• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

पितृ पक्ष में कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि एवं महत्व

Writer D by Writer D
14/09/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Shukra Pradosh

Shukra Pradosh

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में प्रदोष (Pradosh) व्रत का विशेष महत्व है। प्रदोष व्रत भगवान शिव के लिए रखा जाता है। साल 2025 में आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। हर माह में दो बार प्रदोष व्रत पड़ता है—पहला कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को। साल 2025 में सितंबर में पड़ने वाला प्रदोष व्रत शुक्र प्रदोष व्रत है। यह सितंबर माह का दूसरा प्रदोष व्रत होगा।

सितंबर का दूसरा प्रदोष (Pradosh) व्रत इसलिए भी खास है क्योंकि यह व्रत पितृ पक्ष के दौरान पड़ रहा है। आइए जानते हैं सितंबर में कब पड़ेगा दूसरा प्रदोष व्रत और पितृ पक्ष में इसकी पूजन विधि।

आश्विन माह कृष्ण त्रयोदशी 2025 तिथि

त्रयोदशी तिथि की शुरुआत: 18 सितंबर 2025, गुरुवार, रात 11:24 बजे
त्रयोदशी तिथि का समापन: 19 सितंबर 2025, शुक्रवार, रात 11:36 बजे

प्रदोष (Pradosh) काल में पूजा का समय

इस दिन प्रदोष काल में पूजा का समय शाम 6:21 मिनट से रात 8:43 मिनट तक रहेगा। कुल अवधि 2 घंटे 27 मिनट की होगी।
पितृ पक्ष में पड़ने वाले प्रदोष व्रत को करने से भगवान शिव के साथ-साथ पितरों का भी आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसे पितरों की शांति और मोक्ष के लिए विशेष फलदायी माना जाता है।

शुक्र प्रदोष (Shukra Pradosh) व्रत का महत्व

प्रदोष (Pradosh) व्रत रखने से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही, इस बार यह व्रत शुक्रवार को पड़ रहा है। मान्यता है कि इस दिन यदि पति-पत्नी दोनों साथ मिलकर यह व्रत करें तो दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। वहीं, अविवाहित लोगों को मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त हो सकता है।

शुक्र प्रदोष (Shukra Pradosh) व्रत पूजन विधि

– त्रयोदशी तिथि के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत संकल्प लें।
– पूजा स्थल को स्वच्छ करें।
– पूजा स्थान पर शिवलिंग स्थापित करें।
– शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं।
– चंदन का लेप लगाएं और बेलपत्र, धतूरा व फूल अर्पित करें।
– भगवान शिव और माता पार्वती को सफेद मिठाई और फल का भोग लगाएं।
“ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें।
– प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें।
– शिव-पार्वती की आरती करें।

Tags: pitru pakshaPradosh
Previous Post

सर्वपितृ अमावस्या बनाएं दान की टोकरी, पितरों के आशीर्वाद से घर में होगा सुख-समृद्धि का वास

Next Post

इस दिन से शुरू हो रहे है शारदीय नवरात्रि, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

Writer D

Writer D

Related Posts

फैशन/शैली

Selfie में दिखेंगी परफेक्ट, ट्राई करें ये टिप्स

12/07/2026
Orange Face Pack
फैशन/शैली

इस फल का करें फेस पर इस्तेमाल, मिलेगा जादुई ग्लो

12/07/2026
Old Socks
फैशन/शैली

पुराने मोजों का ऐसे करें रियूज, लाइफ हैक देख चौंक जाएंगे सब

12/07/2026
Dark Elbows
फैशन/शैली

कोहनी के कालेपन को दूर करने के लिए आजमाएं ये उपाय

12/07/2026
Friendship
फैशन/शैली

ऐसे लोगों बर्बाद कर देंगे जीवन, कभी न करें इनसे दोस्ती

12/07/2026
Next Post
Kalash Sthapana

इस दिन से शुरू हो रहे है शारदीय नवरात्रि, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

यह भी पढ़ें

Happy Wife

खुशहाल जीवन के तीन मंत्र, आनंद में वचन, क्रोध में उत्तर और दुख में निर्णय मत लीजिए

15/11/2021

आज जम्मू पहुंचेगी महबूबा मुफ्ती, पार्टी प्रतिनिधिमंडलों से करेंगी मुलाक़ात

05/11/2020
murder

चचेरे भाई की भाला मारकर हत्या, हत्यारोपी दो भाई गिरफ्तार

20/12/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version