• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

लंपी वायरस पर योगी का वार

Writer D by Writer D
02/09/2022
in उत्तर प्रदेश, लखनऊ
0
Lumpy Virus

Lumpy Virus

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

लखनऊ। पालतू पशु खासकर गायों में फैल रहे लंपी वायरस (Lumpi Virus) की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) तमाम उपाय कर रही है। इसके तहत वायरस से प्रभावित जनपदों में 17 लाख 50 हजार से अधिक टीके उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, बायो फेंसिंग के लिए रिंग वैक्सीनेशन (Ring Vaccination) की शुरुआत कर दी गई है।

उधर, प्रदेश सरकार ने 7 मंडलों में सीनियर नोडल अधिकारियों को तैनात करने का फैसला किया है। शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को मंडलों में भ्रमण करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद ये अधिकारी 4 सितंबर तक मुख्यमंत्री को पूरी रिपोर्ट सौपेंगे। रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री योगी वायरस (Lumpi Virus) के खिलाफ अभियान में नई रणनीति पर फैसला लेंगे। दरअसल प्रदेश के 21 जिलों में 25 गो आश्रय केंद्र हैं। इन गो आश्रय केंद्रों में हजारों गाय हैं। सरकार इन गायों को लंपी वायरस से बचाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

जिलों में बनाए गए कंट्रोल रूम

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में लंपी वायरस (Lumpi Virus) से बचाने के लिए पशुओं का टीकाकरण किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने जिस तरह से कोविड काल में कोविड कंमाड सेंटर बनाया था, कुछ उसी तर्ज पर लंपी वायरस (Lumpi Virus) से बचाव के लिए कई जिलों में कंट्रोल रुम बनाया गया है। ये कंट्रोल रूम लगातार 24 घंटे काम कर रहे हैं। यहां लंपी वायरस की मॉनीटरिंग की जा रही है। कंट्रोल रूम में वायरस के प्रभाव और संक्रमण के प्रसार पर नजर रखी जा रही है।

ड्रग माफिया के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर टेढ़ी नजर

गायों पर सबसे ज्यादा असर

लंपी वायरस संक्रमण (Lumpi Virus) की सबसे ज्यादा शिकार गायें हो रही हैं। भैंसो में इसका संक्रमण न के बराबर है। इस वायरस से संक्रमित पशुओं के नाक और मुंह से पानी व लार गिरने लगती है। तेज बुखार होता है और ऐसे जानवर भोजन छोड़ देते है। ऐसे पशुओं की चमड़ी के नीचे पहले छोटे-छोटे दाने निकलना शुरु हो जाते हैं। यह दाने घाव में बदल जाते हैं। यह अधिकतर मवेशियों के मुंह और गर्दन के पास पाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी रोकथाम और उपचार को लेकर दिशा निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं। पशुओं के हाट/मेले पर रोक समेत कई उपाय किये गये हैं।

Tags: Lumpi VirusLumpi Virus casesLumpi Virus in upYogi News
Previous Post

ड्रग माफिया के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट पर टेढ़ी नजर

Next Post

बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का रिजल्ट जारी, 7973 अभ्यर्थी सफल

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Yogi
Main Slider

संत किसी विधर्मी के सामने विचलित नहीं होते, हमारी सरकार ने ही संभल को संभालाः सीएम योगी

07/04/2026
Cabinet approves Forestry and Horticulture University in Gorakhpur
उत्तर प्रदेश

गोरखपुर में वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय को कैबिनेट की मंजूरी

07/04/2026
UP Cabinet
उत्तर प्रदेश

योगी कैबिनेट ने औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन पैकेज पर लगाई मुहर

07/04/2026
CM Yogi
Main Slider

मुख्यमंत्री योगी ने किया 6466.37 करोड़ रुपये की 325 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास

07/04/2026
Gorakhpur Nagar Nigam
उत्तर प्रदेश

सीएम योगी का विजन: देश में मॉडल बना गोरखपुर नगर निगम

07/04/2026
Next Post
Bihar Police

बिहार पुलिस कांस्टेबल परीक्षा का रिजल्ट जारी, 7973 अभ्यर्थी सफल

यह भी पढ़ें

बेकिंग सोडा से अपनी सुंदरता में लाये नयी निखार, ऐसे करे उपयोग

12/01/2022
FIR lodge

नाली विवाद में कन्नौज में तैनात दो पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

15/07/2021
अजय कुमार लल्लू ajay kumar lallu

धान किसान बिचौलियों के हाथों ठगे जाने को मजबूर हैं : लल्लू

16/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version