• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इस दिन रखा जाएगा रोहिणी व्रत, जानिए पूजा विधि

Writer D by Writer D
03/06/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Rohini Vrat

Rohini Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

रोहिणी व्रत (Rohini Vrat ) जैन समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण माना जाता है। रोहिणी व्रत उस दिन मनाया जाता है, जब सूर्योदय के बाद रोहिणी नक्षत्र पड़ता है। इस बार यह 6 जून को मनाया जाएगा। मान्यता है कि इस व्रत को करने से पति को लंबी उम्र का वरदान मिलता है और जीवन में सभी तरह की खुशियां मिलती हैं। आइए, जानते हैं कि रोहिणी व्रत (Rohini Vrat ) में भगवान वासुपूज्य की पूजा किस तरह करनी चाहिए।

रोहिणी व्रत (Rohini Vrat ) पूजा विधि

– रोहिणी व्रत (Rohini Vrat ) के दिन सुबह स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
– इसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं।
– इस दौरान सच्चे मन से ‘ओम सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।
– एक चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर भगवान वासुपूज्य की मूर्ति स्थापित करें।
– भगवान को फल, फूल आदि अर्पित करें।
– इस व्रत में रात के समय खाना खाने की मनाही होती है।
– सूर्यास्त से पहले आरती करें और फल खाएं।
– मान्यता है कि इस दिन विशेष चीजों का दान करने से लाभ मिलता है।

वासुपूज्य भगवान की आरती

ॐ जय वासुपूज्य स्वामी, प्रभु जय वासुपूज्य स्वामी।

पंचकल्याणक अधिपति स्वामी, तुम अन्तर्यामी ।।

चंपापुर नगरी भी स्वामी, धन्य हुई तुमसे।

जयरामा वसुपूज्य तुम्हारे स्वामी, मात पिता हरषे ।।

बालब्रह्मचारी बन स्वामी, महाव्रत को धारा।

प्रथम बालयति जग ने स्वामी, तुमको स्वीकारा ।।

गर्भ जन्म तप एवं स्वामी, केवल ज्ञान लिया।

चम्पापुर में तुमने स्वामी, पद निर्वाण लिया ।।

वासवगण से पूजित स्वामी, वासुपूज्य जिनवर।

बारहवें तीर्थंकर स्वामी, है तुम नाम अमर ।।

जो कोई तुमको सुमिरे प्रभु जी, सुख सम्पति पावे।

पूजन वंदन करके स्वामी, वंदित हो जावे ।।

ॐ जय वासुपूज्य स्वामी, प्रभु जय वासुपूज्य स्वामी।

पंचकल्याणक अधिपति स्वामी, तुम अन्तर्यामी ।।

Tags: AstrologyAstrology tipsRohini Vrat 2024Rohini Vrat dateRohini Vrat puja
Previous Post

कौन है भगवान शिव की बेटी, जाने कैसे हुई थी उत्पत्ति

Next Post

इस विधि से करें वट सावित्री व्रत की पूजा, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

Writer D

Writer D

Related Posts

Lifestyle

अगर आपको बढ़ाना है स्टैमिना, तो अपनी डाइट में शामिल करें ये चीजें

04/05/2026
bird suicide
Lifestyle

अजब-गजब : इस रहस्यमई जगह पर पक्षी आकर कर लेते हैं आत्महत्या

04/05/2026
Kashi Vishwanath Temple
Main Slider

काशी बनी आस्था और आधुनिकता का संगम : जयवीर सिंह

04/05/2026
Furniture
फैशन/शैली

प्लास्टिक फर्नीचर पर लगे गए है दाग, इन टिप्स की मदद से चमकाए

03/05/2026
Maggi
खाना-खजाना

बच्चों के लिए बनाएं ये डिश, खुशी से उछल पड़ेंगे

03/05/2026
Next Post
Vat Savitri Vrat

इस विधि से करें वट सावित्री व्रत की पूजा, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

यह भी पढ़ें

मनोहर लाल खट्टर की सुरक्षा में सेंध manohar lal khattar

कांग्रेस सत्ता के बिना तड़प रही है, तभी वह झूठ फैला रही है : खट्टर

31/10/2020
Archana Puran Singh

शूटिंग के दौरान अर्चना पूरन सिंह के साथ हुआ एक्सीडेंट, हॉस्पिटल में एडमिट

29/01/2025
Rats

चूहों से हैं परेशान, दूर भगाने के लिए अपनाएं ये उपाय

14/09/2025
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version