सहकारिता से चमकेगी सौर ऊर्जा: पीसीयू को मिली राज्य स्तरीय बड़ी जिम्मेदारी
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (PCU) को सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीसीयू अब राज्य की…
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (PCU) को सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पीसीयू अब राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी और परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) के रूप में कार्य करेगा।
बुधवार को देहरादून स्थित पीसीयू कार्यालय (PCU Office) में आयोजित प्रबंध समिति की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता पीसीयू अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा ने की। बैठक में सहकारिता क्षेत्र को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, नए व्यवसायिक अवसर विकसित करने और सदस्यता विस्तार सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में तय किया गया कि पीसीयू राज्य की शीर्ष सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी बैंकों और अन्य सहकारी समितियों में सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य करेगा। इस उपलब्धि को सहकारिता आंदोलन के लिए बड़ी सफलता बताते हुए संचालक मंडल के सदस्यों ने हर्ष व्यक्त किया।
संघ की आय बढ़ाने और आर्थिक मजबूती के लिए नए बिजनेस मॉडल विकसित करने पर भी सहमति बनी। साथ ही अधिक से अधिक सहकारी संस्थाओं को जोड़ने के उद्देश्य से वार्षिक सदस्यता शुल्क को ₹5,000 से घटाकर ₹2,000 करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सहकारिता विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों के प्रशिक्षण हेतु विस्तृत वार्षिक कैलेंडर तैयार करने पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई के लिए प्रदीप चौधरी को नामित किए जाने पर सहमति प्रदान की गई। वहीं इफ्को में निदेशक बनाए जाने पर उमेश त्रिपाठी और प्रदीप चौधरी को प्रबंध समिति की ओर से सम्मानित कर शुभकामनाएं दी गईं।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए नवाचार आधारित बिजनेस मॉडल अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहकारिता आधारित समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने के लिए सभी संस्थाएं मिलकर कार्य करेंगी।
सोलर ऊर्जा परियोजनाओं की जिम्मेदारी मिलने के साथ ही पीसीयू (PCU) अब सहकारिता और हरित ऊर्जा के संगम का नया मॉडल स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
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