• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

माघी पूर्णिमा के स्नान के साथ ही संयम, श्रद्धा एवं कायाशोधन का कल्पवास समाप्त

Writer D by Writer D
27/02/2021
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, ख़ास खबर, धर्म, प्रयागराज
0
kalpvas

kalpvas

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अमृत से सिंचित और पितामह ब्रह्मदेव के यज्ञ से पवित्र पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अन्त स्वरूप सलिला के रूप में प्रवाहित सरस्वती के संगम क्षेत्र में माघी पूर्णिमा स्नान के साथ ही एक माह का संयम, अहिंसा, श्रद्धा एवं कायाशोधन का कल्पवास भी समाप्त हो गया।

पुराणों और धर्मशास्त्रों में कल्पवास को आत्मा शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए जरूरी बताया गया है। यह मनुष्य के लिए आध्यात्म की राह का एक पड़ाव है जिसके जरिए स्वनियंत्रण एवं आत्मशुद्धि का प्रयास किया जाता है। हर वर्ष श्रद्धालु एक महीने तक संगम के विस्तीर्ण रेती पर तंबुओं की आध्यात्मिक नगरी में रहकर अल्पाहार, तीन समय गंगा स्नान, ध्यान एवं दान करके कल्पवास करते है।

हंडिया के टेला ग्राम निवासी रमेश चतुर्वेदी संगम लोअर मार्ग पर शिविर में रहकर 20 साल से पत्नी के साथ सेवा का कल्पवास कर रहे हैं। सेवा परमोधर्म : का भाव लेकर लोकतंत्र में धर्मतंत्र की स्थापना के लिए प्रयासरत है। इनका मानना है कि अकेला चना भाड़ नहीं तोड सकता लेकिन किसी को तो आगे बढ़कर प्रयास करना ही होगा।

हॉस्टल की छत से गिरकर मेडिकल छात्रा की मौत, परिवार में मचा कोहराम

श्री चतुर्वेदी ने बताया कि संगम क्षेत्र में एक माह तक जो भी आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव मिलता है, उसका वर्णन नहीं जा किया जा सकता केवल महसूस किया जाता है। यह सौभाग्य अब फिर 11 माह बाद मिल सकेगा भी या नहीं कुछ नहीं कह सकते। यह जरूर कह सकते है कि वह जब जिसे चाहेंगी। किसी भी परिस्थिति में अपने पास बुला ही लेंगी।

उन्होने बताया कि कल्पवास के पहले शिविर के मुहाने पर तुलसी और शालिग्राम की स्थापना कर नित्य पूजा करते हैं। कल्पवासी परिवार की समृद्धि के लिए अपने शिविर के बाहर जौ का बीज अवश्य रोपित करता है। कल्पवास समाप्त होने पर तुलसी को गंगा में प्रवाहित कर देते हैं और शेष को अपने साथ ले जाते हैं।

ट्रक-टैंकर की आमने-सामने की टक्कर से लगी आग, ड्राइवर व कंडक्टर की जलकर मौत

श्री चतुर्वेदी ने बताया कि भारत की आध्यात्मिक सांस्कृतिकए सामाजिक एवं वैचारिक विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोने वाला माघ मेला भारतीय संस्कृति का द्योतक है। इस मेले में पूरे भारत की संस्कृति की झलक देखने को मिलती है। उन्होने बताया कि शनिवार को माघी पूर्णिमा स्नान के साथ एक माह का कल्पवास समाप्त हुआ।

Tags: kalpvasMagh PurnimaMagh Purnima 2021Prayagraj Newsup news
Previous Post

काशीनगरी में सियासी हस्तियों का जमावड़ा, धर्मेंद्र प्रधान, प्रियंका गांधी, अखिलेश टेकेंगे मत्था

Next Post

माघ पूर्णिमा: संगम तट पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा

Writer D

Writer D

Related Posts

De Tan
Main Slider

फेस पैक से पाएं खूबसूरत चेहरा

14/06/2026
Dreams
धर्म

जीवन में समस्याओं से घिरने का संकेत देता हैं सपने में इनका दिखना

14/06/2026
left eyes winking
धर्म

महिलाओं की ये आंख फड़कना होता है शुभ या अशुभ, यहां जानें

14/06/2026
Puja Ghar
Main Slider

पूजा घर से बनी रहेगी सकारात्मक ऊर्जा, जानें कैसा हो मंदिर

14/06/2026
Plants
धर्म

इन पौधों में माना जाता हैं दैवीय शक्तियों का वास, घर में होता हैं खुशियों का आगमन

14/06/2026
Next Post
flower showers on devotee

माघ पूर्णिमा: संगम तट पर श्रद्धालुओं पर हेलीकॉप्टर से की गई पुष्प वर्षा

यह भी पढ़ें

Perfume

गर्मियों में ऐसे लगाएं परफ्यूम, देर तक टिकी रहेगी खुशबू

14/04/2024
Kukrail Night Safari

सिंगापुर की तर्ज पर लखनऊ में बनेगी देश की पहली नाईट सफारी

16/08/2022
Governor Gurmeet Singh

राज्यपाल ने सुरक्षाबलों के जवानों से पूछी उनकी कुशलक्षेम, बढ़ाया हौसला

27/05/2023
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version