• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

38 साल बाद घर पहुंचेगा सियाचिन के हीरो का पार्थिव शरीर, 1984 में हुआ था शहीद

Writer D by Writer D
15/08/2022
in Main Slider, उत्तराखंड, राष्ट्रीय
0
Chandrashekhar

Chandrashekhar

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हल्द्वानी। साल 1984 में सियाचिन (Siachen) में शहीद हुए 19 कुमाऊं रेजीमेंट (19 Kumaon Regiment) के जवान चंद्रशेखर हर्बोला (Chandrashekhar Harbola) का पार्थिव शरीर 38 साल बाद उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनके घर पहुंचेगा।  जानकारी के मुताबिक, सियाचिन में आए बर्फीले तूफान की चपेट में 19 लोग आ गए थे।

फिर सर्च ऑपरेशन के दौरान 14 जवानों के शव को बरामद कर लिया गया था, 5 लोगों का पार्थिव शरीर नहीं मिला था।  इसमें शहीद लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला का नाम भी शामिल था।  शहीद के घर वालों को भी साल 1984 में यह सूचना दे दी गई थी कि उनका पार्थिव शरीर नहीं मिला है। वो बर्फीले तूफान की चपेट में आकर शहीद हो गए हैं, लेकिन वक्त का फेर ऐसा बदला कि अब 38 साल बाद शहीद लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला का पार्थिव शरीर उनके घर पहुंचेगा।

Martyr Chandrashekhar Harbola body will reach home after 38 years was  buried in snow of Siachen | Chandrashekhar Harbola: 38 साल बाद घर पहुंचेगा  शहीद का पार्थिव शरीर, 1984 से सियाचिन की

19 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला 29 मई 1984 को सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत (Operation Mehghdoot) के दौरान शहीद हो गए थे।  बताया जाता है कि उस बर्फीले तूफान में ऑपरेशन मेघदूत के 19 लोग दबे थे जिनमें से 14 जवानों का पार्थिव शरीर बरामद कर लिया गया था।

38 साल बाद पुराने बंकर में मिला सियाचीन के 'हीरो' का पार्थिव शरीर, ऑपरेशन  मेघदूत में हो गए थे शहीद | TV9 Bharatvarsh

सर्च ऑपरेशन के दौरान पांच जवानों का पार्थिव शरीर नहीं मिल पाया था, जिसके बाद सेना ने शहीद चंद्रशेखर हर्बोला के घर में यह खबर दे दी थी कि चंद्रशेखर बर्फीले तूफान के कारण शहीद हो गए हैं।

लाल किले पर पहली बार स्वदेशी तोप से सलामी, 48 KM तक दाग सकती है गोले

Dehradun News: 38 साल के बाद होगा इस शहीद सैनिक का अंतिम संस्कार, सियाचिन  की बर्फ में दबकर लापता हुए सैनिक की कहानी

गौरतलब है कि शहीद लांस नायक चंद्रशेखर हर्बोला के परिजनों को जब उनके पार्थिव शरीर के मिलने की खबर मिली तो पुरानी धुंधली यादें ताजा हो गईं।  उनको परिवार के सदस्य के जाने का दुख भी है और देश की सेवा करते हुए चंद्रशेखर हर्बोला ने अपने प्राणों का बलिदान किया, इसका गर्व भी है।

Tags: Chandrashekhar HarbolaNational newsoperaton meghdootsiachinUttarakhand News
Previous Post

लाल किले पर पहली बार स्वदेशी तोप से सलामी, 48 KM तक दाग सकती है गोले

Next Post

मुकेश अंबानी को मिली धमकी, कहा- तीन घंटे में पूरा परिवार कर देंगे खत्म

Writer D

Writer D

Related Posts

Amritsari Tadka Tea
Main Slider

घर पर ही बनाएं कुल्हड़ फ्लेवर वाली चाय, अपनाएं ये आसान ट्रिक

26/05/2026
cotton clothes
फैशन/शैली

कॉटन के कपड़ों की इस तरह करें देखभाल, लंबे समय तक बनी रहेगी इनकी चमक

26/05/2026
Anand Bardhan
राजनीति

प्रदेश में उन्नत बागवानी की अपार संभावनाएं: मुख्य सचिव

25/05/2026
cm yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री ने पद्म पुरस्कार पाने वाली विभूतियों को दी बधाई एवं शुभकामनाएं

25/05/2026
CM Dhami
राजनीति

CM धामी ने किया पंचायत जनप्रतिनिधियों से किया जन संवाद

25/05/2026
Next Post
Mukesh Ambani

मुकेश अंबानी को मिली धमकी, कहा- तीन घंटे में पूरा परिवार कर देंगे खत्म

यह भी पढ़ें

twins daughters

50 साल की उम्र में महिला बनी मां, ट्विन्स बेटियों को दिया जन्म

25/11/2021
दिशा रवि Disha Ravi

टूलकिट केस : आरोपी पर्यावरण एक्टिविस्ट दिशा रवि को मिली जमानत

23/02/2021

सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को दी जमानत, महाराष्ट्र सरकार पर की टिप्पणी

11/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version