• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

योगी सरकार का ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ बना दूसरे प्रदेशों के लिए मॉडल

Writer D by Writer D
25/05/2025
in Main Slider, उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली, राजनीति, राष्ट्रीय, लखनऊ
0
Project Alankar

Project Alankar

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने रविवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एनडीए मुख्यमंत्रियों की बैठक में राज्य की अति महत्वपूर्ण योजना ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ (Project Alankar) की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया। बैठक में मौजूद एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस परियोजना की सराहना की और कई राज्यों ने इसे अपने यहां लागू करने की इच्छा भी जताई।

प्रोजेक्ट अलंकार (Project Alankar) परियोजना उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शुरू की गई है। बैठक का मकसद राज्यों के बीच अच्छे शासन के तरीकों को साझा करना था, जिसमें यूपी के प्रोजेक्ट अलंकार ने सबका ध्यान आकर्षित किया।

1 अक्टूबर, 2021 को शुरू हुई थी परियोजना

बता दें कि प्रोजेक्ट अलंकार (Project Alankar) की शुरुआत 1 अक्टूबर, 2021 को हुई थी। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश के 2,441 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में 35 पैरामीटर्स की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करना है।

इस परियोजना के जरिए स्कूलों में नई कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, साफ पानी और शौचालय जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि छात्रों को पढ़ने के लिए अच्छा और स्वच्छ माहौल मिले। इस योजना के लिए पैसा राज्य सरकार, समग्र शिक्षा, ग्राम पंचायत, शहर के निकाय, कंपनियों के सामाजिक योगदान और लोगों की मदद से आता है। इसकी देखरेख जिला स्तर पर जिलाधिकारी और राज्य स्तर पर शिक्षा निदेशक की अगुआई वाली समितियां करती हैं।

स्कूल आने और पढ़ने के लिए उत्साह दिखा रहे बच्चे

2024 की वार्षिक शिक्षा स्थिति रिपोर्ट (एएसईआर) में बताया गया है कि ”स्पष्ट रूप से उत्तर प्रदेश के स्कूलों में कुछ ऐसा हो रहा है, जिससे बच्चे स्कूल आकर सीखना चाहते हैं”। 2022-23 से 2024-25 के बीच माध्यमिक स्कूलों में नामांकन 23 प्रतिशत बढ़ा है। प्राथमिक स्कूलों (कक्षा 1-5) में 2010 से 2024 तक उपस्थिति 11.5 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं उच्च प्राथमिक स्कूलों में 2018 से 2024 तक उपस्थिति 9.6 प्रतिशत बढ़ी, जो देश में सबसे ज्यादा है। पुस्तकालय का इस्तेमाल 55.2 प्रतिशत और लड़कियों के शौचालय की सुविधा 54.4 प्रतिशत बढ़ी है।

इस परियोजना में मुख्यमंत्री मॉडल स्कूल (प्री-प्राइमरी से कक्षा 12) और मुख्यमंत्री अभ्युदय स्कूल (प्री-प्राइमरी से कक्षा 8) भी बनाए जा रहे हैं। इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं हैं, जैसे छोटे बच्चों के लिए अलग इमारत, स्टेम लैब, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास, खेल का मैदान, मिनी स्टेडियम, सौर पैनल और पानी बचाने की इकाइयां। अभ्युदय स्कूलों के लिए हर स्कूल को 1.42 करोड़ रुपये दिए गए हैं, जो 450 छात्रों के लिए तैयार किए गए हैं।

वहीं इस योजना के तहत प्रदेश के 7 जिलों में स्थित 11 संस्कृत विद्यालयों में कक्षा और कक्षों का निर्माण, जीर्णोद्धार, लैब और अन्य अवस्थापना सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। योगी सरकार ने 141 संस्कृत विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 14.94 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है।

ये हैं 35 पैरामीटर्स, जिनके तहत सरकारी स्कूलों का हो रहा कायाकल्प

प्रोजेक्ट अलंकार (Project Alankar) के तहत उत्तर प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 35 महत्वपूर्ण पैरामीटर्स को सुनिश्चित किया गया है। इनमें स्मार्ट क्लास शामिल हैं, जहां डिजिटल बोर्ड और प्रोजेक्टर जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग होता है। इसके अलावा, एकीकृत विज्ञान प्रयोगशाला, जीवविज्ञान, रसायन विज्ञान और भौतिकी के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा प्रदान करती हैं। पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब पढ़ाई और तकनीकी कौशल के लिए उपलब्ध हैं, जबकि बहुउद्देशीय हॉल स्कूल के कार्यक्रमों और गतिविधियों के लिए बनाया गया है।

प्रधानाचार्य और शिक्षकों के लिए अलग-अलग कक्ष, छात्रों के लिए डेस्क-बेंच फर्नीचर और मध्याह्न भोजन के लिए नल के पानी की सुविधा वाली रसोई भी शामिल है। कक्षाओं में टाइल्स, साइकिल स्टैंड और रेलिंग के साथ रैंप जैसी सुविधाएं स्कूल को आधुनिक और सुलभ बनाती हैं। सुरक्षित पेयजल और नल के पानी की आपूर्ति के साथ-साथ लड़कों, लड़कियों और दिव्यांगों के लिए अलग-अलग शौचालय और मूत्रालय और इनमें टाइल्स का उपयोग स्वच्छता सुनिश्चित करता है।

इसके अतिरिक्त, खेल का मैदान, बरामदा, बिजली कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, बाउंड्री वॉल, मुख्य द्वार, हरियाली के लिए जगह, स्टोर रूम, मध्याह्न भोजन क्षेत्र, स्टेज, कर्मचारी कक्ष, गार्ड रूम, और डीप फ्रीजर जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

Tags: project alankarYogi News
Previous Post

पीएम ने की यूपी के रिकॉर्ड ब्रेकर खिलाड़ियों और हनी उद्यमियों की प्रशंसा

Next Post

मोदी-योगी ने जल जीवन मिशन से बदली बुंदेलखंड की दशा-दिशा

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Nayab Singh Saini met the PM Modi
राजनीति

CM नायब सैनी ने प्रधानमंत्री मोदी से की मुलाकात

02/04/2026
Raghav Chadha
Main Slider

Raghav Chadha पर AAP का बड़ा एक्शन, उपनेता पद से हटे, बोलने पर भी रोक

02/04/2026
उत्तर प्रदेश

जरूरतमंद को आवास और बीमार के इलाज की होगी व्यवस्था: मुख्यमंत्री

02/04/2026
CM Vishnudev Sai
Main Slider

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान जगन्नाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

01/04/2026
CM Vishnudev Sai
राजनीति

सभी समाजों के सहयोग से ही विकसित छत्तीसगढ़ का सपना होगा साकार: मुख्यमंत्री

01/04/2026
Next Post
Jal Jeevan Mission

मोदी-योगी ने जल जीवन मिशन से बदली बुंदेलखंड की दशा-दिशा

यह भी पढ़ें

UPPSC

सरकारी विभागों में 711 पदों पर भर्ती परीक्षा नवम्बर में होगी आयोजित

26/09/2020
Nails

सुंदर नाखूनों से आपके हाथों की बढ़ जाएगी खूबसूरती

04/09/2025
डोनाल्ड ट्रंप Donald trump

मुझे उम्मीद है कि रुस का कोरोना टीका काम करेगा : राष्ट्रपति ट्रंप

15/08/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version