• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

रवि प्रदोष व्रत के दिन शिवलिंग पर चढ़ाएं ये फूल, मनोकामनाएं होती हैं पूरी

Writer D by Writer D
23/12/2023
in धर्म, फैशन/शैली
0
Pradosh Vrat

Pradosh Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत प्रत्येक माह में कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 24 दिसंबर को इस साल मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस दिन शिवलिंग में कनेर के फूल व बेलपत्र चढ़ाने से भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा बरसती है।

न्यायधानी में रवि प्रदोष व्रत (Ravi Pradosh) को लेकर घरों और शिवालयों में विशेष तैयारी की जा रही है। महिलाओं में खासकर विशेष उत्साह बना हुआ है। शिवमंदिर शंकर नगर के पुजारी पंडित रमेश तिवारी का कहना है कि प्रदोष व्रत के दिन सुबह उठकर नहाने के बाद मंदिर की सफाई करें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। प्रदोष व्रत में शाम को पूजा करने का विधान है, तो ऐसे में संध्या काल में पूजा की शुरुआत करें।

शिवलिंग का शहद, घी और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग पर कनेर के फूल, बेलपत्र और भांग चढ़ाएं। भगवान शिव को फल और मिठाई का भोग लगाएं। अंत में भगवान शिव की आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।

प्रदोष व्रत में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। शिवपुराण में महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना बेहद फलदायी बताया गया है। धार्मिक मत है कि इस मंत्र का जाप करने से साधक को जीवन के सभी तरह दुखों से छुटकारा मिलता है।

मान्यता है कि इस दिन देवों के देव महादेव भगवान शिव की पूजा करने से साधक को आरोग्य जीवन का वरदान प्राप्त होता है। महादेव की कृपा सदैव बनी रहती है। इस दिन प्रदोष काल में पूजा की जाती है। पंडित तिवारी ने यह भी बताया कि यह व्रत रविवार के दिन पड़ रहा है। इसलिए इसे रवि प्रदोष व्रत (Ravi Pradosh) कहा जाएगा। प्रदोष व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ की सच्चे मन से आराधना करने पर व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

Tags: ravi pradosh vratravi pradosh vrat 2023Ravi Pradosh Vrat dateRavi Pradosh Vrat ImportanceRavi Pradosh Vrat muhurtRavi Pradosh Vrat Puja Vidhi
Previous Post

बजरंग पूनिया ने फुटपाथ पर छोड़ा अपना पद्मश्री, साल 2019 में मिला था मेडल

Next Post

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए मात्र 84 सेकेंड का शुभ मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

Eyes
फैशन/शैली

अपनी छोटी आंखों को बनाएं आकर्षक, इन टिप्स को करें फॉलो

17/05/2026
Garden
Main Slider

घर के गार्डन में घास-फूस हटाने के लिए आजमाए ये उपाय

17/05/2026
Love
Main Slider

प्यार के मामले में सबसे आगे होती है ये 4 राशि वाले, जानें कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

17/05/2026
Puja Ghar
धर्म

पूजा घर में गलती से भी ना रखें ये चीजें, तरक्की में बन सकती है बाधा

17/05/2026
salt
खाना-खजाना

ज्यादा नमक ने बिगाड़ दिया खाने का जायका, ऐसे दूर करें ये समस्या

17/05/2026
Next Post
RamLalla

रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के लिए मात्र 84 सेकेंड का शुभ मुहूर्त

यह भी पढ़ें

Sahara

सहारा के ऑफिस से ED को मिली 2.98 करोड़ रुपये नकदी, 700 फर्जी कंपनियों के दस्तावेज

05/07/2024
gifts

दिसंबर में शादी के सिर्फ इतने दिन शुभ मुहूर्त, फिर करना होगा साल 2024 का इंतजार

29/11/2023
Explosion in an iron factory

लोहा गलाने की फैक्ट्री में अचानक हुआ विस्फोट, पांच मजदूर झुलसे

20/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version