• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इन चीजों के बिना अधूरा है वट सावित्री व्रत

Writer D by Writer D
25/05/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Vat Savitri Vrat

Vat Savitri Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अखंड सौभाग्य और सुख की कामना के लिए किया जाने वाला वट सावित्री (Vat Savitri) का व्रत ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन सोमवती अमावस्या भी है, जिसमें की गई पूजा और दान का विशेष फल मिलता है। 26 मई को वट सावित्री का व्रत है। इस व्रत से सौभाग्यवति महिलाओं की अखंड सौभाग्य की कामना पूरी होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत का संबंध सत्यवान और सावित्री की पौराणिक कथा से भी जुड़ी हैं। पतिव्रता सावित्री ने अपने तप और पतिव्रता धर्म से यमराज को भी झुका दिया था और मृत पति सत्यवान के प्राण यमराज से छीन लाई। तभी से यह व्रत सुहागिनों के लिए श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन गया।

क्यों होती बरगद के पेड़ की पूजा

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जिस तरह बरगद के पेड़ की उम्र लंबी होती है, उसी प्रकार उनके पति की उम्र भी लंबी हो। आध्यामिक तौर पर मानें तो बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है। यह पेड़ वर्षभर ऑक्सीजन देने वाला और जीवनदायी माना जाता है, इसलिए इसे पूजनीय माना गया है।

बांस के पंखे और टोकरी के बिना अधूरा है यह व्रत

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत के दिन बांस के टोकरी में मौसमी फल और पूजा की सामग्री रखकर ले जाती हैं। इस व्रत में बांस के पंखे का बहुत महत्व है। सबसे पहले रक्षा सूत्र बरगद के पेड़ की सात परिक्रमा के दोरान बांधा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पहले बांस के पंखे से वट वृक्ष को हवा की जाती है और बाद में पति को भी इसी पंखे से हवा की जाती है।

ऐसा कहा जाता है कि इस पंखे से हवा करने से जीवन में शीतलता, प्रेम और वंशवृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। आपको बता दें कि बांस वंश वृद्धि का प्रतीक है और इसकी शीतलता पारिवारिक सुख-शांति का आधार मानी जाती है।

Tags: vat savitri
Previous Post

नौतपा के दौरान करें ये उपाय, सूर्य देव की बरसेगी आप पर कृपा

Next Post

शनि जयंती के दिन सूर्य, बुध, शुक्र बनाएंगे राजयोग

Writer D

Writer D

Related Posts

Cake
खाना-खजाना

सभी का फेवरेट है केक, जानें अंडे रहित केक की रेसिपी

07/04/2026
Marriage
Main Slider

पति के लिए वरदान होती है ‘ऐसी’ पत्नियां, जानें वो खास गुण

01/04/2026
Chaitra Purnima
धर्म

चैत्र पूर्णिमा के दिन करें इन चीजों का दान, घर में होगा सुख समृद्धि का वास

01/04/2026
Bleach
फैशन/शैली

ब्‍लीच के बाद चेहरे पर होती है जलन, इन नुस्खों से मिलेगा आराम

31/03/2026
Cucumber Mocktail
खाना-खजाना

खीरे का सलाद नहीं बनाएं टेस्टी मॉकटेल, नोट करें ये रेसिपी

31/03/2026
Next Post
Shani

शनि जयंती के दिन सूर्य, बुध, शुक्र बनाएंगे राजयोग

यह भी पढ़ें

SIT will investigate the death of Congress worker Prabhat Pandey

कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत की जांच करेगी SIT, अजय राय से भी हो सकती है पूछताछ

21/12/2024
Rape

कोचिंग जा रही छात्रा से बलात्कार के आरोपी दो लोग गिरफ्तार

15/08/2022
Mass Suicide

आदर्श समाज बनाने के लिए धर्मगुरु ने करा दी 900 लोगों की सामूहिक सुसाइड

18/11/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version