• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कोरोना काल में प्रीमेच्योर शिशुओं के पैदा होने के मामले घटे

Desk by Desk
23/07/2020
in Main Slider, फैशन/शैली, राष्ट्रीय
0
प्रीमेच्योर शिशु

प्रीमेच्योर शिशु

15
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लाइफ़स्टाइल डेस्क। कोरोना काल में दुनिया के ज्यादातर देशों में अस्पतालों के इमरजेंसी से लेकर जनरल वॉर्ड तक मरीजों से पटे पड़े हैं। हालांकि, लगभग सभी मुल्कों में नवजात गहन चिकित्सा विभाग (एनआईसीयू) में मेडिकल हलचल काफी हद तक घट गई है। प्रीमेच्योर डिलीवरी (तय समय से पहले प्रसव) की दर में भारी कमी इसकी मुख्य वजह है। यूनिवर्सिटी मैटर्निटी हॉस्पिटल लिमरिक (आयरलैंड) और स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट (डेनमार्क) के हालिया अध्ययन बात सामने आई है।

75% कम प्रीमेच्योर बच्चे पैदा हुआ-

शोधकर्ताओं ने पाया कि साल 2019 के मुकाबले 2020 में जून माह तक दुनियाभर में लगभग 75 फीसदी कम प्रीमेच्योर बच्चे पैदा हुए। डेनमार्क, नीदरलैंड, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में समय से पहले प्रसव के मामलों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

कम वजन की शिकायत में भी कमी-

दोनों अध्ययन में यह भी देखा गया कि ज्यादातर देशों में ऐसे शिशुओं के जन्म में भारी कमी आई है, जिनका वजन 3.3 पौंड (लगभग 1.49 किलोग्राम) या उससे कम हो। ऐसे शिशुओं का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए उन्हें इंक्यूबेटर में रखने की जरूरत पड़ती है।

महामारी में डिप्रेशन से जूझ रहीं मांएं-

इससे पहले, ‘जर्नल फ्रंटियर्स इन ग्लोबल वीमेंस हेल्थ’ में प्रकाशित एक शोध में दावा किया था कि महामारी के दौरान मां बनी महिलाओं के बेचैनी और डिप्रेशन के शिकार होने का खतरा तीन गुना ज्यादा होता है। शिशु को संक्रमण से बचाने का तनाव और उसके भविष्य को लेकर मन में तरह-तरह की आशंकाएं इसका मुख्य कारण हैं।

कहां कितनी कमी-

आयरलैंड-
  • 8.8 प्रति एक हजार के करीब रही प्रीमेच्योर शिशुओं की जन्म दर जनवरी 2001 से अप्रैल 2019 के बीच
  • 2.17 ही समय से पहले प्रसव के मामले सामने आए प्रति एक हजार पर जनवरी से अप्रैल 2020 के दौरान
डेनमार्क-
  • 2.19 औसतन प्रीमेच्योर शिशु पैदा हुए थे डेनमार्क में बीते पांच वर्षों के दौरान प्रति एक हजार पर
  • 90 फीसदी कमी देखी गई वक्त से पहले जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या में लॉकडाउन के दौरान

इन तीन वजहों से आई गिरावट-

1.शुद्ध आबोहवा-

लॉकडाउन के चलते लोग घरों में रहे, जिससे वायु प्रदूषण के स्तर में भारी कमी आई। विभिन्न अध्ययनों में प्रीमैच्योर प्रसव के 18% मामलों के लिए दूषित आबोहवा को जिम्मेदार ठहराया गया है।

2.तनावमुक्त जीवन-

घर में कैद रहने की मजबूरी ने भले ही तनाव को जन्म दिया हो, पर यह ऑफिस का लंबा सफर तय करने और कार्यस्थल पर महसूस किए जाने वाले दबाव के दौरान होने वाली झुंझलाहट से कम घातक है।

3.अस्पताल जाने में हिचकिचाहट-

मैच्योर प्रसव के मामले इसलिए भी घटे क्योंकि कोरोना संक्रमण की जद में आने के डर से महिलाएं अस्पताल कम गईं। इस कारण उच्च रक्चताप सहित अन्य समस्याओं के चलते वक्त से पहले प्रसव नहीं करवाना पड़ा।

Tags: CoronavirusCoronavirus attacks human body in 6 wayscoronavirus indiaCoronavirus India Updatescoronavirus newscoronavirus symptomscoronavirus vaccineCoronavirus winning habitsCoronavirus Worldwide UpdateCovid 19 India Live UpdatesCOVID-19During Coronavirus Lockdown Preterm birth cases decreasedsimple habits you need to adopt to win covid 19कोरोनाकोरोना कालकोरोना काल में प्रीमेच्योर शिशुओं के पैदा होने के मामले घटेकोरोना को हराने के लिए अपनाएं ये कदमकोरोना वायरसकोरोना वायरस इंडिया अपडेटकोरोना वायरस भारत अपडेटकोरोना वायरस लाइव अपडेट्सकोरोना वैक्सीनकोरोना से जंगकोरोनावायरसकोविडकोविड-19 अपडेटप्रीमेच्योर शिशु
Previous Post

यूपी : कोरोना एडवाइजरी का उल्लंघन करने वालों ने भरा 27,17,988 का चालान

Next Post

जानें क्या कोरोना वायरस को फैला रहा है N-95 मास्क

Desk

Desk

Related Posts

Mayur Dixit
Main Slider

डीएम ने माई भारत योजनाओं को घर-घर पहुंचाने के दिए निर्देश

13/07/2026
Chhattisgarh gets five new government medical colleges
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ को मिले पांच नए शासकीय मेडिकल कॉलेज, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रीका जताया आभार

13/07/2026
Mayur Dixit
Main Slider

युवाओं को इंटर्नशिप, नेतृत्व और कौशल विकास से जोड़ने पर जोर, मयूर दीक्षित ने दिए निर्देश

13/07/2026
CM Yogi
Main Slider

भदरसा का नाम ‘भरत नगर’ होने से श्रद्धालु गदगद आस्था को मिला सम्मान

13/07/2026
NEET re-exam OMR sheet released
Main Slider

NEET री-एग्जाम की OMR शीट जारी, जानें कब तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति

13/07/2026
Next Post
N-95 मास्क

जानें क्या कोरोना वायरस को फैला रहा है N-95 मास्क

यह भी पढ़ें

पच्चीस हजार का इनामी गिरफ्तार, लाइसेंसी बंदूक बरामद

23/11/2021
CM Yogi

बड़े राज्य के विकास के लिए बड़ा विजन लेकर काम कर रही सरकार: सीएम योगी

06/12/2022

सभी जनपदों में पीकू व नीकू बेड तीव्र गति से स्थापित किये जाएं : योगी

07/07/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version