प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक (Septic Tank) की सफाई के दौरान जहरीली मीथेन गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
पुलिस के अनुसार, गणेशगंज डेरी नेवादा समोगर के पास धर्मेंद्र केसरवानी के निर्माणाधीन मकान में बने सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए दो मजदूर उतरे थे। बताया जा रहा है कि टैंक करीब 15 दिनों से बंद था, जिसके कारण उसके भीतर जहरीली गैस जमा हो गई थी। टैंक में उतरते ही दोनों मजदूर बेहोश हो गए और बाहर नहीं निकल सके।
हादसे की सूचना मिलते ही एसीपी करछना, औद्योगिक थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर दोनों मजदूरों को टैंक से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और अन्य माध्यमों से उनकी शिनाख्त का प्रयास जारी है।
औद्योगिक थाना प्रभारी कुशल कुमार तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि सेप्टिक टैंक में मौजूद मीथेन गैस के कारण दोनों मजदूरों का दम घुट गया, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और मृतकों के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
