सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन, यानी शुक्रवार की सुबह दलाल स्ट्रीट पर मानो मायूसी छा गई। दोनों प्रमुख सूचकांक, बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50, भारी गिरावट के साथ लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कुछ मिनटों में ही सेंसेक्स 550 अंकों से ज्यादा गोता लगा गया, वहीं निफ्टी भी 24600 के अपने अहम स्तर से नीचे खिसक गया। दरअसल, इसके पीछे विदेशी बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेत और निवेशकों द्वारा की जा रही भारी मुनाफावसूली को मुख्य वजह माना जा रहा है।
बाजार (Share Market) की शुरुआत से ही भारी कमजोरी के साफ संकेत मिलने लगे थे। कल यानी गुरुवार को बीएसई सेंसेक्स 80,015.90 के एक मजबूत स्तर पर बंद हुआ था। लेकिन आज सुबह यह लगभग 356 अंकों के नुकसान के साथ 79,658.99 पर खुला। इसे तकनीकी भाषा में ‘गैप-डाउन’ ओपनिंग कहते हैं, जो यह दर्शाता है कि बाजार खुलने से पहले ही बिकवाली का भारी दबाव बन चुका था। खुलने के बाद भी यह गिरावट थमी नहीं।
शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 0.69 फीसदी (551.16 अंक) टूटकर 79,464.74 के स्तर पर आ गया। शेयर बाजार (Share Market) में अपनी गाढ़ी कमाई लगाने वाले आम निवेशकों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि जिन शेयरों पर उन्होंने भरोसा जताया था, वे शुरुआती सौदों में ही लुढ़क गए।
सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के निफ्टी 50 इंडेक्स ने भी निवेशकों को काफी निराश किया। पिछले कारोबारी सत्र में 24,765.90 पर बंद होने वाला निफ्टी आज 109 अंकों की गहरी कमजोरी के साथ 24,656.40 पर खुला। बाजार में बिकवाली का ऐसा दबाव हावी रहा कि देखते ही देखते निफ्टी 168.15 अंक यानी करीब 0.68 प्रतिशत फिसलकर 24,597.75 के स्तर पर आ गया। निफ्टी का 24,600 के नीचे जाना बाजार की मौजूदा तकनीकी कमजोरी को साफ तौर पर बयां करता है।








