Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

चौथी बार टली पीजीटी परीक्षा, 4.5 लाख अभ्यर्थियों में नाराजगी

PGT recruitment exam postponed for the fourth time

PGT recruitment exam postponed for the fourth time

यूपी में प्रवक्ता पदों के लिए 15 और 16 अक्तूबर को होने वाली पीजीटी परीक्षा (PGT Exam) अपरिहार्य कारणों से टाल दी गई है। यह जानकारी उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने प्रेस नोट जारी करके दी। उत्तर प्रदेश प्रवक्ता (PGT ) भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को एक बार फिर झटका लगा है, उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने चौथी बार परीक्षा स्थगित करने का फैसला किया है। आयोग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार 15 और 16 अक्टूबर 2025 को निर्धारित लिखित परीक्षा को आयोग के उप सचिव ने अपरिहार्य कारणों से स्थगित करने की नोटिस जारी किया है। हालांकि परीक्षा कब होगी, इसकी अभी कोई घोषणा नहीं की है।

प्रवक्ता भर्ती चौथी स्थगित होने की वजह से तीन साल से परीक्षा का इंतजार कर रहे लगभग 4.5 लाख अभ्यर्थियों में नाराजगी गहराती जा रही है। अब अभ्यर्थियों को नई तिथि का इंतजार है। आपको बता दें कि पीजीटी भर्ती-2022 (PGT Recruitment 2022) में आवेदन प्रक्रिया जुलाई 2022 में ही पूरी हो चुकी थी। आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के तीन साल बाद जाकर परीक्षा की तिथि घोषित की गई, लेकिन उसके बाद से परीक्षा आयोजित होने के बजाय केवल तिथियां बदलती रही हैं।

 

हालांकि, परीक्षा स्थगित होने के पीछे की एक वजह उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष कीर्ति पांडेय के त्यागपत्र से उपजे हालातों को भी माना जा रहा है। PGT भर्ती परीक्षा के बार-बार स्थगन ने न केवल लाखों युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है, बल्कि यह भर्ती व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न भी खड़ा कर रहा है।

पहले टाली जा चुकी है परीक्षा की तारीख

प्रवक्ता भर्ती परीक्षा (Lecturer Recruitment Exam) की आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद से अब तक चार बार परीक्षा की तिथि घोषित की जा चुकी है। बता दें इससे पहले इसी साल 11 और 12 अप्रैल को प्रस्तावित थी, जिसे बाद में 20 और 21 जून पर टाला गया। इसके बाद पुनः 18 और 19 जून की नई तिथियां जारी हुईं, लेकिन वह भी रद्द कर दी गई, लेकिन अब इसे भी टाल दिया गया।

बढ़ रही अभ्यर्थियों की परेशानी

हालांकि, बार-बार परीक्षा स्थगित होने की वजह से छात्रों में असंतोष व्याप्त है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार स्थगन से उनकी तैयारी और मानसिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है। कुछ उम्मीदवारों ने यह भी चिंता जताई है कि देरी के चलते उनकी आयु सीमा पार हो सकती है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा अब कब होगी?

Exit mobile version