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यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी की बढ़ी मुश्किलें, ED ने जब्त की लग्जरी गाड़ियां

anurag dwivedi

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प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की कोलकाता जोनल ऑफिस ने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ED ने 31 दिसंबर 2025 और 1 जनवरी 2026 को दिल्ली, मुंबई, सूरत, लखनऊ और वाराणसी में कुल 9 ठिकानों पर छापेमारी की। ये सभी ठिकाने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी (Anurag Dwivedi) से जुड़े बताए जा रहे हैं।

ED की कार्रवाई के दौरान अनुराग द्विवेदी (Anurag Dwivedi) की दो लग्जरी गाड़ियां लैंड रोवर डिफेंडर और BMW Z4 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA), 2002 के तहत जब्त किया गया। इसके अलावा कई अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी कब्जे में लिए गए हैं। इससे पहले, 17 दिसंबर 2025 को भी ED ने लखनऊ, उन्नाव और दिल्ली में अनुराग द्विवेदी से जुड़े 10 ठिकानों पर छापे मारे थे। उस कार्रवाई में लैम्बॉर्गिनी उरुस, मर्सिडीज, फोर्ड एंडेवर और थार समेत चार महंगी गाड़ियां जब्त की गई थीं। साथ ही करीब 20 लाख रुपये नकद, कई दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस भी बरामद हुए थे।

पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR पर शुरू की जांच

जांच में सामने आया कि अनुराग द्विवेदी (Anurag Dwivedi) ने हवाला के जरिए दुबई में रियल एस्टेट में निवेश किया है। इसके अलावा करीब 3 करोड़ रुपये की चल संपत्ति, जिसमें इंश्योरेंस पॉलिसी, फिक्स्ड डिपॉजिट और बैंक बैलेंस शामिल हैं। इन सभी को PMLA की धारा 17(1A) के तहत फ्रीज किया गया। ED ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस की FIR के आधार पर शुरू की थी। जांच में पता चला कि सिलिगुड़ी से सोनू कुमार ठाकुर और विशाल भारद्वाज नाम के आरोपी ऑनलाइन सट्टेबाजी का पैनल चला रहे थे। इसके लिए फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया जा रहा था।

दुबई में प्रॉपर्टी खरीदी

ED की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि यूट्यूबर अनुराग द्विवेदी (Anurag Dwivedi) ने अवैध सट्टेबाजी ऐप्स का खुलेआम प्रचार किया था। बदले में हवाला और म्यूल अकाउंट्स के जरिए अपराध की कमाई हासिल की और उसी पैसे से दुबई में प्रॉपर्टी खरीदी। जांच एजेंसी के मुताबिक, अनुराग द्विवेदी फिलहाल भारत छोड़कर दुबई में रह रहा है और कई समन जारी होने के बावजूद ED के सामने पेश नहीं हुआ है।

वहीं इस मामले में पहले ही ED तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और 1 अगस्त 2025 को कोलकाता की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट (प्रोसिक्यूशन कंप्लेंट) दाखिल की जा चुकी है। अब तक इस केस में करीब 27 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।

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