• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
Advertisement
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने की तैयारी

Writer D by Writer D
27/02/2026
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
quantum computing

quantum computing

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में प्रदेश को अग्रणी बनाने की दिशा में ठोस पहल के संकेत दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) जैसे उभरते डीप टेक क्षेत्र में प्रदेश मजबूत दावेदारी प्रस्तुत करेगा। इस पहल में आईबीएम और आईआईटी कानपुर के साथ त्रिपक्षीय सहयोग मॉडल पर काम करने को लेकर बात आगे बढ़ने की संभावना बनती दिख रही है।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित आईबीएम ‘एआई जीओवीटेक इनोवेशन सेंटर’ के उद्घाटन अवसर पर कहा था कि देश का पहला कंप्यूटर आईआईटी कानपुर में स्थापित हुआ था, जिससे उत्तर प्रदेश का तकनीकी इतिहास जुड़ा है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश अब क्वांटम कंप्यूटिंग(Quantum Computing) के क्षेत्र में नई शुरुआत करना चाहता है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि आईबीएम, आईआईटी कानपुर और राज्य सरकार मिलकर कार्य करें तो क्वांटम टेक्नोलॉजी में राष्ट्रीय स्तर का केंद्र विकसित किया जा सकता है।

राज्य सरकार ने पहले ही रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी और मेडटेक जैसे क्षेत्रों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में बजट प्रावधान किए हैं। वर्तमान में विभिन्न क्षेत्रों में कई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस कार्यरत हैं। इसी क्रम में क्वांटम कंप्यूटिंग को अगला रणनीतिक क्षेत्र माना जा रहा है। आईआईटी कानपुर परिसर में क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए आवश्यक अवसंरचना उपलब्ध कराने और उद्योग जगत के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उत्तर प्रदेश में क्वांटम अनुसंधान और परीक्षण सुविधाएं विकसित होती हैं तो इससे उच्च स्तरीय शोध, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही तकनीकी क्षेत्र में युवाओं के लिए नए कौशल और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को डीपटेक और उन्नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाना है। क्वांटम कंप्यूटिंग की दिशा में उठाया गया यह कदम उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

क्या है क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) –

 क्वांटम कंप्यूटिंग पारंपरिक कंप्यूटर से भिन्न तकनीक पर आधारित है। जहां सामान्य कंप्यूटर बिट पर आधारित होते हैं और प्रत्येक बिट का मान शून्य या एक होता है। इसके विपरीत क्वांटम कंप्यूटर क्यूबिट का उपयोग करते हैं, जो एक ही समय में शून्य और एक, दोनों अवस्थाओं में रह सकते हैं। इसे सुपरपोजिशन कहा जाता है। क्वांटम तकनीक का एक अन्य महत्वपूर्ण सिद्धांत एंटैंगलमेंट है, जिसके माध्यम से दो क्यूबिट आपस में इस तरह जुड़े होते हैं कि एक में बदलाव का प्रभाव दूसरे पर तुरंत पड़ता है। इन विशेषताओं के कारण क्वांटम कंप्यूटर अत्यंत जटिल गणनाएं बहुत कम समय में कर सकते हैं। मेडिसिन अनुसंधान, साइबर सुरक्षा, जलवायु पूर्वानुमान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और वित्तीय विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में इसकी व्यापक संभावनाएं मानी जा रही हैं।

क्वांटम कंप्यूटिंग (Quantum Computing) इकोसिस्टम से प्रदेश को होगा यह लाभ-

– प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत अनुसंधान के केंद्र के रूप में स्थापित होगा।

– क्वांटम तकनीक में काम करने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनियां और टेक दिग्गज प्रदेश में निवेश करने को आकर्षित होंगे।

– डीप टेक आधारित स्टार्टअप, विशेषकर साइबर सुरक्षा, एआई, फिनटेक और हेल्थटेक क्षेत्र में तेजी से विकसित होंगे।

– क्वांटम शोध, इंजीनियरिंग, डाटा साइंस और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

– आईआईटी कानपुर और अन्य तकनीकी संस्थानों को वैश्विक शोध सहयोग और प्रोजेक्ट मिलने की संभावनाएं बढ़ेंगी।

– जटिल बायोलॉजिकल डेटा के विश्लेषण से नई दवाओं और उपचार पद्धतियों के विकास में आएगी तेजी।

– मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ऊर्जा क्षेत्रों में जटिल गणनाओं के समाधान से उत्पादकता और दक्षता बढ़ेगी।

– बड़े डेटा संग्रहों और जटिल मॉडलिंग के जरिए नीति निर्माण अधिक विज्ञानपरक व प्रभावी बनेगा।

– क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई और डीपटेक के संयोजन से राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक टेक मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिलने की संभावना।

Tags: quantum computing
Previous Post

मुख्यमंत्री का निर्देश, जिन आंगनबाड़ी केंद्रों के खुद के भवन नहीं, उनका कराएं निर्माण

Next Post

होली पर बनाएं ये टेस्टी डिश, गेस्ट हो जाएंगे खुश

Writer D

Writer D

Related Posts

Main Slider

योगी सरकार ने बदले चरित्र प्रमाणपत्र के नियम, अब हिंसा में शामिल युवाओं को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी

29/10/2026
उत्तर प्रदेश

दीपावली और छठ पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करें अधिकारी : एके शर्मा

29/10/2026
उत्तर प्रदेश

दो पैन कार्ड केस में आजम खान-बेटे को राहत, हाईकोर्ट ने दी जमानत

29/10/2026
Main Slider

‘सीटें मांगें तो जीरो याद दिलाइएगा’, कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर राजभर ने अखिलेश को दी सलाह

29/10/2026
उत्तर प्रदेश

स्पीड, स्केल और कनेक्टिविटी के मंत्र ने बदली उप्र की तस्वीर: मुख्यमंत्री

29/10/2026
Next Post
Namakpara

होली पर बनाएं ये टेस्टी डिश, गेस्ट हो जाएंगे खुश

यह भी पढ़ें

Partner

पतियों की ये आदतें बनती हैं झगड़े का कारण

07/02/2026
Bihar D.El.Ed

RPSC RAS 2023 परीक्षा का सिटी स्लिप जारी, यहां देखें एग्जाम सेंटर

25/09/2023
Murder

बुजुर्ग मां बाप की हत्या कर वकील फरार

23/02/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version