• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

महाशिवरात्रि पर इस विधि से करें पूजा, महादेव होंगे प्रसन्न

Writer D by Writer D
21/02/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Mahashivratri

Mahashivratri

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

इस बार महाशिवरात्रि (Mahashivratri ) का पर्व 26 फरवरी बुधवार को मनाया जाएगा। भोलेनाथ का जलाभिषेक 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 मिनट से शत्रुनाशक परिघ योग व शुभ की चौघड़िया में प्रारंभ होगा। निर्णयसिंधु व धर्मसिंधु ग्रंथों सहित स्कन्द पुराण, शिव पुराण, लिंगपुराण, नारदसंहिता आदि धर्मग्रंथों के अनुसार फाल्गुन कृष्ण पक्ष में जिस दिन आधीरात के पहले व आधीरात के बाद चतुर्दशी तिथि प्राप्त हो वही महाशिवरात्रि है, इस दिन प्रदोषकाल युक्त हो तो श्रेष्ठ है।

इस समय शिवरात्रि (Mahashivratri ) का व्रत करके पूर्ण फल प्राप्त करें। चतुर्दशी तिथि 26 फरवरी को सुबह 11 बजकर 8 बजे श्रवणनक्षत्र के साथ शुरु होकर सायंकाल 5 बजकर 23 से धनिष्ठा नक्षत्र लगने के बाद 27 फरवरी को सुबह 8 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

धर्मग्रंथों के अनुसार महाशिवरात्रि निशीथकालीन पर्व है अत: 26 फरवरी को ही पूर्णत: श्रेष्ठ शास्त्रोंचित समस्त शुभ फल प्रदान करने वाला महाशिवरात्रि है। इस दिन जलाभिषेक के साथ दुग्धाभिषेक, रुद्राभिषेक व पूजन समस्त भक्तों के लिए अत्यंत शुभ फल देने व कल्याण करने वाला होगा।

इस दिन प्रदोषकाल में भी पूजन अवश्य करें। भगवान भोलेनाथ का अभिषेक गंगाजल से, गाय के दूध से, गन्ने के रस से करना उत्तम रहेगा। पूजन में बेलपत्र, भांग, धतूरा व फूल, आंक, शमी पुष्प व पत्र, कनेर का फूल, कलावा व फल, सफ़ेद मिष्ठान आदि के साथ मनोकामना पूर्ति के लिए पूजन में अक्षत, तिल के साथ नीले, सफ़ेद व पीले पुष्प व दूर्वा भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है, इसलिए इन्हें अवश्य चढ़ाएं।

जिस भी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष या राहु की नकारात्मक स्थति है, उन्हें महाशिवरात्रि को चांदी अथवा तांबे के नाग-नागिन का जोड़ा भी अवश्य चढ़ाना चाहिए तथा रुद्राभिषेक भी कराना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन चार प्रहर रुद्राभिषेक पूजन भी विधान है जिससे समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। महाशिवरात्रि पूजन में भद्रा विचार नहीं लिया जाता है।

Tags: mahashivratri
Previous Post

विजया एकादशी के दिन करें भगवान विष्णु की पूजा, नौकरी व व्यापार में मिलेगी उन्नति

Next Post

शनि राशि परिवर्तन करने से पहले करेंगे नक्षत्र परिवर्तन, ये जातक रहे अलर्ट

Writer D

Writer D

Related Posts

Semolina
फैशन/शैली

खाने के सामान में पड़ जाते हैं कीड़े, तो आजमाए ये उपाय

29/04/2026
turmeric
धर्म

किचन में ये दो चीजें कभी न रखें एक साथ, शुरू हो जाएगा घर में क्लेश

29/04/2026
Hair
फैशन/शैली

बालों में तेल लगाकर सोना हो सकता है खतरनाक

29/04/2026
CM Dhami
Main Slider

“अब नारी चुप नहीं रहेगी”—मुख्यमंत्री की मशाल यात्रा से चेतावनी

28/04/2026
CM Dhami
Main Slider

मदरसों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने का काम किया गया : मुख्यमंत्री धामी

28/04/2026
Next Post
Shani

शनि राशि परिवर्तन करने से पहले करेंगे नक्षत्र परिवर्तन, ये जातक रहे अलर्ट

यह भी पढ़ें

Priyanka Gandhi

योगी सरकार से किसी को नहीं है न्याय की उम्मीद : प्रियंका गांधी

10/10/2021
Bihar Board Result

राजस्थान बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जारी, ऐसे से करें डाउनलोड

01/06/2022
Poster

भाजपा प्रत्याशी ने पोस्टर अब लिखा पर कुछ ऐसा की मच गया हंगामा

08/11/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version