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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखंड के विकास की आधारशिला है: धामी

देहारादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य के विकास, कनेक्टिविटी और समृद्ध भविष्य की आधारशिला बताया है । लंबे समय से प्रतीक्षित रेल परियोजना का पहला चरण…

24GhanteOnline
April 11, 2025
2 min read

देहारादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को राज्य के विकास, कनेक्टिविटी और समृद्ध भविष्य की आधारशिला बताया है । लंबे समय से प्रतीक्षित रेल परियोजना का पहला चरण 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। धामी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, " ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना सिर्फ एक रेलवे लाइन नहीं है, बल्कि राज्य के विकास, कनेक्टिविटी और समृद्ध भविष्य की आधारशिला है।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा, "आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodiji के नेतृत्व में देवभूमि अब विकास की पटरी पर दौड़ रही है, इस परियोजना का हर स्टेशन, हर सुरंग और हर पुल पहाड़ों पर रेलवे के सपने को साकार कर रहा है।" इस परियोजना के दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। कर्णप्रयाग का रेलवे स्टेशन सेवई में बनाया जा रहा है। गौचर में भट्टनगर से सेवई तक 6.3 किलोमीटर लंबी एस्केप टनल 25 दिसंबर को टूट गई थी।इस बीच, धामी ने गुरुवार को हरिद्वार के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में प्रतिभा सम्मान समारोह-2025 में भाग लिया, जहां उन्होंने एक नवनिर्मित स्कूल भवन और एक अत्याधुनिक स्मार्ट क्लासरूम का उद्घाटन किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन छात्रों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता और शिक्षकों के समर्पण को पहचानने और मनाने के लिए किया गया था। सीएम धामी ने कई मेधावी छात्रों और शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री (CM Dhami) ने कहा, "जब देश आजादी के बाद अपने पैरों पर खड़ा था, तब राष्ट्र निर्माण की भावना को ध्यान में रखते हुए, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक सहयोगी संगठन के रूप में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान ने सरस्वती शिशु मंदिर के रूप में एक पौधा लगाया, जो आज एक विशाल वट वृक्ष बन गया है और देश के कोने-कोने में हमारे बच्चों को शिक्षित करके देश को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है।"

सीएम धामी (CM Dhami) ने कहा, "देश में विद्या भारती द्वारा 12 हजार से अधिक विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें 35 लाख से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती 50 से अधिक महाविद्यालय और एक विश्वविद्यालय संचालित करती है, जिसके माध्यम से छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनमें राष्ट्र सेवा, नैतिकता, संस्कृति संरक्षण, प्रकृति संरक्षण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा रही है।"

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