ब्रिस्बेन। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन में खेले जा रहे चौथे और निर्णायक टेस्ट मैच रोमांचक होता जा रहा है। तीसरे दिन की शुरुआत में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत के युवा ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के आगे बेबस नजर आई। अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे तमिलनाडु के 21 वर्षीय सुंदर ने पहले गेंद और फिर बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया है।
पहली पारी में तीन अहम विकेट चटकाने के बाद वाशिंगटन सुंदर ने विपरीत हालातों में फंसी टीम को उबारा। भारतीय टीम 186 रन पर छह विकेट गंवा चुकी थी। फिर वाशिंगटन ने शार्दुल ठाकुर के साथ मिलकर 217 गेंदों का सामना किया और सातवें विकेट के लिए 123 रन जोड़े। अपने टेस्ट करियर की पहले मैच में ही अर्धशतक ठोका।
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सुंदर ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 144 गेंदों में 62 रन बनाए हैं। इस तरह वह डेब्यू टेस्ट में सातवें क्रम पर सबसे बड़ी पारी खेलने वाले चौथे भारतीय बल्लेबाज बन गए है। उन्होंने 62 रन बनाते ही दिलावर हुसैन का 87 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। तब दिलावर ने 1934 में इंग्लैंड के खिलाफ 57 बनाए थे। इस मामले में शीर्ष पर अभी भी राहुल द्रविड़ ही काबिज हैं। द्रविड़ ने 1996 में इंग्लैंड के खिलाफ 95 रनों की पारी खेली थी।
यही नहीं सुंदर अब अपने डेब्यू मैच की पहली पारी में तीन से अधिक विकेट और 50 से अधिक रन बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं। इसमें भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह कारनामा करने वाले वे सिर्फ दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले दत्तू फाडकर ने 1947 और हनुमा विहारी ने 2018 में यह उपलब्धि हासिल की थी।
तीसरे दिन का खेल खत्म होने पर ऑस्ट्रेलिया ने छह ओवर्स में बिना कोई विकेट खोए 21 रन बना लिए। भारत की पहली पारी यानी 336 रन के आधार पर मेजबान अब 54 रन की बढ़त पर है। भारतीय पारी का आकर्षण वाशिंगटन सुंदर (62) और शार्दुल ठाकुर (67) के बीच सातवें विकेट की साझेदारी रही। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से जोश हेजलवुड ने 57 रन देकर पांच विकेट लिए।








