चैत्र मास की प्रतिपदा तिथि से ये नवरात्रि शुरू होती है। चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है कलश स्थापना करना, जोकि पहले ही दिन की जाती है। इसके बाद नौ दिनों तक माता दुर्गा के 09 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान भक्त उपवास करते हैं। माता को अलग-अलग तरह के पकवानों का भोग लगाते हैं। नवरात्रि के दिनों में माता अपने भक्तों के दुख हरने के लिए आती हैं।
नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का दिन बहुत विशेष माना जाता है। इस दौरान भक्त कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उन्हें घर आने के लिए आमंत्रित करते हैं और फिर उन्हें भोग-प्रसाद खिलाते हैं। हालांकि, इस बार लोगों के मन में चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) की तारीख को लेकर संशय है कि ये 19 से शुरू हो रही है या 20 मार्च से। ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि की सही तारीख और कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त।
चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) कब से है?
पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 20 मार्च को सुबह 04 बजकर 52 मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ 19 मार्च से होगा। 27 मार्च को रामनवमी के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन हो जाएगा।
चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) 2026 कलश स्थापना शुभ मुहूर्त
इस साल चैत्र नवरात्र पर कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त रहने वाले हैं। 19 मार्च के दिन पहला शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगा। ये मुहूर्त सुबह 07 बजकर 43 मिनट पर खत्म होगा। इस दिन दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना संभव होगी। कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 05 मिनट पर शुरू होगा। ये मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 53 मिनट तक रहेगा।








