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विधान सत्र से पहले प्रदर्शन, महिला आरक्षण पर बढ़ी सियासी गर्मी

women's reservation protest

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लखनऊ। यूपी विधानसभा में गुरुवार को सत्र शुरू होने से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक प्रदर्शन करते नजर आये। भाजपा की महिला विधयकों के नेतृत्व में विधायक, मंत्री विधानसभा पहुंचे। उनके हाथों में नारी शक्ति का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। देख रहा है सारा देश इंडी गबन्धन का पेच… जैसे स्लोगन लिखे हुए तख्तियां थीं।

नारी सशक्तिकरण के विषय पर चर्चा के लिए विधानसभा सत्र आहूत किया गया है। सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने से पहले योगी सरकार के मंत्री, विधायक व अन्य नेता महिला आरक्षण (Women’s Reservation) के पक्ष में लिखीं तख्तियां हाथ में लेकर पहुंचे। सपा और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि विपक्ष महिला विरोधी है। समाजवादी पार्टी में परिवार के बाहर की महिलाओं को कोई पद नहीं जाता है। समाजवादी पार्टी में डिम्पल यादव को ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाती है। कांग्रेस में सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी को ही आगे किया जाता है। यह पूरा देश देख रहा है। संसद में कांग्रेस ने महिला नारी वंदन विधेयक को गिराकर जश्न मनाया है। विपक्ष ने खुशी जाहिर की है। भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए कार्य कर रही है। केंद्र में प्रधानमंत्री मोदी और यूपी में योगी सरकार आने के बाद महिलाओं का सम्मान बढ़ा है। सरकारी नौकरियों में उन्हें वरीयता दी जा रही है। आज महिलाएं उद्यमी बन रही हैं। आज विधानसभा में नारी सशक्तिकरण पर चर्चा होगी।

दूसरी तरफ इससे पहले नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के विधयकों ने चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के समक्ष धरना दिया। सपा के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री संग्राम सिंह यादव ने कहा कि भाजपा लगातर झूठ बोल रही है। संसद में 2023 में महिला आरक्षण बिल पास हुआ था। समाजवादी पार्टी उसके पक्ष में हैं। मोदी सरकार उस बिल को क्यों नहीं लागू कर रही है। देश की कैबिनेट ने पास किया था। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जाति जनगणना की बात कही गयी थी कि जिसकी जितनी भागीदारी उतनी उसकी हिस्सेदारी। भाजपा वह भी नहीं करा रही है। भाजपा अपने बनाये हुए कुचक्र में फस गयी है। सपा उसका विरोध कर रही है।

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