• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पितृ पक्ष के दौरान पितरों की तिथि ज्ञात ना हो तो ऐसे करें श्राद्ध

Writer D by Writer D
31/08/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
pitru paksha

pitru paksha

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (Pitru Paksha) का विशेष महत्व है। पितृ- पक्ष के दौरान हमारे पितृ यानी हमारे पूर्वज धरती पर आते हैं। पितृ पक्ष पूरे 15 दिन तक चलते हैं पूर्णिमा तिथि से अमावस्या तिथि तक। इस दौरान पूरे-विधान के साथ पितरों का तर्पण और पिंडदान किया जाता है।

साल 2025 में पितृपक्ष (Pitru Paksha) की शुरुआत 7 सितंबर 2025, रविवार के दिन से हो रही है। इस दिन को बहुत अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पितृपक्ष के दौरान अपने पितरों की तिथि के अनुसार उनका श्राद्ध किया जाता है।

अक्सर पितरों की तिथि ज्ञात ना होने पर लोगों को श्राद्ध करने में मुश्किल का समाना करना पड़ता है। उस समय पितरों की तिथि के कारण यह समझ में नहीं आता कि उनका श्राद्ध कब और कैसे करें। अगर आपको भी पितरों की मृत्यु की तिथि याद नहीं है तो आप सर्वपितृ अमावस्या के दिन उनके नाम का श्राद्ध और पिंडदान कर सकते हैं।

सर्वपितृ अमावस्या को हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। अमावस्या की तिथि वैसे ही पितरों का तर्पण और पिंडदान करने के लिए शुभ होती है। पितृपक्ष (Pitru Paksha) के दौरान सर्वपितृ अमावस्या तिथि पर आप उन सभी के नाम का श्राद्ध कर सकते हैं जिनकी तिथि आपको मालूम नहीं है। साथ ही सर्वपितृ अमावस्या पितृ पक्ष का अंतिम दिन होता है, इस दिन सभी पितरों का आभार व्यक्त कर उनका पिंडदान कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है और उनकी आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही श्राद्ध करने से पितृ दोष समाप्त होता है। श्राद्ध कर्म को पूरे-विधि विधान से श्राद्ध करने से पितरों की कृपा और उनका आशीर्वाद घर परिवार पर बना रहता है।

Tags: pitru paksha
Previous Post

इस दिन से लग रहे हैं मृत्यु पंचक, भूलकर भी न करें ये काम

Next Post

Radhashtami: राधा रानी को लगाएं इन चीजों का भोग, जीवन में बनी रहेगी खुशियां

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Dhami
Main Slider

2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ सनातन संस्कृति का स्वर्णिम काल : मुख्यमंत्री धामी

04/05/2026
Yogi Cabinet
Main Slider

Yogi Cabinet: हाईटेंशन लाइनों पर बड़ा फैसला: अब टावर के नीचे दोगुना मुआवजा, किसानों को मिलेगा ज्यादा लाभ

04/05/2026
Yogi Cabinet
Main Slider

Yogi Cabinet: ‘एक जनपद-एक व्यंजन’ योजना लागू, नई ट्रांसफर पॉलिसी को भी मंजूरी

04/05/2026
राजनीति

ऐतिहासिक दिन, हर कार्यकर्ता की खुशी में शामिल हूं : नरेंद्र मोदी

04/05/2026
Amit Shah
Main Slider

पश्चिम बंगाल में बीजेपी की ‘ऐतिहासिक जीत’ कार्यकर्ताओं के संघर्ष का परिणाम

04/05/2026
Next Post
Radha Ashtami

Radhashtami: राधा रानी को लगाएं इन चीजों का भोग, जीवन में बनी रहेगी खुशियां

यह भी पढ़ें

Arrested

नशीला पदार्थ खिलाकर ई-रिक्शा लूटने वाले छह बदमाश गिरफ्तार

07/08/2022
Yogi government became a support for the disabled affected by leprosy

कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगों की सहारा बनी योगी सरकार

11/08/2025
एलजी पद से हटाई गईं किरण बेदी kiran bedi

किरण बेदी को पुडुचेरी उपराज्यपाल पद से हटाया गया, टी सुंदरराजन को मिला अतिरिक्त प्रभार

16/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version