हिंदू धर्म में श्रावण माह (Sawan Month) का विशेष महत्व है। साल 2025 में सावन का महीना 11 जुलाई, 2025 से शुरू होने वाला है। श्रावण माह में हर दिन का अपना महत्व है इस माह में पड़ने वाले व्रत, त्योहार अपना धार्मिक महत्व रखते हैं। सावन के माह में कांवड़ यात्रा (Kawad Yatra) का भी विशेष महत्व है। भगवान के भक्तों द्वारा की जाने वाली यह प्रसिद्ध तीर्थ यात्रा है।
साल 2025 में कावड़ यात्रा (Kawad Yatra) की शुरूआत सावन माह शुरू होने के साथ ही हो जाएगी, यानि 11 जुलाई को सावन माह के साथ इस यात्रा आरंभ हो जाएगा। लेकिन कावड़ यात्रा का जल सावन में सावन माह की शिवरात्रि (Sawan Shivratri) पर चढ़ाया जाता है। साल 2025 में सावन माह की शिवरात्रि 23 जुलाई, बुधवार के दिन पड़ रही है।
हिंदू पंचाग में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि के रूप में पूजा जाता है। साल में कुल 12 मासिक शिवरात्रि पड़ती हैं। सावन में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भोलेनाथ के लिए व्रत किया जाता है और इस दिन कावड़ जल श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर अर्पित करते हैं। इस दिन को सावन शिवरात्रि या श्रावण शिवरात्रि कहते हैं।
सावन शिवरात्रि 2025 तिथि
चतुर्दशी तिथि की शुरूआत 23 जुलाई, 2025 सुबह 4.39 पर होगी
चतुर्दशी तिथि समाप्त 24 जुलाई, 2025 को रात 2.28 मिनट पर होगी।
इसीलिए सावन माह में भोलेनाथ को जल 23 जुलाई, 2025 बुधवार को चढ़ेगा।
कावड़ यात्रा (Kawad Yatra)
सावन के माह में कावड़ यात्रा (Kawad Yatra) का विशेष महत्व होता है। कावड़ यात्रा को भगवान शिव के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा माना जाता है। भक्त पवित्र नदियों से जल भरकर शिव मंदिरों के शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। इस यात्रा की शुरूआत सावन माह की शुरूआत के साथ ही हो जाती है। इस यात्रा के दौरान भोलेनाथ के भक्त नंगे पैर, पैदल चलकर तीर्थ स्थान पर कांवड़ लेकर जाते हैं और कांवड़ भरकर लाते हैं।







