नई दिल्ली| दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय को अंतिम वर्ष के छात्रों के मॉक टेस्ट का डाटा पेश करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के आनलाइन ओपन बुक परीक्षा से पहले मॉक टेस्ट कराने का निर्देश दिया। पहले चरण का मॉक टेस्ट 27 जुलाई से शुरू होगा।
जस्टिस हीमा कोहली और एस. प्रसाद की पीठ ने डीयू से यह बताने के लिए कहा है कि इस मॉक टेस्ट में कितने छात्र शामिल हो रहे हैं, कितने प्रश्नपत्र अपलोड किए गए। इसके साथ ही दिव्यांग छात्रों के बारे में भी अलग से डाटा पेश करने को कहा है। पीठ ने मामले की सुनवाई 28 जुलाई तय करते हुए विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
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न्यायालय ने कहा कि हम देखना चाहते हैं कि आपका मॉक टेस्ट कैसा गया। इस पर डीयू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन दत्ता ने कहा है कि वह मॉक टेस्ट से जुड़े सभी आंकड़े पेश करने को तैयार है। उन्होंने पीठ को बताया कि कितने छात्र इसमें शामिल हो रहे हैं, कितने प्रश्न पत्र डाउन लोड किए गए, कितने उत्तर पुस्तिका अपलोड किए गए। पीठ ने विश्वविद्यालय को यह भी बताने के लिए कहा है कि मॉक टेस्ट में कितने दिव्यांग छात्र शामिल हो रहे हैं। पीठ ने यह आदेश प्रतीक शर्मा और अन्य की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
इससे पहले पीठ को बताया गया कि यूजीसी द्वारा अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए अनिवार्य तौर कराने के लिए विश्वविद्यालयों को जारी निर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका सर्वोच्च न्यायालय में लंबित है। डीयू के स्नातक के अंतिम वर्ष के छात्रों का ओपन बुक परीक्षा 10 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक चलेगी।