• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

राकेश टिकैत कभी किसानों के हक के लिए छोड़ी थी एसआई की नौकरी, आज हैं किसानों के सबसे बड़े नेता

Desk by Desk
29/01/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, मुजफ्फरनगर, राजनीति, राष्ट्रीय
0
राकेश टिकैत Rakesh Tikait

राकेश टिकैत

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली। जिसकी एक दहाड़ पर हजारों किसान इस कड़ाके की सर्दी में दिल्ली के बार्डर पर आंदोलन को उतारु हैं, जिसके एक आंसुओं पर फिर से किसानों का हुजूम एक जुट गया है। जी हां, आपने सही समझा है हम बात कर रहे हैं किसानों नेता और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की। जिन पर आज शायद किसान सबसे ज्यादा भरोसा करता है और करें भी क्यों नहीं? बता दें कि राकेश टिकैट ने कभी किसानों के हक के लिए अपनी प्रतिष्ठित सरकारी नौकरी को एक झटके में लात मार दिया था।

अब सवाल उठता है कि जिसकी एक आवाज पर हजारों किसान एकजुट होकर कूच कर जाते हैं, वह राकेश टिकैत हैं कौन और क्यों किसानों का एक बड़ा वर्ग उन्हें इतना तवज्जों देता है? तो आइये आज हम आपको बताते हैं कि आखिर कौन है राकेश टिकेट और कैसे ये बन गये किसानों के इतने बड़ा नेता?

किसानों के सबसे बड़ा नेता के रूप में मशहूर राकेश टिकैत का जन्म 4 जून 1969 को यूपी के सिसौली गांव में हुआ था। किसान नेता की विरासत इन्हें अपने पिता से मिली थी। बता दें कि उनके पिता महेंद्र सिंह टिकैत भी किसान नेता थे। राकेश टिकैत ने मेरठ यूनिवर्सिटी से एमए किया है। इसके बाद ये दिल्ली पुलिुस में भर्ती हो गये और बतौर एसआई नौकरी की।

बता दें कि 90 के दशक में दिल्ली के लाल किले पर राकेश टिकैत के पिता महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में किसानों का आंदोलन चल रहा था। इस दौरान उन पर यानी राकेश टिकैत पर सरकार की ओर से दबाव बनाया जाने लगा कि आंदोलन खत्म कराने के लिए वह अपने परिवार और पिता से बात करें, लेकिन राकेश टिकैट दबाव के आगे नहीं झुके, और सरकारी नौकरी छोड़कर खुद आंदोलन का हिस्सा बन गये।

Economic Survey: इस साल 7.7% में आ सकती है गिरावट, अगले साल 11% ग्रोथ का अनुमान

नौकरी छोड़ने के बाद राकेश टिकैत ने पूरी तरह से किसानों की लड़ाई में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। इसके बाद से ही राकेश टिकैट के रूप में एक नये किसान नेता का जन्म हुआ। देखते ही देखते ही राकेश टिकैट को किसान महेन्द्र सिंह के सियासी वारिस के तौर पर देखने लगे और जब उनके पिता कैंसर से मौत हो गई तो भारतीय किसान यूनियन की कमान पूरी तरह से राकेश टिकैत के हाथों में आ गई।

हालांकि, राकेश टिकैट महेन्द्र टिकैट के दूसरे बेटे हैं, जब महेन्द्र टिकैट की मौत हुई तो खाप के नियमों के कारण उसके बड़े बेटे नरेश टिकैत को भारतीय किसान यूनियन का अध्यक्ष बनाया गया. और राकेश टिकैत को यूनियन का प्रवक्ता बनाया गया. लेकिन यूनियन पर राकेश टिकैत की पकड़ बहुत मजबूत है. और सभी फैसले राकेश टिकैत की सहमति से ही होते है. या कोई भी अहम फैसला राकेश टिकैट लेते है।

राकेश टिकैट भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता हैं, लेकिन सवाल उठता है कि भारतीय किसान यूनियन क्या है और कब इसकी स्थापना हुई थी। बता दें कि जब यूपी में बिजली के दाम बढ़ा दिए गए थे, इससे नाराज होकर किसानों ने महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व में एक बड़ा आंदोलन शुरू किया। इसी आंदोलन के दौरान 1987 में भारतीय किसान यूनियन की नींव रखी गई और चैधरी महेंद्र सिंह टिकैत को इस यूनियन का अध्यक्ष चुना गया।

भारतीय किसान यूनियन के महासचिव धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि किसानों की लड़ाई के चलते राकेश टिकैत 44 बार जेल जा चुके हैं। बात करें उनके परिवार की तो राकेश टिकैत के तीन बच्चे हैं। उनकी दो बेटी है। सीमा और ज्योति. जबकि एक बेटा भी है. बेटे का नाम चरण सिंह है।

Tags: farmer protestkisan netaRakesh Tikaitराकेश टिकैत
Previous Post

Economic Survey: इस साल 7.7% में आ सकती है गिरावट, अगले साल 11% ग्रोथ का अनुमान

Next Post

सिंघु बॉर्डर पर किसान व स्थानीय लोगों के बीच झड़प, पुलिस ने भांजी लाठी

Desk

Desk

Related Posts

Yamuna swells at Syanachatti
Main Slider

उत्तराखंड में बारिश का कहर! यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन, स्यानाचट्टी में होटलों तक पहुंची यमुना

31/07/2026
CM Yogi
उत्तर प्रदेश

मंडियों का पुनरोद्धार हो, आधुनिक सुविधाओं से लैस हों सभी मंडियां: मुख्यमंत्री

31/07/2026
Mayawati
उत्तर प्रदेश

नाम बदलने की सियासत में मायावती की एंट्री, सरकार से की ये अपील

31/07/2026
shehzad poonawalla
Main Slider

भाजपा में सब ठीक नहीं? शहजाद पूनावाला के बायो ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल

31/07/2026
Building Collapse
क्राइम

बारिश के बीच भरभराकर गिरी चार मंजिला ईमारत, 9 की मौत; रेस्क्यू जारी

31/07/2026
Next Post
सिंघु बॉर्डर पर किसान व स्थानीय लोगों के बीच झड़प Clash between farmer and local people on Singhu border

सिंघु बॉर्डर पर किसान व स्थानीय लोगों के बीच झड़प, पुलिस ने भांजी लाठी

यह भी पढ़ें

मनीष सिसोदिया Manish Sisodia

योगी जी इधर-उधर की बातों में मत उलझना, मैं 22 को खुली बहस के लिए आ रहा हूं लखनऊ : मनीष सिसोदिया

16/12/2020
Poisonous Liquor

शराबबंदी वाले बिहार में जहरीली शराब से 5 की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप

14/12/2022
Atul suicide case

Atul Suicide Case : पत्नी निकिता सिंघानिया, सास-साले को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

15/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version