• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भारत के समर्थन में अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पारित, कहा- जमीन हथियाने की फिराक में चीन

Desk by Desk
22/07/2020
in Main Slider, अंतर्राष्ट्रीय, ख़ास खबर, नई दिल्ली, राष्ट्रीय
0
भारत को अमेरिका का समर्थन

भारत के समर्थन में अमेरिकी संसद में प्रस्ताव पारित, कहा- जमीन हथियाने की फिराक में चीन

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

वॉशिंगटन। ऐसे समय जब भारतीय सरज़मीन पर चीनी सेना मौजूद होने के बावजूद तनाव कम हो रहा है, अमेरिका ने बीजिंग की तीखी आलोचना करते हुए उसे आक्रामक क़रार दिया है।

अमेरिका ने भारत से दोस्ती को एक अलग पड़ाव पर ले जाते हुए अब चीन पर खुलेतौर पर प्रस्ताव पारित कर आरोप लगाया है कि कोरोना संक्रमण की आड़ में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) का मकसद भारत की जमीन पर कब्जा करने का ही था।

अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने लद्दाख गतिरोध को लेकर इस आशय का भारत के समर्थन में प्रस्ताव पारित कर दिया है। सदन ने न सिर्फ इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी है, बल्कि यह भी माना है कि चीन उस इलाके में गैरकानूनी कब्ज़ा करने की फिराक में है। गौरतलब है कि लद्दाख की गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद से ही अमेरिका ने खुलकर भारत का समर्थन करना शुरू कर दिया था।

समस्तीपुर के सिविल सर्जन डॉ. आरआर झा की इलाज के दौरान मौत

भारतवंशी एमी बेरा और एक अन्य सांसद स्टीव शैबेट राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) में संशोधन का प्रस्ताव लाए थे। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि चीन ने गलवान घाटी में आक्रामकता दिखाई है और उसने कोरोना पर ध्यान बंटाकर भारत के क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोशिश की है।

भारत-चीन की एलएसी, दक्षिण चीन सागर ओर सेनकाकु द्वीप जैसे विवादित क्षेत्रों में चीन का विस्तार और आक्रामकता गहरी चिंता के विषय हैं। इसके आलावा प्रस्ताव में दक्षिण चीन सागर में चीनी सेना के बढ़ते दखल पर भी चिंता जाहिर की गयी है। प्रस्ताव में कहा गया है कि चीन लद्दाख की तरह ही 13 लाख वर्ग मील दक्षिण चीन सागर के पूरे इलाके को गैरकानूनी तरीके से अपना बताता रहा है। जबकि इन इलाकों पर ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम भी दावा करते हैं।

प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अमेरिकी सांसद शैबेट ने कहा कि एलएसी पर 15 जून को 5000 चीनी सैनिक जमा थे। माना जा रहा है कि उनमें से कई ने 1962 की संधि का उल्लंघन कर विवादित क्षेत्र को पार कर लिया था। वे न सिर्फ भारतीय हिस्से में पहुंच गए बल्कि भारतीय सेना को उकसाया भी, हम चीन की आक्रामक गतिविधियों के खिलाफ भारत के साथ खड़े हैं।

पत्रकार विक्रम जोशी की मौत पर सीएम योगी ने जताया दुख, परिवार को दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

उधर भारतीय-अमेरिकी राजा कृष्णमूर्ति और 8 अन्य सांसद भी सदन में प्रस्ताव लाए हैं। इसमें कहा गया है कि चीन बल से नहीं, राजनयिक ढंग से सीमा पर तनाव कम करे। प्रस्ताव पर बुधवार को वोटिंग होगी। भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधु ने भी ट्रंप प्रशासन को पत्र लिखकर लद्दाख मामले में चीनी अफसरों की शिकायत की है।

चीन के खिलाफ दुनिया में और बढ़ी गोलबंदी, अमेरिका ने किया ये ऐलानबता दें कि अमेरिका ने चीन की 11 कंपनियों पर व्यापार प्रतिबंध लगा दिया है। कंपनियों पर आरोप है वे चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों के मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में शामिल रही हैं। अमेरिका के वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस ने कहा, ‘हम सुनिश्चित करेंगे कि चीन असहाय मुस्लिमों के खिलाफ अमेरिकी सामान का इस्तेमाल न करे।’

जानकारों के मुताबिक अमेरिका के इस रुख से भारत के लिए टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का रास्ता आसन हो गया है। फ़िलहाल अमेरिका उन सभी देशों का समर्थन खुलकर कर रहा है, जो चीन के दबाव में हैं। अमेरिकी समर्थन भारत के दीर्घकालिक हितों में है क्योंकि भारत भी चीनी कंपनियों पर अपनी निर्भरता घटा रहा है।

Tags: 24ghante online.comAmerica's support against ChinaAmerica's support to Indiaindia china disputeresolution of India's support against China passedUS Parliamentअमेरिका संसदचीन के खिलाफ अमेरिका का साथचीन के खिलाफ भारत क समर्थन का प्रस्ताव पारितभारत को अमेरिका का समर्थनभारत चीन विवाद
Previous Post

पत्रकार विक्रम जोशी की मौत पर सीएम योगी ने जताया दुख, परिवार को दी 10 लाख की आर्थिक सहायता

Next Post

भारत में कोरोना : पिछले 24 घंटों में 37,724 नए मामले, 648 की मौत

Desk

Desk

Related Posts

besan
Main Slider

गर्मियों में भी फेस में निखार लाएगा ये आटा`

24/05/2026
Shani Jayanti
Main Slider

कुंडली में शनि के कमजोर होने पर जीवन में होती हैं ऐसी भयंकर घटनाएं, करें उपाय

24/05/2026
Main Slider

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय करें इस मंत्र का जाप, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति

24/05/2026
Sattu ke laddu
Main Slider

गर्मियों में ठंडक देंगे ये लड्डू, नोट करें आसान रेसिपी

24/05/2026
Chardham Yatra
राजनीति

चारधाम यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, 20 लाख के करीब पहुंचे श्रद्धालु

23/05/2026
Next Post

भारत में कोरोना : पिछले 24 घंटों में 37,724 नए मामले, 648 की मौत

यह भी पढ़ें

black fungus

तीसरी लहर के बीच इस जिले में फिर मिला ब्लैक फंगस, मरीज हैलट अस्पताल में भर्ती

18/01/2022
CM Bhajanlal Sharma

कार्यस्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार सख्त

05/03/2025
Harivansh

आदर्श है यूपी विजन डॉक्यूमेंट: हरिवंश

21/01/2026
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version