• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मंदिर का रखवाला शाकाहारी मगरमच्छ का निधन, 70 साल से सिर्फ प्रसाद खाता था बाबिया

Writer D by Writer D
10/10/2022
in राष्ट्रीय
0
Crocodile Babiya

Crocodile Babiya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

कासरगोड। केरल के ‘शाकाहारी’ मगरमच्छ बाबिया (Crocodile Babia) का कासरगोड के श्री आनंदपद्मनाभ स्वामी मंदिर में सोमवार को निधन हो गया। यह मगरमच्छ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 75 साल से मुख्य आकर्षण का केंद्र था। मंदिर के पुजारियों के अनुसार, ‘दिव्य’ मगरमच्छ अपना अधिकांश समय गुफा के अंदर बिताता था और दोपहर में बाहर निकलता था।

एक धार्मिक मान्यता के अनुसार, मगरमच्छ बाबिया (Crocodile Babia) उस गुफा की रक्षा करता था, जिसमें भगवान गायब हो गए थे। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, बाबिया दिन में दो बार परोसे जाने वाले मंदिर के प्रसादम को खाकर ही रहता था। इसलिए उसे शाकाहारी मगरमच्छ कहा जाने लगा।

दरअसल, मान्यता है कि सदियों पहले एक महात्मा इसी श्री आनंदपद्मनाभ स्वामी मंदिर में तपस्या करते थे। इस दौरान भगवान कृष्ण बालक का रूप धरकर आए और अपने शरारतों से महात्मा को तंग करने लगे। इससे गुस्साए तपस्वी ने उन्हें  मंदिर परिसर में बने तालाब में धक्का दे दिया। लेकिन जब ऋषि को गलती का अहसास हुआ तो उन्होंने तालाब में उस बच्चे को खोजा, लेकिन पानी में कोई नहीं मिला और एक गुफानुमा दरार दिखाई दी। माना गया कि भगवान उसी गुफा से गायब हो गए थे। कुछ समय बाद उसी गुफा से निकलकर एक मगरमच्छ बाहर आने लगा।

सैफई पहुंचा ‘नेताजी’ का पार्थिव शरीर, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

मगरमच्छ बाबिया (Crocodile Babia) तालाब में रहने के बावजूद मछलियां और दूसरे जलीय जीवों को नहीं खाता था। दिन में दो बार वह भगवान के दर्शन करने निकलता था और भक्तों को बांटे जाने वाले चावल और गुड़ के ‘प्रसादम’ को खाकर रहता था।  बाबिया ने आजतक किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और वह मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए फल इत्यादि शांति से खा लेता था। फिर पुजारी के इशारा करते ही तालाब में बनी गुफानुमा दरार में जाकर बैठ जाता था।

बता दें कि मंदिर परिसर के अंदर बने तालाब में रहने वाले बाबिया की तस्वीरें काफी वायरल हो चुकी हैं। कोई नहीं जानता था कि बाबिया तालाब में आखिर कैसे और कहां से आया था? और सालों तक मंदिर के भक्त यही सोचते रहे कि बाबिया स्वयं भगवान पद्मनाभन का दूत है।

Tags: Crocodile BabiaKeral NewsNational news
Previous Post

सैफई पहुंचा ‘नेताजी’ का पार्थिव शरीर, सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

Next Post

मुलायम सिंह के निधन से समाजवाद के प्रमुख स्तंभ एवं संघर्षशील युग का अंत: सीएम योगी

Writer D

Writer D

Related Posts

Harman
पंजाब

भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमन दरबार साहिब में हुए नतमस्तक

07/07/2026
Under the Mukhyamantri Vatsalya Scheme, Rs 4.39 crore has been released through DBT.
उत्तराखंड

मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत 4.39 करोड़ रुपये डीबीटी से जारी

07/07/2026
Delhi Rain
Main Slider

काले बादलों से घिरी दिल्ली, कई इलाकों में बारिश शुरू

07/07/2026
Ahmedabad Serial Blast Case
Main Slider

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट केस: 38 आतंकियों को राहत नहीं, फांसी की सजा बरकरार

07/07/2026
Anil Vij-JP Nadda
हरयाणा

जेपी नड्डा से मिले अनिल विज, पुराने रिश्तों की दिखी मिठास

07/07/2026
Next Post
mulayam singh

मुलायम सिंह के निधन से समाजवाद के प्रमुख स्तंभ एवं संघर्षशील युग का अंत: सीएम योगी

यह भी पढ़ें

Yogi Adityanath

जर्जर सरकारी भवन और स्कूल तुरंत ठीक हों : सीएम योगी

05/01/2021
Murder

हत्या के सात दोषियों को उम्रकैद, ढाई लाख का जुर्माना

20/03/2024
Fake gutkha factory

नकली गुटखा बनाने के फैक्ट्री का पर्दाफाश, दो संचालक गिरफ्तार

19/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version