• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

तीन आंख और दो नाक के साथ जन्मी बछिया, ग्रामीणों ने भगवान मानकर शुरू की पूजा

Writer D by Writer D
20/01/2022
in Main Slider, ख़ास खबर, छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

छत्तीसगढ़। राजनांदगांव जिले में तीन आंख और दो नाक (चार नासिका छिद्र) के साथ जन्मी बछिया को भगवान मानकर पूजा शुरू कर दी। हालांकि बाद में उसकी मौत से लोग दुखी हो गए।

जिले के छुईखदान थाना क्षेत्र के अंतर्गत लोधी गांव निवासी हेमंत चंदेल ने बताया कि उनके यहां 13 जनवरी को तीन आंख वाली जन्मी बछिया की बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे मौत हो गई। चंदेल ने बताया कि बछिया की मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग उनके घर पर जमा हो गए थे।

उन्होंने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से मृत बछिया का अंतिम संस्कार कर दिया। चंदेल ने कहा कि इस घटना से वह और उनका परिवार दुखी है।  उनका मानना है कि भगवान कुछ दिनों के लिए उनके घर आए थे। बता दें कि  एचएफ जर्सी नस्ल की एक गाय ने इस बछिया को जन्म दिया था।  जन्म के बाद से ही बछिया ग्रामीण और आसपास के कस्बों के निवासियों के लिए कौतूहल का विषय बन गई थी।

बछिया की एक अतिरिक्त आंख और दो अतिरिक्त नासिका छिद्र थे। साथ ही, पूंछ जटा की तरह तथा जीभ सामान्य से लंबी थी।  तीन आंख और चार नासिका छिद्र समेत अन्य भिन्नताओं को लेकर जन्मी इस बछिया को भगवान का अवतार मानकर लोगों ने उसकी पूजा शुरू कर दी थी। स्थानीय सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर संदीप इंदुरकर ने बताया कि ऐसे मामले जन्मजात (जन्म से) विसंगतियों के कारण होते हैं और पशु लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं।

अखिलेश सरकार में बहन-बेटियां नहीं थी सुरक्षित : ब्रजेश पाठक

डॉक्टर इंदुरकर ने बताया कि शारीरिक संरचना में इस तरह की विकृति भ्रूण की असामान्य वृद्धि के कारण होती है।  आमतौर पर ऐसे पशु का स्वास्थ्य कमजोर होता है और वह लंबे समय तक जीवित नहीं रहते हैं।  छत्तीसगढ़ में अंधविश्वास के खिलाफ वर्षों से आंदोलन चलाने वाले क्षेत्र के चिकित्सक एवं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के प्रमुख डॉक्टर दिनेश मिश्रा के मुताबिक ऐसे मामले जन्मजात विसंगतियों के कारण होते हैं।  उन्होंने कहा कि लोगों को इसे आस्था या अंधविश्वास से नहीं जोड़ना चाहिए।

Tags: amazing newsanimal loversChattisgarh NewsNational news
Previous Post

अखिलेश सरकार में बहन-बेटियां नहीं थी सुरक्षित : ब्रजेश पाठक

Next Post

राजधानी में 24 घंटे में 43 कोरोना मरीजों ने तोड़ा दम, 12 हजार से अधिक संक्रमित

Writer D

Writer D

Related Posts

Kalkaji temple's sevadar beaten to death
क्राइम

कालकाजी मंदिर के सेवादर की पीट-पीटकर हत्या

30/08/2025
Gold
Main Slider

पुराने जेवर भी चमक जाएंगे, इन उपायों से करें साफ

30/08/2025
Married Life
Main Slider

इन कारणों से शादीशुदा जीवन में आती है परेशानी, नहीं मिलता दांपत्य सुख

30/08/2025
Shani Dev
Main Slider

क्या आपके सपने में दिखते है शनिदेव, जानें इससे मिलने वाले संकेत

30/08/2025
Shani Dev
Main Slider

शनि देव के लिए रख रहे हैं व्रत, तो पहले जान लें ये खास नियम

30/08/2025
Next Post
corona in Delhi

राजधानी में 24 घंटे में 43 कोरोना मरीजों ने तोड़ा दम, 12 हजार से अधिक संक्रमित

यह भी पढ़ें

pm modi

विश्व के नंबर वन नेता बने पीएम मोदी, बाइडन और बोरिस जॉनसन को भी छोड़ा पीछे

05/09/2021
Chitrakoot jail superintendent suspended in Abbas Ansari case

अब्बास को पत्नी से मिलवाने के मामले में जेल अधीक्षक सस्पेंड, इन पर भी गिरी गाज

11/02/2023
श्याम बिहारी मिश्रा

मंडी के भीतर 2.5% शुल्क, इससे तो व्यापार खत्म हो जाएगा : शैलेंद्र शर्मा

23/09/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version