• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सकट चौथ व्रत कब रखा जाएगा? जानें महत्व

Writer D by Writer D
07/01/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
sakat chauth

sakat chauth

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर महीने की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है। एकादशी की तरह ही चतुर्थी का व्रत भी एक महीने में दो बार रखा जाता है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकंष्टी चतुर्थी (Sakat Chauth) कहा जाता है, तो वहीं शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सकट चौथ व्रत रखा जाता है। सकट चौथ को तिलकुटा चौथ, वक्र-तुण्डि चतुर्थी और माघी चौथ के नाम से भी जाना जाता है।

सकट चौथ (Sakat Chauth) के दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र और बेहतर स्वास्थ्य की कामना के लिए व्रत रखती हैं। आसान भाषा में कहें तो माघ माह की संकष्टी चतुर्थी को सकट चौथ कहते हैं। माघी संकष्टी चतुर्थी व्रत में भगवान गणेश और चंद्रदेव की उपासना की जाती है। यह व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत में काफी लोकप्रिय है। आइए जानते हैं कि जनवरी में सकट चौथ व्रत कब है

संकष्टी चतुर्थी (Sakat Chauth) 2025 कब है?

इस साल 2025 में सकट चौथ व्रत 17 जनवरी 2025 को रखा जाएगा। माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 17 जनवरी की सुबह 4:06 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि की समाप्ति 18 जनवरी की सुबह 5:30 मिनट पर होगी। 17 जनवरी 2025 यानी सकट चौथ के दिन चन्द्रोदय समय रात 9:09 बजे है।

तिल चौथ क्यों मनाई जाती है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह व्रत संतान प्राप्ति का वरदान देने वाला और संतान के जीवन के सभी विघ्न दूर करने वाला माना गया है। सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश को समर्पित है और महिलाएं इसे अपने बच्चों की लंबी उम्र और सफल भविष्य के लिए करती हैं।

संकष्टी चतुर्थी यानी सकट चौथ (Sakat Chauth) के दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही यह व्रत खोला जाता है, इसलिए संकष्ट चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन और पूजा का विशेष महत्व होता है। तिल चौथ के दिन गणपति की पूजा में तिल के करछुल और मिठाई रखकर चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलते हैं।

तिलकुट का व्रत क्यों रखा जाता है?

धर्म शास्त्र में वर्णित पौराणिक कथा के मुताबिक, भगवान श्रीगणेश का जन्म सकट चौथ पर हुआ था। इसी कारण तिलकुटा चतुर्थी पर काशी में गणेश उत्सव भी मनाया जाता है।

Tags: Sakat ChauthSakat Chauth datesakat chauth vrat
Previous Post

मौनी अमावस्या पर करें इन चीजों को दान, जीवन में बनी रहेगी सुख-समृद्धि!

Next Post

इन लोगों को कभी भी नहीं पहनने चाहिए चांदी के गहने, कष्टों से भर जाता है जीवन

Writer D

Writer D

Related Posts

open pores
फैशन/शैली

ओपन पोर्स हो जाएंगे गायब, अपनाएं ये घरेलू उपाय

14/07/2026
Days
Main Slider

वार के अनुसार काम करना होता है शुभ, मिलेगी सफलता

14/07/2026
flute
धर्म

घर में बढ़ गई है नकारात्मक ऊर्जा, ये एक चीज बना देगी सकरत्मक

14/07/2026
Jyeshtha Amavasya
धर्म

आषाढ़ अमावस्या पर इस विधि से करें पूजन, पितरों को मिलेगी शांति

14/07/2026
Jade Plant
धर्म

घर में लगा ले ये जादुई पौधा, नहीं होगी धन की कमी

14/07/2026
Next Post
silver

इन लोगों को कभी भी नहीं पहनने चाहिए चांदी के गहने, कष्टों से भर जाता है जीवन

यह भी पढ़ें

Hiranandani Group

हीरानंदानी ग्रुप के ठिकानों पर ED की रेड, इस मामले में हुई कार्रवाई

22/02/2024
कश्मीर में दो आतंकवादी गिरफ्तार

कश्मीर में दो आतंकवादी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद

25/09/2020
Abu Salem

अबू सलेम को राहत नहीं, 25 साल की सजा पूरी होने पर ही होगी रिहाई

11/07/2022
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version