टीबी मुक्त भारत अभियान की धीमी प्रगति पर मुख्य सचिव नाराज
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने गुरुवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कुछ जनपदों में धीमी प्रगति पर…
देहरादून। उत्तराखण्ड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन (Anand Bardhan) ने गुरुवार को जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कुछ जनपदों में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसे जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए, जहां मरीजों का सामान्य जांच आंकलन प्रतिशत 60 प्रतिशत से कम रहा है।
मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने निर्देश दिए कि अगले एक सप्ताह के भीतर सामान्य जांच आंकलन कार्य को 100 प्रतिशत पूरा किया जाए तथा उच्च संवेदनशील और जोखिम वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने डीजी हेल्थ स्तर पर अभियान की प्रतिदिन समीक्षा और निगरानी सुनिश्चित करने तथा कम स्क्रीनिंग वाले जनपदों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत स्क्रीनिंग बढ़ाने और अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
बैठक में मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने प्रसवपूर्व देखभाल में सुधार के लिए गर्भावस्था की प्रथम तिमाही में पंजीकरण बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान और बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
उन्होंने सभी जनपदों में एएनसी जांच बढ़ाने, जन्म प्रतीक्षा गृहों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर महिला एवं बाल विकास विभाग के वन स्टॉप सेंटरों का उपयोग करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव (Anand Bardhan) ने मानसून के मद्देनजर दूरस्थ क्षेत्रों में चिन्हित हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं को बर्थ वेटिंग होम्स में स्थानांतरित करने और प्रसव के बाद हाई-रिस्क माताओं की पहचान और प्रबंधन को मजबूत करने पर बल दिया, ताकि रोकी जा सकने वाली मातृ मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश कुमार संत, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ . एस. एन. पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, आयुक्त दीपक रावत एवं आनन्द स्वरूप सहित जनपदों से जिलाधिकारी उपस्थित थे।
Facebook टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए Facebook में लॉगिन करें
टिप्पणियां अक्षम हैं। व्यवस्थापक से संपर्क करें।
सम्बंधित ख़बरें
सरदार पटेल ने रियासतों का एकीकरण कर रखी अखंड भारत की मजबूत नींव: CM धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून के घंटाघर स्थित भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने देश की एकता, अखंडता और…
13 नवंबर को होगा तीसरा प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन, युवाओं की भागीदारी पर रहेगा विशेष जोर
देहरादून। उत्तराखंड के विकास में प्रवासी उत्तराखंडियों के अनुभव, विशेषज्ञता और योगदान को जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार आगामी 13 नवंबर 2026 को तृतीय प्रवासी उत्तराखंडी सम्मेलन आयोजित करने जा रही है। सम्मेलन का आयोजन…
ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड को बड़ी कामयाबी, त्यूणी-प्लासू प्रोजेक्ट को मिली वन स्वीकृति
देहरादून। उत्तराखंड में जल विद्युत उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) की 72 मेगावाट क्षमता वाली त्यूणी-प्लासू जल विद्युत परियोजना…
उत्तराखंड में 12 साल में 2.25 लाख करोड़ की योजनाएं, CM धामी ने गिनाईं उपलब्धियां
देहरादून: उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं, बुनियादी सुविधाओं और आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में…
