सनातन पंचांग के अनुसार, वरूथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) 4 मई को पड़ रही है। यह त्योहार वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। सनातन धर्म में एकादशी की तिथि बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन भक्त गंगा सहित पवित्र नदियों में स्नान और ध्यान करके भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। एकादशी के दिन व्रत भी रखा जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि एकादशी व्रत करने से भक्त के सभी पाप कट जाते हैं। साथ ही मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। मनचाहा वर पाना चाहते हैं, तो वरूथिनी एकादशी (Varuthini Ekadashi) की तिथि पर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करें। साथ ही पूजा के समय राशि के अनुसार मंत्रों का जाप जरूर करें।
राशि अनुसार मंत्र जप
– मेष राशि के जातकों को वरुथिनी एकादशी के दिन ‘ओम वासुदेवाय स्वाहा’ मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– वृषभ राशि के जातकों को भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए “ओम देवाय स्वाहा” मंत्र का जाप करना चाहिए।
– मिथुन राशि के जातकों को वरुथिनी एकादशी के दिन ‘ओम राधिकेशाय स्वाहा’ मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– कर्क राशि के जातकों को पूजा के दौरान “ओम अजाय स्वाहा” मंत्र का जाप करना चाहिए।
– सिंह राशि के जातकों को वरूथिनी एकादशी के दिन ‘ओम प्रशांताय स्वाहा’ मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– कन्या राशि के जातकों को भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए “ओम सुखिने स्वाहा” मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– तुला राशि के जातकों को वरुथिनी एकादशी के दिन “ओम प्रतापिने स्वाहा” मंत्र का जाप करना चाहिए।
– वृश्चिक राशि के जातकों को पूजा के दौरान ‘ओम यदवे स्वाहा’ मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– धनु राशि वाले लोगों को भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए “ॐ विष्णवे स्वाहा” मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– मकर राशि के लोगों को मनोवांछित परिणाम पाने के लिए “ओम शुभांगाय स्वाहा” मंत्र का एक माला जाप करना चाहिए।
– कुंभ राशि के जातकों को वरुथिनी एकादशी के दिन एक माला ‘ओम दयालवे स्वाहा’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
– मीन राशि के जातकों को भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए “ओम गोपाय स्वाहा” मंत्र का पांच माला जाप करना चाहिए।