• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

भगवान और भक्त के समर्पण का प्रतीक पर्व है शबरी जयंती, जानिए शबरी से जुड़ी खास बातें

Writer D by Writer D
05/03/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Shabri Jayanti

Shabri Jayanti

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर साल फाल्गुन माह की कृष्ण पक्ष की दूज तिथि को शबरी जयंती मनाई जाती है। इस साल यह 05 मार्च को है। शबरी अपने गुरु के आशीर्वाद से प्रभु राम से मिलती हैं और भगवान राम ने उन्हें नौ भक्ति का ज्ञान दिया। श्रीराम के प्रति श्रद्धा और भक्ति के कारण शबरी को मोक्ष प्राप्ति हुई थी। ऐसा माना जाता है कि इस दिन भगवान राम ने इनके झूठे बेर खाए थे। इसलिए भगवान और भक्त के आपसी समर्पण के प्रतीक पर्व के रूप में शबरी जयंती मनाई जाती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं शबरी के जीवन से जुड़ी खास बातें…

कौन थी शबरी माता

माता शबरी का वास्तविक नाम श्रमणा था और वह भील समुदाय की शबरी जाति से संबंध रखती थीं। इसी कारण कालांतर में उनका नाम शबरी पड़ा। उनके पिता भीलों के राजा थे। शबरी जब विवाह के योग्य हुई तो उनके पिता ने भील कुमार से उसका विवाह तय किया। उस समय विवाह में जानवरों की बलि देने का नियम था। इसलिए शबरी के पिता ने 100 जानवारों को बलि चढाने का फैसला किया। शबरी पूरी रात उन भेड़-बकरियों के पास बैठी रही और उनसे बाते करती रही। उसके मन में एक ही विचार था, कि कैसे वो इन निर्दोष जानवरों को बचा पाए। तब ही एकाएक शबरी के मन में ख्याल आता हैं और वो भौर होने से पूर्व ही अपने घर से भागकर जंगल चली गई, जिससे वो उन निर्दोष जानवरों को बचा सके। शबरी भलीभांति जानती थी, अगर एक बार वो इस तरह से घर से भाग जाएगी, तो कभी उसे घर वापस आने का मौका नहीं मिलेगा। फिर भी शबरी ने खुद से पहले उन निर्दोषों की सोची। घर से निकलकर शबरी एक घने जंगल में जा पहुंची।

मतंग ऋषि के आश्रम पहुंची शबरी

अकेली शबरी जंगल में भटक रही थी, तब उसने शिक्षा प्राप्ति के उद्देश्य से कई गुरुवरों के आश्रम में दस्तक दी, लेकिन छोटी जाति होने के कारण हर कोई शबरी को धुत्कार देता था। शबरी भटकती हुई मतंग ऋषि के आश्रम पहुंची और उसने अपनी शिक्षा प्राप्ति की इच्छा व्यक्त की। मतंग ऋषि ने शबरी को सहर्ष अपने गुरुकुल में स्थान दे दिया  अन्य सभी ऋषियों ने मतंग ऋषि का तिरस्कार किया, लेकिन मतंग ऋषि ने शबरी को अपने आश्रम में स्थान दिया।

श्री राम की भक्त थी शबरी

जब मतंग का अंत समय आया तो उन्होंने शबरी से कहा कि, वह अपने आश्रम में ही भगवान राम की प्रतीक्षा करें, वे उनसे मिलने जरूर आएंगे। मतंग ऋषि की मौत के बात शबरी का समय भगवान राम की प्रतीक्षा में बीतने लगा, वह अपना आश्रम एकदम साफ रखती थीं। शबरी रोज राम के लिए मीठे बेर तोड़कर लाती थी। बेर में कीड़े न हों और वह खट्टा न हो इसके लिए वह एक-एक बेर चखकर तोड़ती थी। ऐसा करते-करते कई साल बीत गए। एक दिन शबरी को पता चला कि दो सुंदर युवक उन्हें ढूंढ रहे हैं, वह तुरंत समझ गईं कि उनके प्रभु राम आ गए हैं। उस समय तक वह वृद्ध हो चली थीं, लेकिन राम के आने की खबर सुनते वह भागती हुई प्रभु राम के पास पहुंची और उन्हें घर लेकर आई और उनके पांव धोकर बैठाया। अपने तोड़े हुए मीठे बेर राम को दिए राम ने बड़े प्रेम से वे बेर खाए। शबरी की कथा रामायण, भागवत, रामचरितमानस, सूरसागर, साकेत आदि ग्रंथों में मिलती है।

देवी स्वरूप में पूजी जाती है शबरी

शबरी जंयती के दिन शबरी को देवी स्वरूप में पूजा जाता है, यह जयंती श्रद्धा एवं भक्ति द्वारा मोक्ष प्राप्ति का प्रतीक है। ऐसी मान्यता है कि शबरी माला देवी की पूजा करने से वैसे ही भक्ति भाव की कृपा मिलती है जैसे शबरी ने भगवान राम से प्राप्त की थी।

Tags: shabri jayantishabri jayanti 2021
Previous Post

Model Gaon बनाएंगे, घर-घर खुशहाली लाएंगे : IAS हीरा लाल

Next Post

योगी राज में वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राइम का बोलबाला : जयंत चौधरी

Writer D

Writer D

Related Posts

Sharad Pawar
Main Slider

शरद पवार की पार्टी में बड़ा फैसला, एक साथ सारे प्रवक्ताओं को किया आऊट

05/08/2026
Anand Bardhan
Main Slider

पहाड़ों की ओर शिफ्ट होंगे आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मैदानी इलाकों में होगा पुनर्गठन

05/08/2026
Satish Mahana
Main Slider

‘क्या मैं अध्यक्ष की कुर्सी के योग्य हूं?’ हंगामे पर छलका सतीश महाना का दर्द

05/08/2026
Shivpal Yadav
Main Slider

BJP-RSS आतंकियों को देती है ट्रेनिंग, शिवपाल यादव ने लगाए गंभीर आरोप

05/08/2026
Satish Mahana
Main Slider

कल जो सदन में हुआ, उससे मैं दुखी और निराश हूं: सतीश महाना

05/08/2026
Next Post
Jayant Chaudhary

योगी राज में वन डिस्ट्रिक्ट वन क्राइम का बोलबाला : जयंत चौधरी

यह भी पढ़ें

एजाज खान

BB 14: एजाज खान ने पवित्रा पुनिया को किया सरेआम KISS

21/02/2021

घर पर ऐसे बनाएं क्रीम रोल, बच्चे हो जाएंगे फैन

10/01/2026
CM Nayab Singh

भर्ती रोको गैंग कांग्रेस की तरफ से खड़ा किया गया एक षड्यंत्र: सीएम सैनी

22/07/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version