्योग बन गया था, जिसके कारण कई व्यापारियों और डॉक्टरों को बिहार छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। राजद के समय में कोई विकासात्मक कार्य नहीं किया गया और उस दौरान कोई संस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने संस्थानों का निर्माण किया और बिहार को विकास के पथ पर अग्रसर किया।
श्री कुमार ने दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की अपनी प्रतिबद्धता दुहराते हुए कहा, “पिछली सरकारों ने दंगा पीड़ितों के न्याय के लिए कुछ नहीं किया लेकिन जब हमें काम करने का मौका मिला तो हमने इसकी जांच कराई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की। हमने पीड़ितों को 2500 रुपये की आर्थिक सहायता दी, जिसे वर्ष 2013 के बाद बढाकर 5000 रुपये कर दिया गया।”